राजस्थान मतदाता सूची: विशेष अभियान में जुड़े 2.40 लाख नए नाम
विशेष मतदाता पंजीकरण अभियान के तहत फॉर्म-6 के माध्यम से 7.78 लाख से अधिक आवेदन मिले, न्यूनतम प्रदर्शन वाले 8 विधानसभा क्षेत्रों को चेतावनी दी गई है।
राजस्थान में विशेष मतदाता पंजीकरण अभियान के दौरान युवाओं और नए मतदाताओं को मतदान के प्रति जागरूक करने के लिए एक हॉल में शपथ दिलाई गई।
राजस्थान में विशेष मतदाता पंजीकरण अभियान के तहत 1 से 20 अक्टूबर 2026 तक 2,40,534 पात्र मतदाताओं के नाम मतदाता सूची में जोड़े गए हैं। भारत निर्वाचन आयोग के निर्देशानुसार चलाए जा रहे इस अभियान में युवा और पहली बार मतदान के लिए पात्र नागरिकों के पंजीकरण पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। मुख्य निर्वाचन अधिकारी नवीन महाजन ने बताया कि दोनों आयु वर्गों में फॉर्म-6 के माध्यम से नाम जुड़वाने के लिए कुल 7,78,147 आवेदन प्राप्त हुए हैं। इनमें 18 से 19 वर्ष आयु वर्ग के 4,30,701 आवेदन शामिल हैं। मतदाता पंजीकरण की प्रगति की समीक्षा के दौरान लगातार न्यूनतम प्रदर्शन वाले आठ विधानसभा क्षेत्रों को सुधार के लिए चेतावनी भी दी गई है।
मुख्य निर्वाचन अधिकारी नवीन महाजन के अनुसार, विशेष अभियान के तहत 18–19 वर्ष आयु वर्ग के युवा मतदाताओं और नाम जुड़वाने से शेष रह गए अन्य आयु वर्गों के पात्र नागरिकों के पंजीकरण पर जोर दिया जा रहा है। एक से 20 अक्टूबर 2026 के दौरान दोनों आयु वर्गों में फॉर्म-6 के कुल 7,78,147 आवेदन प्राप्त हुए हैं।
इनमें 18–19 वर्ष आयु वर्ग के 4,30,701 आवेदन शामिल हैं। इस संख्या में 1 अक्टूबर 2026 तक प्राप्त 31,600 अग्रिम आवेदन भी सम्मिलित हैं। वहीं, 20 वर्ष एवं अधिक आयु वर्ग में 1 से 20 अक्टूबर 2026 तक कुल 3,47,446 आवेदन प्राप्त हुए। इस तरह दोनों आयु वर्गों में मतदाता सूची में नाम जोड़ने के लिए प्राप्त आवेदनों की कुल संख्या 7,78,147 रही। इनमें से 3,52,778 आवेदनों के संबंध में सात दिन की आपत्ति अवधि पूरी होने के बाद कार्रवाई की जाएगी।
आवेदनों के निस्तारण के बाद अब तक 2,40,534 पात्र मतदाताओं के नाम मतदाता सूची में जोड़े जा चुके हैं। नवीन महाजन ने बताया कि निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारियों (ईआरओ) के सकारात्मक निर्णय के बाद 18–19 वर्ष आयु वर्ग में 58 प्रतिशत आवेदनों का निस्तारण करते हुए 1,39,972 मतदाताओं के नाम जोड़े गए। इसी तरह 20 वर्ष एवं अधिक आयु वर्ग में 54 प्रतिशत आवेदनों का निस्तारण कर 1,00,562 मतदाताओं को सूची में शामिल किया गया है। शेष आवेदनों पर कार्रवाई प्रक्रियाधीन है।
18–19 वर्ष आयु वर्ग में मतदाता सूची में नाम जोड़ने के लिए प्राप्त आवेदनों की उपलब्धि के प्रतिशत के आधार पर बूंदी, भरतपुर, धौलपुर, करौली, अलवर, टोंक, बालोतरा, चूरू, कोटपूतली-बहरोड़ और सवाई माधोपुर अग्रणी जिलों में शामिल रहे। विधानसभा क्षेत्रवार प्रदर्शन में इसी आयु वर्ग के लिए बसेड़ी, गुड़ामालानी, कठूमर, अलवर ग्रामीण, नदबई, खेरवाड़ा, सपोटरा, लाडनूं, बाड़ी और वैर अग्रणी रहे।
वहीं, 20 वर्ष एवं अधिक आयु वर्ग में एक से 20 अक्टूबर 2026 के दौरान प्राप्त आवेदनों की संख्या के आधार पर जयपुर, अलवर, चूरू, करौली, जोधपुर, सीकर, उदयपुर, भीलवाड़ा, पाली और बांसवाड़ा अग्रणी जिलों में रहे। विधानसभा क्षेत्रवार इस आयु वर्ग में झोटवाड़ा, विद्याधर नगर, टोडाभीम, सुजानगढ़, बानसूर, गंगापुर, श्रीमाधोपुर, राजगढ़-लक्ष्मणगढ़, हिण्डौन और जालौर ने अग्रणी प्रदर्शन किया।
मतदाता पंजीकरण अभियान की समीक्षा के दौरान आठ विधानसभा क्षेत्रों में लगातार न्यूनतम प्रगति सामने आने पर संबंधित अधिकारियों को चेतावनी दी गई है। नवीन महाजन ने बताया कि पूर्व में आयोजित वीडियो कॉन्फ्रेंस की समीक्षा और 20 अक्टूबर 2026 की रिपोर्ट में इन क्षेत्रों की प्रगति लगातार सबसे कम पाई गई। इनमें नोखा, रामगंज मंडी, बाड़मेर, शिव, घाटोल, दांतारामगढ़, सांगोद और चौहटन विधानसभा क्षेत्र शामिल हैं।
संबंधित निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि वे अपने विधानसभा क्षेत्रों में पात्र युवाओं और नवमतदाताओं के पंजीकरण की गति बढ़ाएं। नाम जोड़ने के लिए प्राप्त आवेदनों का प्राथमिकता के आधार पर निस्तारण सुनिश्चित करने और दैनिक प्रगति की नियमित समीक्षा करने के निर्देश भी दिए गए हैं।
मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने बताया कि अभियान का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि राज्य का कोई भी पात्र नागरिक मतदाता सूची में नाम दर्ज कराने से वंचित न रहे। इसके लिए जिला निर्वाचन अधिकारियों और निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारियों को अभियान की लगातार निगरानी करने तथा प्राप्त आवेदनों का शीघ्र और नियमानुसार निस्तारण करने के निर्देश दिए गए हैं।
पात्र नागरिक भारत निर्वाचन आयोग के पोर्टल voters.eci.gov.in अथवा ECINET के माध्यम से ऑनलाइन फॉर्म-6 भरकर मतदाता सूची में अपना नाम जुड़वाने के लिए आवेदन कर सकते हैं। अभियान के दौरान प्राप्त आवेदनों के निस्तारण और कम प्रगति वाले विधानसभा क्षेत्रों में सुधार पर प्रशासन का विशेष ध्यान रहेगा।