गंगापुर सिटी में सवर्ण समाज की महापंचायत, निकाय चुनाव में निर्दलीयों के समर्थन का ऐलान
गंगापुर सिटी में सवर्ण समाज की महापंचायत में निकाय चुनाव में राजनीतिक दलों को समर्थन नहीं देने और निर्दलीय प्रत्याशियों के पक्ष में मतदान का निर्णय लिया गया। यूजीसी एक्ट को लेकर भी आंदोलन की चेतावनी दी गई।
तस्वीर में गंगापुर सिटी में आयोजित महापंचायत के दौरान समाज के प्रतिनिधि और सदस्य एक पत्र दिखाते और बैठक में चर्चा करते हुए नजर आ रहे हैं।
गंगापुर सिटी में मंगलवार शाम सवर्ण समाज की महापंचायत में नगर निकाय चुनाव को लेकर बड़ा निर्णय सामने आया। 25 अगस्त मंगलवार को शाम 7 बजे भगवती पैलेस में आयोजित महापंचायत में मंच से सभी वक्ताओं ने किसी भी राजनीतिक दल को समर्थन नहीं देने और नगर निकाय चुनाव में निर्दलीय प्रत्याशियों को समर्थन देकर वोट करने की बात रखी। उपस्थित लोगों ने एक स्वर में इस निर्णय पर सहमति जताई।
महापंचायत में प्रखर वक्ता अनुज शर्मा ने कहा कि सवर्ण समाज के सभी वर्ग अपने-अपने समाज की आम सभा बुलाकर इस निर्णय की पालना कराएं। इसके लिए सवर्ण समाज संघर्ष समिति की ओर से प्रत्येक समाज को पत्र भेजा जाएगा। मौके पर उपस्थित सवर्ण समाज के अध्यक्षों या प्रतिनिधियों को अपने-अपने समाज की आम सभा शीघ्र बुलाने के लिए पत्र सौंपा गया।
बैठक में घर-घर अलख जगाने, प्रत्येक वार्ड में एक संदेश पंपलेट वितरित करने और सभी वार्डों में दौरा करने के लिए कोर कमेटी गठित कर सदस्यों को जोड़ने की बात भी रखी गई। निकाय चुनाव को लेकर सवर्ण समाज का कार्यालय भगवती पैलेस रहेगा। यहां प्रतिदिन सक्रिय सदस्य निकाय चुनाव को लेकर मंथन करेंगे और आगे की रीति-नीति प्रेषित की जाएगी।
महापंचायत में ब्राह्मण समाज, वैश्य व अग्रवाल तथा राजपूत समाज के विद्वान वक्ताओं ने निकाय चुनाव में राजनीतिक दलों को दरकिनार कर निर्दलीय प्रत्याशियों को समर्थन देने को लेकर अपने विचार और सुझाव रखे। वक्ताओं ने कहा कि अब देश के संविधान का अनर्थ नहीं होने दिया जाएगा और राजनीतिक पार्टियों को सबक सिखाने का समय आ गया है।
महापंचायत में कहा गया कि संसद में बैठे किसी भी दल की राजनीतिक पार्टियों को तब तक समर्थन नहीं दिया जाएगा, जब तक संविधान में सवर्ण समाज के उत्थान की बात नहीं की जाएगी। वक्ताओं ने कहा कि सवर्ण समाज न झुकेगा और न रुकेगा।
महापंचायत में केंद्र की भाजपा सरकार से यूजीसी एक्ट जैसे काले कानून को शीघ्र हटाने की मांग भी उठाई गई। वक्ताओं ने आरोप लगाया कि वोट की राजनीति में यूजीसी एक्ट जैसे काले कानून लाकर भाजपा पार्टी सवर्णों को प्रताड़ित कर उनका अस्तित्व समाप्त करने पर तुली है, जिसे बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। साथ ही चेतावनी दी गई कि यदि केंद्र सरकार ने यूजीसी जैसे काले कानून को शीघ्र नहीं हटाया तो आने वाले दिनों में सवर्ण समाज पूरे देश में उग्र आंदोलन करेगा।
महापंचायत में लिए गए निर्णय और आगामी निकाय चुनाव को लेकर गठित होने वाली कोर कमेटी की गतिविधियां अब सवर्ण समाज के राजनीतिक रुख को तय करने में महत्वपूर्ण रहेंगी।