मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने शुरू कीं 100 नई कालिका पेट्रोलिंग यूनिट्स, महिला सुरक्षा पर बड़ा फैसला
राजस्थान में मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने नवरात्र पर 100 नई कालिका पेट्रोलिंग यूनिट्स शुरू कीं और महिला पुलिसकर्मियों के लिए मासिक यात्रा भत्ते की घोषणा की। जानें महिला सुरक्षा, अपराध नियंत्रण और हेल्पलाइन 1090 से जुड़े अहम आंकड़े।
मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने नवरात्र के अवसर पर महिला सुरक्षा को मजबूत करने के लिए 100 नवीन कालिका पेट्रोलिंग यूनिट्स का शुभारंभ किया। उन्होंने कहा कि महिलाओं का आत्मसम्मान, सुरक्षा और सशक्तीकरण राज्य सरकार का संकल्प है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में नारी शक्ति को मजबूत बनाने के प्रयासों के साथ राज्य सरकार भी महिलाओं और बालिकाओं को सुरक्षित वातावरण उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्धता से काम कर रही है। मुख्यमंत्री ने कालिका पेट्रोलिंग यूनिट्स की महिला पुलिसकर्मियों के लिए मासिक यात्रा भत्ता देने की घोषणा भी की।
मुख्यमंत्री रविवार, 18 अक्टूबर को कॉन्स्टीट्यूशन क्लब में नवीन कालिका पेट्रोलिंग यूनिट्स और महिला यूथ सीएलजी सदस्यों के साथ आयोजित संवाद कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि भारतीय संस्कृति में शक्ति की आराधना का पर्व नवरात्र मातृ शक्ति के सम्मान और सुरक्षा को सर्वोपरि रखने की सीख देता है। इसी भावना के अनुरूप राज्य सरकार महिला एवं बालिका सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए कार्य कर रही है, ताकि वे बिना भय के शिक्षा, रोजगार और सामाजिक गतिविधियों में आगे बढ़ सकें।
मुख्यमंत्री ने कहा कि महिला सुरक्षा केवल कानून-व्यवस्था का विषय नहीं है, बल्कि महिलाओं के सम्मान, स्वतंत्रता, आत्मविश्वास और समान अवसरों से जुड़ा महत्वपूर्ण मुद्दा है। उन्होंने कालिका पेट्रोलिंग यूनिट्स की महिला पुलिसकर्मियों से संवेदनशीलता, कर्तव्यनिष्ठा, अनुशासन और साहस के साथ जिम्मेदारियां निभाने का आह्वान किया।
नवरात्र के अवसर पर कालिका पेट्रोलिंग यूनिट्स को प्रोत्साहित करते हुए मुख्यमंत्री ने उनके लिए प्रतिमाह निश्चित यात्रा भत्ता देने की घोषणा की। यह भत्ता थानों और पुलिस चौकियों में पदस्थापित कॉन्स्टेबल, हेड कॉन्स्टेबल और एएसआई को मिलने वाले यात्रा भत्ते की तरह होगा। उन्होंने कहा कि कालिका पेट्रोलिंग यूनिट्स का उद्देश्य केवल अपराध होने के बाद कार्रवाई करना नहीं है, बल्कि अपराधों की रोकथाम, असामाजिक तत्वों में कानून का भय पैदा करना और महिलाओं में सुरक्षा एवं विश्वास की भावना मजबूत करना भी है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में महिला सशक्तीकरण को नई दिशा मिली है। बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ अभियान, उज्ज्वला योजना, स्वच्छ भारत मिशन, जल जीवन मिशन, प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना, मुद्रा योजना और लखपति दीदी जैसी पहलों के माध्यम से महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने के साथ सामाजिक और आर्थिक रूप से सशक्त किया जा रहा है। राज्य सरकार भी विभिन्न योजनाओं के माध्यम से आधी आबादी को उसका पूरा हक दिलाना सुनिश्चित कर रही है।
महिला सुरक्षा के क्षेत्र में कालिका पेट्रोलिंग यूनिट्स और महिला यूथ सीएलजी सदस्यों की सक्रियता का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्ष 2023 की तुलना में वर्ष 2026 में महिला अत्याचार के मामलों में लगभग 48 प्रतिशत से अधिक की कमी आई है। महिला अत्याचार से जुड़े मामलों में अनुसंधान का औसत समय घटकर 48 दिन रह गया है। उन्होंने बताया कि कालिका पेट्रोलिंग यूनिट्स ने अब तक 55 हजार से अधिक असामाजिक तत्वों के विरुद्ध कार्रवाई की है। इसके अतिरिक्त 50 लाख महिलाओं एवं बालिकाओं को कानून के प्रति और 18 लाख से अधिक को साइबर सुरक्षा के प्रति जागरूक किया गया है। लगभग 16 लाख 70 हजार से अधिक महिलाओं एवं बालिकाओं को आत्मरक्षा का प्रशिक्षण भी दिया गया है।
