तस्वीर में जिला कलेक्ट्रेट सलूंबर सभागार में प्रशासनिक अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक चल रही है।

सलूंबर। जिले में पशुधन के लिए पेयजल एवं चारे की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित करने को लेकर प्रशासन ने अभी से तैयारी तेज कर दी है। मंगलवार को जिला कलेक्ट्रेट परिसर स्थित वीसी कक्ष में जिला कलक्टर मुहम्मद जुनेद पी पी की अध्यक्षता में आयोजित बैठक में संभावित कमी वाले क्षेत्रों का समय रहते चिन्हीकरण कर आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।

जिला कलक्टर ने अधिकारियों से कहा कि पशुधन के लिए पेयजल एवं चारे की उपलब्धता को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाए और जिले की वास्तविक स्थिति का नियमित एवं प्रभावी आकलन किया जाए। उन्होंने निर्देश दिए कि किसी भी क्षेत्र में पेयजल अथवा चारे की संभावित कमी की स्थिति उत्पन्न होने से पहले ही उसका चिन्हीकरण कर आवश्यक कार्यवाही सुनिश्चित की जाए।

उन्होंने आगामी मानसून तक जिले में जल संसाधनों की उपलब्धता एवं स्थिति का विस्तृत आकलन कर कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश दिए। क्षेत्रवार जल स्रोतों की स्थिति, उपलब्धता एवं आवश्यकता का आकलन करते हुए आगामी अवधि के लिए पूर्व तैयारी सुनिश्चित करने को कहा, ताकि गर्मी एवं संभावित पेयजल संकट की स्थिति में किसी प्रकार की परेशानी नहीं हो।

जिला कलक्टर ने किसानों एवं पशुपालकों के साथ बैठकें आयोजित कर जमीनी स्तर पर पेयजल एवं चारे की वास्तविक स्थिति की जानकारी लेने के निर्देश भी दिए। उन्होंने कहा कि स्थानीय किसानों से प्राप्त फीडबैक को कार्ययोजना में शामिल किया जाए और क्षेत्र की वास्तविक आवश्यकताओं के अनुरूप व्यवस्थाएं सुनिश्चित की जाएं।

बैठक में लसाड़िया, सेमारी एवं गींगला क्षेत्र में पेयजल व्यवस्था के लिए प्रभावी एवं ठोस कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश दिए गए। जिला कलक्टर ने संबंधित अधिकारियों से इन क्षेत्रों में पेयजल उपलब्धता, जल स्रोतों एवं संभावित आवश्यकताओं की जानकारी लेते हुए समयबद्ध रूप से आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने को कहा।

जिला कलक्टर ने प्रत्येक विकास अधिकारी से उनके क्षेत्राधिकार में आने वाले ट्यूबवेल एवं हैंडपंपों की स्थिति की समीक्षा की। उन्होंने निर्देश दिए कि बंद अथवा खराब ट्यूबवेल एवं हैंडपंपों की स्थिति का सत्यापन कर आवश्यक मरम्मत एवं पुनः संचालन की कार्यवाही प्राथमिकता से की जाए। जहां वैकल्पिक पेयजल व्यवस्था की आवश्यकता हो, वहां समय रहते उचित प्रबंध सुनिश्चित करने को कहा।

उन्होंने संबंधित अधिकारियों को ग्रामीण एवं पशुधन बाहुल्य क्षेत्रों में पेयजल एवं चारा उपलब्धता की निरंतर निगरानी करने तथा क्षेत्रवार अद्यतन जानकारी संकलित करने के निर्देश दिए। जिन क्षेत्रों में वर्तमान अथवा आगामी अवधि में चारे एवं पेयजल की आवश्यकता अधिक रहने की संभावना है, वहां पर्याप्त संसाधन एवं वैकल्पिक व्यवस्थाएं पहले से सुनिश्चित करने को कहा।

बैठक में गिरदावरी की प्रक्रिया को शत-प्रतिशत पूर्ण करने के निर्देश भी दिए गए। जिला कलक्टर ने संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया कि गिरदावरी कार्य में किसी प्रकार की लापरवाही नहीं हो और निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार शत-प्रतिशत कार्य पूर्ण कर वास्तविक स्थिति का सही आकलन सुनिश्चित किया जाए।

जिला कलक्टर ने कहा कि पशुपालकों एवं किसानों को किसी भी प्रकार की असुविधा नहीं होनी चाहिए। उन्होंने जिला एवं ब्लॉक स्तरीय अधिकारियों को आपसी समन्वय के साथ कार्य करते हुए आवश्यकता वाले क्षेत्रों में त्वरित कार्रवाई करने तथा जमीनी स्तर से प्राप्त सूचनाओं के आधार पर तत्काल निर्णय लेने के निर्देश दिए।

उन्होंने अधिकारियों से कहा कि केवल कागजी रिपोर्ट तक सीमित न रहते हुए क्षेत्र की वास्तविक स्थिति का सत्यापन किया जाए। आवश्यकता सामने आने पर तत्काल उच्च स्तर पर अवगत कराते हुए आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित की जाएं, ताकि जिले में पशुधन एवं आमजन के लिए पेयजल की उपलब्धता सुचारू बनी रहे।

बैठक में अतिरिक्त जिला कलक्टर डॉ. दिनेश राय सापेला सहित संबंधित जिला एवं ब्लॉक स्तरीय अधिकारी उपस्थित रहे।

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