सलूम्बर में नवरात्रि पर 161 कन्याओं का पूजन, नारी सम्मान का संदेश
सेवा भारती समिति की ओर से आयोजित कार्यक्रम में कन्याओं के चरण स्पर्श कर आशीर्वाद लिया गया और बेटियों को आगे बढ़ाने का संकल्प दिलाया गया।
सलूम्बर में नवरात्रि के अवसर पर आयोजित कन्या पूजन कार्यक्रम का दृश्य।
सलूम्बर। नवरात्रि के पावन अवसर पर सलूम्बर में 161 कन्याओं के पूजन के साथ शक्ति आराधना और नारी सम्मान का संदेश दिया गया। सोमवार को महात्मा गांधी राजकीय माध्यमिक विद्यालय, गांधी चैक में सेवा भारती समिति की ओर से आयोजित कार्यक्रम में विधि-विधान से कन्याओं का पूजन किया गया। इस दौरान कन्याओं के चरण स्पर्श कर उनसे आशीर्वाद लिया गया। आयोजन में धार्मिक आस्था के साथ बेटियों के सम्मान और सामाजिक जागरूकता का संदेश भी सामने आया।
सेवा भारती समिति के प्रकल्प के तहत आयोजित कार्यक्रम की अध्यक्षता सेवा भारती के जिलाध्यक्ष सोहन लाल भलवाड़ा ने की, जबकि महेश चन्द्र आमेटा मुख्य वक्ता रहे। धार्मिक परंपराओं के अनुसार पंडित ने मंत्रोच्चार के साथ 161 कन्याओं का पूजन करवाया। कन्याओं को मां दुर्गा का स्वरूप मानकर उनका सम्मान किया गया। कार्यक्रम में भेरू पूजन भी किया गया।
मुख्य वक्ता महेश चन्द्र आमेटा ने कन्या पूजन के धार्मिक और सामाजिक महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि नवरात्रि में कन्याओं को मां दुर्गा का स्वरूप मानकर उनकी पूजा की जाती है। प्रत्येक परिवार को कन्याओं के प्रति सम्मान, स्नेह और समानता का भाव रखना चाहिए। उन्होंने कहा कि यह विडंबना है कि एक ओर समाज कन्याओं को देवी मानकर पूजता है, वहीं दूसरी ओर आज भी कुछ स्थानों पर कन्या भ्रूण हत्या जैसी कुरीतियां सामने आती हैं।
आमेटा ने कहा कि बालिकाएं आज शिक्षा, खेल, विज्ञान, प्रशासन और अन्य क्षेत्रों में अपनी प्रतिभा का लोहा मनवा रही हैं। ऐसे में कन्या पूजन की सार्थकता तभी है, जब समाज बेटियों को जन्म लेने, पढ़ने और आगे बढ़ने के समान अवसर प्रदान करे।
कार्यक्रम के माध्यम से संदेश दिया गया कि कन्या पूजन केवल धार्मिक रस्म तक सीमित नहीं है, बल्कि यह बेटियों के सम्मान और उनके उज्ज्वल भविष्य के प्रति संकल्प लेने का अवसर भी है। 161 कन्याओं के पूजन के साथ संपन्न हुए इस आयोजन ने भारतीय संस्कृति के मूल्यों और नारी सम्मान की महत्ता को रेखांकित किया।