राजस्थान में मतदाता सूची में नाम जुड़वाने के लिए 5.45 लाख आवेदन, युवाओं पर विशेष फोकस
राजस्थान में मतदाता सूची में नाम जुड़वाने के विशेष अभियान के तहत 15 अक्टूबर तक 5,45,863 आवेदन मिले हैं। इनमें 18-19 वर्ष के युवाओं के 3,03,110 आवेदन शामिल हैं। जानिए किन जिलों और विधानसभा क्षेत्रों में पंजीकरण की प्रगति सबसे अधिक रही।
जयपुर में मतदाता सूची पुनरीक्षण अभियान की समीक्षा बैठक लेते मुख्य निर्वाचन अधिकारी नवीन महाजन।
राजस्थान में मतदाता सूची में नाम जुड़वाने के लिए चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत 15 अक्टूबर तक फॉर्म-6 के कुल 5,45,863 आवेदन प्राप्त हुए हैं। इनमें 18 से 19 वर्ष आयु वर्ग के युवाओं के 3,03,110 आवेदन शामिल हैं। मुख्य निर्वाचन अधिकारी नवीन महाजन ने शुक्रवार, 16 अक्टूबर को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से प्रदेश के सभी जिला निर्वाचन अधिकारियों (DEOs) और निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारियों (EROs) के साथ बैठक कर अभियान की समीक्षा की। उन्होंने पंजीकरण से वंचित सभी पात्र नागरिकों तक पहुंच बढ़ाने और मतदाता सूची में उनका नाम दर्ज कराने के लिए अभियान में तेजी लाने के निर्देश दिए।
नवीन महाजन ने बताया कि भारत निर्वाचन आयोग के निर्देशानुसार युवाओं और मतदाता सूची में नाम जुड़वाने से वंचित अन्य पात्र व्यक्तियों के पंजीकरण के लिए विशेष अभियान संचालित किया जा रहा है। इसके तहत 15 अक्टूबर तक प्रदेश में मतदाता सूची में नाम जोड़ने के लिए कुल 5,45,863 आवेदन प्राप्त हुए हैं। इनमें 18-19 वर्ष आयु वर्ग के 3,03,110 आवेदन शामिल हैं। इस संख्या में 31,600 अग्रिम आवेदन और 1 अक्टूबर से 15 अक्टूबर तक प्राप्त 2,71,510 आवेदन सम्मिलित हैं। वहीं, 20 वर्ष एवं इससे अधिक आयु वर्ग के पात्र नागरिकों के 2,42,753 आवेदन इस अवधि में प्राप्त हुए हैं।
बैठक में 18-19 वर्ष आयु वर्ग के युवाओं के पंजीकरण की जिला और विधानसभा क्षेत्रवार प्रगति की समीक्षा की गई। मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने अधिकारियों को पंजीकरण से शेष पात्र युवाओं तक पहुंचने और आवेदन प्राप्त करने की प्रक्रिया को अधिक प्रभावी बनाने के निर्देश दिए। भारत निर्वाचन आयोग के निर्धारित लक्ष्यों के अनुरूप बूथ लेवल अधिकारियों (BLOs) को पंजीकरण से वंचित पात्र मतदाताओं की पहचान करने और उन्हें फॉर्म-6 भरने में सहायता उपलब्ध कराने के लिए कहा गया।
विशेष अभियान के तहत राजस्थान के विभिन्न जिलों और विधानसभा क्षेत्रों में पंजीकरण के लिए आवेदन प्राप्त करने की दिशा में उल्लेखनीय प्रगति दर्ज की गई। 18-19 वर्ष आयु वर्ग के ऐसे पात्र युवाओं, जिनका नाम अभी मतदाता सूची में शामिल नहीं हुआ है, के पंजीकरण के मामले में भरतपुर, करौली, बूंदी, अलवर और धौलपुर जिले अग्रणी रहे। इन जिलों में अभियान के तहत पंजीकरण से शेष पात्र व्यक्तियों के सर्वाधिक आवेदन प्राप्त किए गए।
विधानसभा क्षेत्रवार समीक्षा में बसेड़ी, कठूमर, नदबई, अलवर ग्रामीण, बाड़ी, वैर, बामनवास, सपोटरा, केशोरायपाटन, नगर, राजगढ़-लक्ष्मणगढ़, बेगूं, कोटपुतली, चूरू, हिंडौन और झोटवाड़ा में 18-19 वर्ष आयु वर्ग के युवाओं एवं नवमतदाताओं के पंजीकरण के लिए सर्वाधिक आवेदन प्राप्त हुए। इन विधानसभा क्षेत्रों में मतदाता सूची में नाम जुड़वाने से शेष पात्र युवाओं के पंजीकरण के लिए सराहनीय कार्य किया गया।
वहीं, 20 वर्ष एवं इससे अधिक आयु के उन पात्र नागरिकों की पहचान कर उनके पंजीकरण के आवेदन प्राप्त करने में करौली, अलवर, भरतपुर, जयपुर और सवाई माधोपुर जिले अग्रणी रहे, जिनके नाम अभी मतदाता सूची में शामिल नहीं हैं। विधानसभा क्षेत्रवार समीक्षा में झोटवाड़ा, विद्याधर नगर, टोडाभीम, तिजारा, हिंडौन, राजगढ़-लक्ष्मणगढ़, गंगापुर, रामगढ़, करौली और सपोटरा में इस आयु वर्ग के पात्र मतदाताओं के पंजीकरण के लिए सर्वाधिक आवेदन प्राप्त हुए।
अभियान का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि कोई भी पात्र नागरिक मतदाता सूची में पंजीकरण से वंचित न रहे और प्रत्येक पात्र युवा एवं नवमतदाता को लोकतांत्रिक प्रक्रिया में भागीदारी का अवसर मिले। इसके लिए मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने विद्यालयों और महाविद्यालयों में इलेक्टोरल लिटरेसी क्लब (ELC), SVEEP गतिविधियों और स्थानीय जागरूकता कार्यक्रमों के माध्यम से पात्र युवाओं एवं नवमतदाताओं को पंजीकरण के लिए प्रेरित करने पर जोर दिया।
नवीन महाजन ने अधिकारियों को रात्रि आश्रय स्थलों, श्रमिक बस्तियों, बेघर व्यक्तियों और वंचित वर्गों तक विशेष रूप से पहुंच बनाने के निर्देश भी दिए, ताकि कोई भी पात्र नागरिक मतदाता सूची में अपना नाम दर्ज कराने से वंचित न रहे। उन्होंने जिला निर्वाचन अधिकारी और निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी स्तर पर अभियान की नियमित समीक्षा करने तथा प्राप्त आवेदनों का नियमानुसार समयबद्ध निस्तारण सुनिश्चित करने को कहा।
मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने सभी अधिकारियों से भारत निर्वाचन आयोग के निर्देशों और लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम, 1950 तथा निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण नियम, 1960 के प्रावधानों के अनुरूप अभियान का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित करने का आह्वान किया। उन्होंने बताया कि पात्र नागरिक भारत निर्वाचन आयोग के पोर्टल voters.eci.gov.in अथवा ECINET के माध्यम से ऑनलाइन फॉर्म-6 भरकर मतदाता सूची में नाम जोड़ने के लिए आवेदन कर सकते हैं।