आमेट तेरापंथ सभा भवन में चातुर्मास प्रारंभ, चंद्र प्रकाश मेहता व कमल जैन का स्वागत
आमेट तेरापंथ सभा भवन में चातुर्मास प्रारंभ पर उपासक चंद्र प्रकाश मेहता व कमल जैन का स्वागत हुआ, धर्म आराधना का संदेश दिया गया।
तस्वीर में आमेट के तेरापंथ सभा भवन में चातुर्मास प्रारंभ के अवसर पर मंच पर बैठे उपासक चंद्र प्रकाश मेहता और कमल जैन नजर आ रहे हैं।
आमेट के तेरापंथ सभा भवन में चातुर्मास प्रारंभ के अवसर पर उपासक चंद्र प्रकाश मेहता व कमल जैन का स्वागत-अभिनंदन किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ सामूहिक रूप से नमस्कार महामंत्र के मंगल उच्चारण के साथ हुआ, जिससे पूरा वातावरण आध्यात्मिक ऊर्जा से ओत-प्रोत हो गया।
इस अवसर पर तेरापंथ सभा अध्यक्ष यशवंत चोरड़िया, सभा मंत्री ज्ञानेश्वर मेहता तथा तेरापंथ महिला मंडल निवर्तमान अध्यक्ष संगीता पामेचा ने अपने प्रेरणादायी विचार व्यक्त करते हुए उपासक श्री का स्वागत किया। वक्ताओं ने चातुर्मास को आत्मचिंतन, संयम, साधना एवं धर्म आराधना का श्रेष्ठ अवसर बताते हुए सभी श्रावकों से नियमित रूप से प्रवचन, स्वाध्याय एवं धार्मिक गतिविधियों में सहभागी बनने का आह्वान किया।
अपने प्रेरक उद्बोधन में उपासक चंद्र प्रकाश मेहता ने कहा कि चातुर्मास का वास्तविक उद्देश्य केवल धार्मिक अनुष्ठानों तक सीमित नहीं है, बल्कि अपने जीवन को संस्कारित, अनुशासित और आध्यात्मिक रूप से समृद्ध बनाना है। उन्होंने कहा कि मनुष्य यदि प्रतिदिन थोड़े समय के लिए भी आत्मचिंतन, स्वाध्याय, सामायिक, जप और ध्यान का अभ्यास करे तो उसका जीवन शांत, संतुलित और आनंदमय बन सकता है।
उपासक कमल जैन ने श्रावक समाज से आग्रह किया कि चातुर्मास के चार महीनों का अधिकतम सदुपयोग करते हुए धर्म आराधना, सेवा, त्याग, तप, संयम और सदाचार को अपने जीवन का अंग बनाएं। उन्होंने कहा कि परिवार में धार्मिक संस्कारों का वातावरण निर्मित करना प्रत्येक व्यक्ति का दायित्व है। बच्चों और युवाओं को भी धर्म एवं नैतिक मूल्यों से जोड़ना समय की आवश्यकता है।
उपासक श्री ने सभी को नियमित प्रवचनों में उपस्थित रहने, गुरु परंपरा के आदर्शों का अनुसरण करने तथा आत्मकल्याण के पथ पर अग्रसर होने की प्रेरणा दी। कार्यक्रम में उपस्थित श्रावक-श्राविकाओं ने श्रद्धापूर्वक सहभागिता निभाई। कार्यक्रम की जानकारी जेटीऐन प्रतिनिधि पवन कच्छारा ने दी।