गंगापुर सिटी पहुंचे अब्दुल खालिक, बोले- पुरानी पेंशन बहाली तक जारी रहेगी लड़ाई
बेस्ट सेंट्रल रेलवे मजदूर संघ मंडल सचिव अब्दुल खालिक ने गंगापुर सिटी में रेल कर्मचारियों को संबोधित करते हुए पुरानी पेंशन योजना बहाली की मांग उठाई और कर्मचारियों के भविष्य व सम्मान को लेकर अपनी बात रखी।
तस्वीर में बेस्ट सेंट्रल रेलवे मजदूर संघ के मंडल सचिव अब्दुल खालिक और अन्य रेल कर्मचारी गंगापुर सिटी रेलवे स्टेशन के प्लेटफॉर्म पर खड़े नजर आ रहे हैं।
बेस्ट सेंट्रल रेलवे मजदूर संघ के मंडल सचिव अब्दुल खालिक सोमवार को नंदा देवी एक्सप्रेस से गंगापुर सिटी पहुंचे, जहां पहुंचने पर संघ कार्यकर्ताओं ने फूल-माला पहनाकर उनका स्वागत किया। इस दौरान उन्होंने रेल कर्मचारियों को संबोधित करते हुए पुरानी पेंशन योजना बहाली को लेकर कर्मचारियों के हक और सम्मान की आवाज बुलंद की।
अब्दुल खालिक ने कहा कि कर्मचारी सुबह से शाम तक सरकार की नीतियों को जमीन पर उतारने का कार्य करता है। वह यह सोचकर संतुष्ट रहता था कि जब वह रिटायर होगा तो उसे बाजार के उतार-चढ़ाव की चिंता नहीं सताएगी। उसे भरोसा था कि उसके अंतिम वेतन का आधा हिस्सा उसके परिवार की सुरक्षा करेगा।
उन्होंने कहा कि 1 जनवरी 2004 के बाद यह सुरक्षा चक्र यह कहकर समाप्त कर दिया गया कि सरकारी खजाने पर बोझ है। उन्होंने सवाल उठाते हुए कहा कि देश की खातिर अपनी जवानी कुर्बान करने वाला कर्मचारी क्या बोझ है? क्या रेलवे, सीमाओं और कार्यालयों में पसीना बहाने वाला इंसान केवल एक साधारण ‘खर्चा’ है?
अब्दुल खालिक ने कहा कि यदि देश के नीति-निर्माताओं, सांसदों और विधायकों को एक दिन की विधायकी या सांसदी पर भी आजीवन पेंशन और भत्ते मिल सकते हैं, तो 30-35 साल तक देश और व्यवस्था की सेवा करने वाले कर्मचारियों को बुढ़ापे में दो वक्त की रोटी के लिए शेयर बाजार के भरोसे क्यों छोड़ा जा रहा है।
उन्होंने कहा कि यह कैसा न्याय है, जहां मेहनत करने वाले कर्मचारी का भविष्य शेयर बाजार के उतार-चढ़ाव पर निर्भर हो जाए। उन्होंने कहा कि यह स्वीकार्य नहीं है और कतई स्वीकार्य नहीं है। उन्होंने कर्मचारियों से आह्वान किया कि सभी मिलकर पुरानी पेंशन योजना बहाली के लिए एकजुट आवाज उठाएं।
उन्होंने कहा कि यह लड़ाई केवल वित्तीय लाभ की नहीं, बल्कि उस न्याय और हक की लड़ाई है जो प्रत्येक ईमानदार कर्मचारी के स्वाभिमान से जुड़ी है। सरकारें आएंगी और जाएंगी, नीतियां बदलेंगी, लेकिन राष्ट्र के सेवकों का भविष्य अंधेरे में नहीं रहने दिया जा सकता। उन्होंने कहा कि संघ तब तक चैन से नहीं बैठेगा, जब तक कर्मचारियों के बुढ़ापे के सम्मान की ढाल ‘पुरानी पेंशन योजना’ पुनः बहाल नहीं हो जाती।
संघ प्रवक्ता वीएस गुर्जर ने बताया कि इस अवसर पर मंडल कोषाध्यक्ष डीके शर्मा, केंद्रीय सदस्य पीसी मीणा, शाखा सचिव बलराम गुर्जर, शेर सिंह मीणा, इमरान खान, जुनेद, गिर्राज, अशोक मीणा, बीएस कठेरिया, राम नरेश मीणा, ऋषि केश सहित सैकड़ों रेल कर्मचारी मौजूद रहे।