मुख्यमंत्री ने महिला सुरक्षा के लिए संचालित अन्य व्यवस्थाओं की जानकारी देते हुए कहा कि सार्वजनिक स्थानों पर छेड़छाड़ जैसी घटनाओं की रोकथाम के लिए प्रदेश में 65 एंटी रोमियो स्क्वॉड काम कर रहे हैं। महिला हेल्पलाइन 1090 पर पिछले पौने तीन वर्षों में 28 हजार से अधिक शिकायतों का निस्तारण किया गया है। महिलाओं को उनके अधिकारों और कानून के प्रति जागरूक करने के लिए करीब 22 हजार सुरक्षा सखियों का चयन किया गया है। वहीं, अभय कमांड एवं नियंत्रण केंद्र के माध्यम से प्रदेशभर में 12 हजार 500 से अधिक सीसीटीवी कैमरे स्थापित किए गए हैं।
सामुदायिक पुलिसिंग को महिला सुरक्षा और अपराध नियंत्रण का महत्वपूर्ण माध्यम बताते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में इस व्यवस्था के तहत 2 लाख 60 हजार से अधिक सदस्यों को जोड़ा गया है। इनमें 84 हजार से अधिक यूथ सीएलजी सदस्य, 83 हजार से अधिक सीएलजी सदस्य, 40 हजार से अधिक पुलिस मित्र और 29 हजार से अधिक ग्राम रक्षक शामिल हैं। उन्होंने संबंधित अधिकारियों से थानों में इन सदस्यों की नियमित बैठकें आयोजित करने और गांवों तथा शहरी क्षेत्रों में जागरूकता गतिविधियों को गति देने का आह्वान किया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि किसी भी पीड़ित महिला या बालिका की शिकायत को गंभीरता से सुनना, उसकी निजता और गरिमा का ध्यान रखना तथा आवश्यक सहायता उपलब्ध कराना पुलिस की प्राथमिकता होनी चाहिए। स्कूल-कॉलेजों, बाजारों, सार्वजनिक परिवहन स्थलों, कार्यस्थलों और अन्य संवेदनशील क्षेत्रों में नियमित गश्त तथा प्रभावी निगरानी सुनिश्चित करना भी जरूरी है। उन्होंने कहा कि पुलिस के प्रति आमजन का विश्वास ही कानून-व्यवस्था की सफलता का सबसे बड़ा पैमाना है।
उन्होंने सुरक्षित समाज के निर्माण में नागरिकों की भूमिका को भी महत्वपूर्ण बताया। प्रत्येक व्यक्ति को संदिग्ध गतिविधियों की सूचना पुलिस तक पहुंचाने और सड़क दुर्घटना में घायल व्यक्ति की सहायता करने में सक्रिय भागीदारी निभानी चाहिए।
गृह राज्यमंत्री जवाहर सिंह बेढम ने कहा कि मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के नेतृत्व में अपराध के प्रति जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाकर कानून-व्यवस्था और महिला सुरक्षा को मजबूत किया जा रहा है। प्रदेश में कालिका यूनिट की सक्रियता से महिलाएं बिना भय के घूम पा रही हैं। उन्होंने कहा कि महिला सुरक्षा के प्रति राज्य सरकार का संकल्प कालिका यूनिट की मजबूती से पूरा होगा।
कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने कालिका पेट्रोलिंग यूनिट्स की महिला पुलिसकर्मियों और प्रदेशभर से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से जुड़ी महिला यूथ सीएलजी सदस्यों से संवाद किया। उन्होंने उनके अनुभव और सुझाव सुने। इसके बाद मुख्यमंत्री ने नवीन 100 कालिका पेट्रोलिंग यूनिट्स को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया।
इस अवसर पर सांसद मंजू शर्मा, जयपुर नगर निगम के महापौर सुनील कोठारी, मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास, पुलिस महानिदेशक राजीव कुमार शर्मा, अतिरिक्त मुख्य सचिव गृह भास्कर ए. सावंत और कालिका पेट्रोलिंग यूनिट्स की महिला पुलिसकर्मी उपस्थित रहीं। विभिन्न जिलों से पुलिस प्रशासन के अधिकारी और महिला यूथ सीएलजी सदस्य भी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से कार्यक्रम से जुड़े। नई यूनिट्स के शुभारंभ, महिला पुलिसकर्मियों के लिए मासिक यात्रा भत्ते की घोषणा और सामुदायिक पुलिसिंग पर जोर के साथ राज्य सरकार ने महिला सुरक्षा से जुड़े प्रयासों को और मजबूत करने की दिशा में कदम बढ़ाया।