राजस्व प्रकरणों पर जिला कलक्टर सख्त, समयबद्ध निस्तारण और मॉनिटरिंग के निर्देश
सलूम्बर में जिला कलक्टर मुहम्मद जुनेद पी पी ने राजस्व अधिकारियों की समीक्षा बैठक लेकर लंबित प्रकरणों की स्थिति जानी। भूमि, नामांतरण, विभाजन, न्यायालयीन मामलों सहित कई मामलों के समयबद्ध निस्तारण के निर्देश दिए।
सलूम्बर, 22 अगस्त। लंबित राजस्व प्रकरणों के निस्तारण को लेकर जिला प्रशासन ने सख्ती दिखाई है। जिला कलक्टर मुहम्मद जुनेद पी पी की अध्यक्षता में जिला कलक्टर परिसर स्थित वीसी कक्ष में राजस्व अधिकारियों की समीक्षा बैठक आयोजित हुई। बैठक में राजस्व विभाग से संबंधित विभिन्न लंबित प्रकरणों की बिंदुवार समीक्षा करते हुए अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए।
बैठक में राजस्व कोर्ट के लंबित प्रकरणों, प्राथमिक डिक्री एवं विभाजन प्रकरणों, धारा 251-ए के तहत रास्तों से संबंधित मामलों, अस्थायी एवं स्थायी निषेधाज्ञा, सीमाज्ञान, भूमि नामांतरण, पत्थरगढ़ी तथा फार्मर रजिस्ट्री की प्रगति की समीक्षा की गई। इसके साथ ही रो-टावर, भूमि संपरिवर्तन एवं भूमि अधिग्रहण से संबंधित लंबित प्रकरणों की भी जानकारी ली गई।
जिला कलक्टर ने बजट 2026-27 के भूमि आवंटन प्रकरणों तथा आबादी विस्तार, विद्यालयों एवं अन्य भूमि आवंटन से जुड़े मामलों की स्थिति की समीक्षा की। बैठक में भू-राजस्व अधिनियम और राजस्थान काश्तकारी अधिनियम के तहत लंबित प्रकरणों, मुद्रांक एवं पंजीयन विभाग की प्राप्तियों तथा मुख्यमंत्री कार्यालय से प्राप्त अभ्यावेदनों एवं संपर्क से संबंधित लंबित मामलों पर भी चर्चा की गई।
इसके अतिरिक्त राजस्थान उच्च न्यायालय एवं अन्य न्यायालयों में विचाराधीन प्रकरणों, राजकाज ई-फाइल की प्रगति, रात्रि विश्राम एवं निरीक्षण, आंतरिक लेखा जांच के निस्तारण से शेष प्रकरणों, एनएफएसए, पेंशन सत्यापन तथा भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) की विभिन्न धाराओं के लंबित प्रकरणों की भी समीक्षा की गई।
जिला कलक्टर ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि सभी लंबित प्रकरणों का नियमानुसार एवं समयबद्ध निस्तारण सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने प्रकरणों की नियमित मॉनिटरिंग करते हुए प्राथमिकता वाले मामलों में त्वरित कार्रवाई करने तथा आमजन से जुड़े राजस्व मामलों के निस्तारण में संवेदनशीलता एवं पारदर्शिता बरतने पर जोर दिया।
उन्होंने कहा कि राजस्व प्रकरणों के निस्तारण में अनावश्यक विलंब नहीं होना चाहिए। सभी अधिकारी अपने-अपने स्तर पर लंबित मामलों की नियमित समीक्षा कर प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित करें।
बैठक के दौरान राजस्व से जुड़े अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।