गंगापुरसिटी में स्वच्छता अभियान तेज, माधोपुर रोड पर नागरिकों को चार तरह के कचरे के पृथक्करण की दी गई जानकारी
नगर परिषद की आईईसी टीम ने वार्ड 05 में लोगों को गीले, सूखे, घरेलू हानिकारक और सैनिटरी कचरे को अलग रखने के प्रति जागरूक किया।
गंगापुरसिटी के वार्ड 05 में स्वच्छ भारत मिशन के तहत कचरा पृथक्करण की जानकारी देता बैनर पकड़े आईईसी टीम के सदस्य और स्थानीय नागरिक।
गंगापुरसिटी में स्वच्छता व्यवस्था को मजबूत बनाने और कचरा प्रबंधन के प्रति नागरिकों को जागरूक करने के लिए नगर परिषद की ओर से वार्ड स्तर पर अभियान चलाया जा रहा है। स्वच्छ भारत मिशन (शहरी) एवं स्वच्छता ही सेवा अभियान 2026 के तहत नगर परिषद सभापति कृष्ण कुमार गोयल के आदेशानुसार वार्ड क्रमांक 05 स्थित माधोपुर रोड पर चार प्रकार के कचरे के पृथक्करण को लेकर जन-जागरूकता अभियान आयोजित किया गया। अभियान का संचालन नगर परिषद गंगापुरसिटी की आईईसी टीम ने किया।
अभियान के दौरान नागरिकों को घरों और प्रतिष्ठानों से निकलने वाले कचरे को चार अलग-अलग श्रेणियों में बांटकर निर्धारित डस्टबिन में एकत्रित करने की जानकारी दी गई। टीम ने गीले कचरे, सूखे कचरे, घरेलू हानिकारक कचरे और सैनिटरी कचरे को अलग-अलग रखने के महत्व को समझाया। साथ ही, कचरे का उचित पृथक्करण सुनिश्चित करने के लिए नागरिकों को जागरूक किया गया।
आईईसी टीम ने बताया कि गीले कचरे में बचा हुआ भोजन, फल-सब्जियों के छिलके और अन्य जैविक अपशिष्ट शामिल होते हैं। सूखे कचरे की श्रेणी में कागज, प्लास्टिक, गत्ता, धातु और अन्य पुनर्चक्रण योग्य सामग्री रखी जानी चाहिए। इसके अलावा, बैटरी, इस्तेमाल की गई दवाइयों और अन्य हानिकारक घरेलू सामग्री को घरेलू हानिकारक कचरे के रूप में अलग रखने की जानकारी दी गई। सैनिटरी पैड और डायपर जैसे अपशिष्ट को सैनिटरी कचरे की श्रेणी में रखकर सुरक्षित तरीके से अलग एकत्रित करने के प्रति भी जागरूक किया गया।
अभियान के दौरान आमजन से सार्वजनिक स्थानों पर कचरा नहीं फैलाने, सिंगल यूज प्लास्टिक का उपयोग कम करने और अपने आसपास स्वच्छता बनाए रखने में सहयोग करने की अपील की गई। नागरिकों को स्पष्ट किया गया कि कचरे का सही पृथक्करण केवल नगर परिषद की जिम्मेदारी नहीं है, बल्कि इसमें प्रत्येक नागरिक की सामूहिक भागीदारी आवश्यक है।
नगर परिषद गंगापुरसिटी की ओर से स्वच्छ भारत मिशन (शहरी) एवं स्वच्छता ही सेवा अभियान 2026 के अंतर्गत संचालित यह पहल शहर में स्वच्छता व्यवस्था को सुदृढ़ बनाने और कचरे के उचित प्रबंधन के प्रति नागरिकों की जिम्मेदारी को बढ़ावा देने के उद्देश्य से की गई।