रजत रथ पर विराजे श्रीजी, डांडियों की खनक और भजनों से गूंजा सलूम्बर
सलूम्बर में पर्युषण महापर्व के समापन पर भादवा पूर्णिमा के दिन भगवान महावीर चैत्यालय से श्रीजी की भव्य शोभायात्रा निकली। रजत रथ, भक्ति गीतों और डांडियों की खनक से शहर भक्तिमय रहा।
तस्वीर में सलूम्बर में पर्युषण महापर्व के समापन पर रजत रथ में सजाए गए भगवान महावीर श्रीजी और पुष्पों से घिरी प्रतिमा नजर आ रही है।
सलूम्बर। पर्वाधिराज पर्युषण महापर्व के समापन पर भादवा पूर्णिमा के पावन दिन शनिवार को भगवान महावीर चैत्यालय से श्रीजी की भव्य शोभायात्रा निकाली गई। आकर्षक रूप से सजाए गए रजत रथ में भगवान श्रीजी को विराजमान कर निकली शोभायात्रा में धर्म और भक्ति का संगम देखने को मिला। गाजे-बाजे और भक्ति गीतों की धुन के बीच श्रावक-श्राविकाएं डांडियां खनकाते हुए भक्ति में झूमते नजर आए।
दोपहर में भगवान महावीर चैत्यालय से शोभायात्रा का शुभारंभ हुआ। रजत रथ में श्रीजी को विराजमान किया गया। शोभायात्रा आगे बढ़ने के साथ श्रीजी के मधुर भजनों से वातावरण भक्तिमय हो गया। भजनों की धुन पर श्रावक-श्राविकाओं ने डांडियां खनकाईं और भक्ति में सराबोर होकर नृत्य किया। शोभायात्रा में शामिल श्रद्धालुओं में उत्साह दिखाई दिया।
शोभायात्रा गांधी चौक, होली चौक, नागदा बाजार, पाल दरवाजा और पैलेस रोड होते हुए पुनः भगवान महावीर चैत्यालय पहुंची। मार्ग में जगह-जगह श्रद्धालुओं ने श्रीजी के दर्शन किए और आरती-वंदन कर धर्मलाभ लिया। शोभायात्रा के दौरान सलूम्बर भगवान महावीर के जयकारों और भक्ति गीतों से गूंजता रहा।
इससे पूर्व भगवान महावीर चौत्यालय में प्रातःकाल विशेष अभिषेक, पूजन एवं धार्मिक अनुष्ठान आयोजित किए गए। जैन धर्मावलंबियों ने विधि-विधान से भगवान का पूजन कर आरती उतारी और पर्युषण महापर्व के समापन पर मंगलकामनाएं कीं।
शोभायात्रा में मुनि संघ सेवा समिति अध्यक्ष सुशील मिण्डा, कैलाश गांधी, आदर्श गांधी, देवेन्द्र दोशी, प्रदीप दोशी, नीरज कुमार मिण्डा, विवेक मिण्डा, दिलीप गांधी, पुजारी भंवर सेवक सहित बड़ी संख्या में श्रावक-श्राविकाएं एवं समाजजन शामिल हुए। आयोजन के दौरान श्रद्धा, उल्लास और धार्मिक उमंग का माहौल बना रहा।