राहुल गांधी का नेताओं को फरमान: 'पुराने तरीके छोड़ो, लीक से हटकर सोचो'; कांग्रेस उठाने जा रही चौंकाने वाले कदम|
कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने पार्टी पदाधिकारियों के साथ बैठक में पारंपरिक विरोध प्रदर्शनों के बजाय नए और प्रभावी तरीकों को अपनाने का सुझाव दिया।
नई दिल्ली में आयोजित विरोध प्रदर्शन के दौरान राष्ट्रीय ध्वज तिरंगा लहराते कांग्रेस नेता राहुल गांधी।
कांग्रेस नेता राहुल गांधी की राजनीति करने की शैली बदल चुकी है और वे अब लगातार ऐसे कदम उठा रहे हैं जो विरोधियों को हैरान कर रहे हैं। सियासी विश्लेषकों का मानना है कि दिल्ली की सड़कों पर दिख रही यह नई रणनीति एक बड़ी योजना का हिस्सा है, जिसके तहत आने वाले समय में कांग्रेस और भी चौंकाने वाले कदम उठा सकती है। राहुल गांधी ने पार्टी के नेताओं को स्पष्ट फरमान दिया है कि वे पुराने और पारंपरिक तौर-तरीकों को छोड़कर नए और लीक से हटकर (Out of the Box) आइडिया पर काम करें, ताकि जनता का ध्यान आसानी से खींचा जा सके और विरोध प्रदर्शनों की व्यापक चर्चा हो सके।
कांग्रेस के पदाधिकारियों के अनुसार, सोमवार (5 अक्टूबर) को नई दिल्ली स्थित पार्टी मुख्यालय में AICC और PCC पदाधिकारियों के साथ एक बंद कमरे की बैठक बुलाई गई थी। इस बैठक का मुख्य उद्देश्य पार्टी के आगामी अभियानों और विरोध प्रदर्शनों की रूपरेखा तैयार करना था। इसी बैठक में राहुल गांधी ने रणनीतिक बदलाव का संदेश दिया था, जिसके ठीक अगले ही दिन वे पुलिस बैरिकेड पर चढ़कर तिरंगा लहराते दिखाई दिए और अपनी बहन प्रियंका गांधी वाड्रा के साथ धरने पर बैठ गए। इसके बाद बुधवार को जनपथ से जंतर-मंतर तक बड़ा विरोध प्रदर्शन आयोजित किया गया।
सोशल मीडिया और जनमानस पर बड़ा असर डालने के लिए राहुल गांधी ने विरोध प्रदर्शनों की शैली बदलने पर खास जोर दिया। अपनी बात को स्पष्ट करने के लिए उन्होंने बैठक में पिछले साल फरवरी में भारत मंडपम में आयोजित AI समिट का उदाहरण साझा किया। उन्होंने बताया कि किस तरह यूथ कांग्रेस के कार्यकर्ताओं के एक समूह ने बिना शर्ट के प्रदर्शन करके पूरे देश का ध्यान खींचा था। उस दिन लोगों के बीच AI कॉन्फ्रेंस की चर्चाओं के बजाय यूथ कांग्रेस के उस अनोखे प्रदर्शन की ही सबसे ज्यादा बात हो रही थी।
बैठक के दौरान जब सांसदों के मार्च, ब्लॉक-स्तरीय प्रदर्शन और गांव-स्तरीय संपर्क अभियानों पर चर्चा हुई, तो राहुल गांधी ने माना कि ये सभी कार्यक्रम सामान्य और पारंपरिक श्रेणी में आते हैं। उन्होंने कहा कि पार्टी को ऐसे नए विचारों की जरूरत है जो पूरी तरह अलग और असरदार हों। बैठक में मौजूद नेताओं ने उनके इस दृष्टिकोण का समर्थन किया और याद दिलाया कि जुलाई में प्रधानमंत्री आवास के पास और अगस्त में संसद मार्ग पुलिस स्टेशन पर हुए राहुल-प्रियंका के धरने का किस तरह व्यापक और वायरल असर पड़ा था।
इसके साथ ही, कांग्रेस पार्टी का विशेष ध्यान युवाओं और 'जेन जी' (Gen Z) को अपने साथ जोड़ने पर है। राहुल गांधी के छात्रों से जुड़ने के अभियानों में अब कई आधुनिक और आकर्षक तत्व शामिल किए गए हैं। इन कार्यक्रमों में रैंप जैसा स्टेज बनाना, बोलते समय राहुल गांधी का उस पर टहलना, रंगीन कागजों (कॉन्फ़ेटी) की बौछार के साथ स्वागत और अंत में सेल्फी सेशन जैसी गतिविधियां शामिल की गई हैं। इन सब बदलावों का मुख्य उद्देश्य युवाओं की सोच से तालमेल बिठाना और उन्हें आकर्षित करना है।
अपने शीर्ष नेता की इस नई कार्यशैली और हालिया धरने-प्रदर्शनों को देखने के बाद अब कांग्रेस के भीतर यह माहौल बन गया है कि आने वाले दिनों में पार्टी कई और अप्रत्याशित कदम उठाएगी। राहुल गांधी के इस रुख से अब पार्टी के अन्य पदाधिकारियों और राज्य इकाइयों पर भी इसी तरह के नए, रचनात्मक और चौंकाने वाले कार्यक्रम आयोजित करने का दबाव बढ़ गया है।