कांग्रेस अध्यक्ष खरगे के बयान पर पलटवार करते यूपी के उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य।   

उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री और भारतीय जनता पार्टी के नेता केशव प्रसाद मौर्य ने कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे की प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को लेकर की गई विवादित टिप्पणी पर तीखी प्रतिक्रिया देते हुए उन्हें ‘खड़ाऊ अध्यक्ष’ करार दिया। मौर्य ने कांग्रेस और गांधी परिवार पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री मोदी और उनके परिवार के प्रति राजनीतिक विद्वेष के चलते भाषा की मर्यादाएं लांघी जा रही हैं।

26 अक्टूबर 2026 को सोशल मीडिया मंच एक्स पर जारी बयान में केशव प्रसाद मौर्य ने लिखा कि ‘मोहब्बत की कथित दुकान’ चलाने वाली कांग्रेस यशस्वी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के प्रति राजनीतिक विद्वेष और नफरत में भाषा की सारी मर्यादाएं लांघकर दिन-प्रतिदिन नीचे गिरने का अपना ही रिकॉर्ड तोड़ रही है।

मौर्य ने कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे की उम्र और अनुभव का उल्लेख करते हुए सवाल उठाया कि गांधी परिवार के आदेश पर वे कब तक प्रधानमंत्री मोदी के परिवार के प्रति असंसदीय भाषा का इस्तेमाल करते रहेंगे और मोदी को जेल भेजने जैसी बातें करते रहेंगे। उन्होंने खरगे को कांग्रेस का ‘खड़ाऊ अध्यक्ष’ बताते हुए उनकी भूमिका पर सवाल खड़े किए।

उपमुख्यमंत्री ने आगे आरोप लगाया कि पूरी कांग्रेस को अपनी चिंता करने के बजाय गांधी परिवार की चिंता है और उसकी पहचान सांस्कृतिक गिरावट बन गई है। उन्होंने कहा कि गांधी परिवार के राजनीतिक भविष्य के ‘अंधकारमय’ होने की आशंका और अपने अस्तित्व की रक्षा की चिंता गाली-गलौज तथा व्यक्तिगत अपमान का आधार नहीं बन सकती।

मौर्य ने लोकतंत्र में विरोध के अधिकार और अभद्रता के बीच अंतर बताते हुए कहा कि विरोध करने का अधिकार है, लेकिन अभद्रता की अनुमति नहीं है। उन्होंने कहा कि जनता के जनादेश का सम्मान करना लोकतांत्रिक जिम्मेदारी है और कांग्रेस तथा गांधी परिवार इस जिम्मेदारी से बच नहीं सकते।

क्या है मल्लिकार्जुन खरगे के बयान का विवाद?

मल्लिकार्जुन खरगे की टिप्पणी को लेकर विवाद उस समय शुरू हुआ, जब उन्होंने विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) प्रक्रिया में कथित अनियमितताओं में शामिल लोगों को जेल भेजने की बात कही। इसी दौरान कार्यक्रम में मौजूद एक व्यक्ति ने चिल्लाकर कहा कि जब तक विद्रोह नहीं होगा, तब तक प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी कहीं नहीं जाएंगे। इस पर कांग्रेस अध्यक्ष ने पलटवार करते हुए कहा, “मोदी का बाप भी जाएगा।”

बाद में पत्रकारों से बातचीत में कार्यक्रम में दर्शक के रूप में मौजूद उस व्यक्ति ने अपनी पहचान संतोष कुमार बताई। उसने खुद को छपरा का कांग्रेस कार्यकर्ता बताया और दावा किया कि कार्यक्रम के दौरान बोलने पर लोगों ने उसे भाजपा कार्यकर्ता समझ लिया था।

संतोष कुमार ने अपनी टिप्पणी का अर्थ स्पष्ट करते हुए कहा, “मेरे कहने का मतलब यह था कि जब तक देश में विद्रोह नहीं होगा, तब तक नरेन्द्र मोदी कहीं नहीं जाएंगे।”

खरगे की इस टिप्पणी के बाद भाजपा नेताओं की ओर से कांग्रेस अध्यक्ष पर लगातार निशाना साधा जा रहा है। इसी क्रम में उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने उनके बयान को लेकर गांधी परिवार और कांग्रेस नेतृत्व की राजनीतिक भूमिका पर सवाल उठाए। विवाद ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर खरगे की टिप्पणी और उसके जवाब में भाजपा नेताओं की प्रतिक्रियाओं को लेकर राजनीतिक टकराव को और तेज कर दिया है।