आमेट में आयोजित राष्ट्रीय लोक अदालत में राजीनामा योग्य प्रकरणों के निस्तारण के लिए पक्षकारों को राहत मिली। राजस्थान राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, जयपुर के आदेशानुसार एवं जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, राजसमंद के निर्देशानुसार ताल्लुका विधिक सेवा समिति, आमेट में राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन किया गया। इसमें कुल 763 प्रकरण नियत किए गए, जिनमें से 395 प्रकरणों का राजीनामे के माध्यम से निस्तारण किया गया। इन प्रकरणों में कुल 25,61,866 रुपये की राशि का निस्तारण हुआ।

राष्ट्रीय लोक अदालत की बेंच में सुश्री प्रियंका चौहान (सिविल न्यायाधीश एवं न्यायिक मजिस्ट्रेट) न्यायिक अधिकारी तथा विनोद कुमार जांगीड (तहसीलदार, आमेट) सदस्य के रूप में शामिल रहे। बेंच ने राजीनामा योग्य प्रकरणों की सुनवाई करते हुए उनका निस्तारण किया।

लोक अदालत में भरण-पोषण से संबंधित 11 प्रकरण, एन.आई. एक्ट का 01 प्रकरण, फौजदारी के 40 प्रकरण और दीवानी के 04 प्रकरण सहित कुल 56 प्रकरणों का निस्तारण किया गया। इसके अतिरिक्त धन वसूली से संबंधित प्री-लिटिगेशन के 339 प्रकरणों का भी राजीनामे के माध्यम से निस्तारण हुआ। इस प्रकार कुल 395 प्रकरणों का निस्तारण करते हुए 25,61,866 रुपये की राशि से जुड़े मामलों का समाधान किया गया।

इस अवसर पर अधिवक्तागण प्रहलादसिंह चुण्डावत, मोहम्मद नूर और रामकृष्ण बुनकर उपस्थित रहे। इनके साथ एस.बी.आई. बैंक, आमेट, बैंक ऑफ बडौदा, आमेट, आईसीआईसीआई बैंक, आमेट, आईडीबीआई बैंक, लावा सरदारगढ़, बीएसएनएल आफिस, आमेट, एस.बी.आई. बैंक, जेतपुरा तथा एस.बी.आई. बैंक, लावा सरदारगढ के कर्मचारीगण, पक्षकारान् एवं न्यायिक कर्मचारीगण भी मौजूद रहे।

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