योग वेदांत समिति द्वारा वेवर महादेव मंदिर के पास संत श्री आशारामजी आश्रम आमेट में सर्वपितृ अमावस्या पर सामूहिक पितृ तर्पण करते श्रद्धालु.

आमेट में श्राद्ध पक्ष के अंतिम दिन सर्वपितृ अमावस्या पर सामूहिक पितृ तर्पण का आयोजन किया गया। योग वेदांत समिति की ओर से 10 अक्टूबर, शनिवार को वेवर महादेव मंदिर के पास स्थित संत श्री आशारामजी आश्रम में आयोजित इस धार्मिक कार्यक्रम में सैकड़ों श्रद्धालुओं ने भाग लिया। सुबह 9 बजे शुरू हुए कार्यक्रम में श्रद्धालुओं ने विधि-विधान से अपने पितरों के निमित्त तर्पण कर उनकी शांति और सद्गति की कामना की।

कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में महंत 1008 हरिदास महाराज उपस्थित रहे। पंडितों और विद्वान आचार्यों ने शास्त्रीय विधि-विधान के अनुसार जल, दूध, तिल और कुश के माध्यम से पितृ तर्पण संपन्न करवाया। नगर के अनेक श्रद्धालुओं ने इस धार्मिक आयोजन में शामिल होकर अपने पितरों के प्रति श्रद्धा अर्पित की और उनका आशीर्वाद प्राप्त करने की प्रार्थना की।

पंडित नारायण पालीवाल ने बताया कि सामाजिक समरसता और आपसी सद्भाव को बढ़ावा देने के उद्देश्य से सभी सनातन धर्मावलंबियों के लिए सर्वजातीय सामूहिक पितृ तर्पण का आयोजन किया गया। कई विद्वान आचार्यों की उपस्थिति में धार्मिक परंपराओं के अनुरूप विधि-विधान से तर्पण संपन्न कराया गया। आयोजन के माध्यम से विभिन्न जातियों के लोगों को एक साथ पितरों के प्रति श्रद्धा प्रकट करने का अवसर मिला।

धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, श्राद्ध पक्ष के अंतिम दिन सर्वपितृ अमावस्या पर पितरों का तर्पण और स्मरण करना विशेष पुण्यदायी माना जाता है। इस अवसर पर पितरों की शांति, सद्गति और परिवार की सुख-समृद्धि के लिए प्रार्थना की जाती है। पितृ तर्पण को पितरों के प्रति कृतज्ञता और श्रद्धा व्यक्त करने का महत्वपूर्ण माध्यम माना जाता है। आमेट में आयोजित इस सामूहिक कार्यक्रम में सैकड़ों श्रद्धालुओं की भागीदारी के साथ धार्मिक परंपराओं के निर्वहन और सामाजिक समरसता का संदेश दिया गया।

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