काशीपुर में बिजली चोरी रोकने के लिए विजिलेंस और यूपीसीएल की संयुक्त कार्रवाई के बीच बिजली ट्रांसमिशन टावर।

उत्तराखंड के ऊधम सिंह नगर जिले के काशीपुर में बिजली चोरी के खिलाफ विजिलेंस और ऊर्जा विभाग ने बड़ी कार्रवाई की है। शनिवार, 17 अक्टूबर 2026 की सुबह शुरू हुए संयुक्त छापेमारी अभियान में 80 से अधिक स्थानों पर कटिया डालकर और मीटर बाईपास कर बिजली चोरी किए जाने के मामले पकड़े गए। कार्रवाई के दौरान क्षेत्र में हड़कंप मच गया।

काशीपुर के बरखेड़ी, कटईया और लोहिया गांव क्षेत्र में विजिलेंस और उत्तराखंड पावर कॉरपोरेशन लिमिटेड (यूपीसीएल) की संयुक्त टीम ने बिजली चोरी के खिलाफ अभियान चलाया। टीम ने अलग-अलग स्थानों पर छापेमारी कर अवैध रूप से बिजली का इस्तेमाल करने के मामले पकड़े।

टीम के पहुंचते ही बिजली चोरी कर रहे लोगों में अफरा-तफरी मच गई। कई लोगों ने कटिया हटाकर मौके से भागने की कोशिश की। हालांकि, टीम ने वीडियोग्राफी के जरिए साक्ष्य जुटाए और मौके पर ही बिजली चोरी का आकलन किया। पकड़े गए सभी मामलों में जुर्माना लगाने और प्राथमिकी दर्ज करने की कार्रवाई की जा रही है।

विभाग के अनुसार, यह कार्रवाई पूरे उत्तराखंड में चलाए जा रहे विशेष अभियान का हिस्सा है। विभागीय आंकड़ों के मुताबिक, राज्य में एटीएंडसी लॉस (बिजली वितरण के दौरान तकनीकी और वाणिज्यिक नुकसान) तथा बिजली चोरी के कारण हर साल करीब 1,000 करोड़ रुपये का नुकसान हो रहा है।

यूपीसीएल के कुमाऊं चीफ शेखर त्रिपाठी ने बताया कि कुमाऊं मंडल के हल्द्वानी, रामनगर और काशीपुर में अब तक बिजली चोरी के 250 से अधिक मामले दर्ज किए जा चुके हैं। उन्होंने काशीपुर के बरखेड़ी पांडे, कटईया और लोहिया गांव में की गई कार्रवाई को बड़ी कार्रवाई बताया।

विभाग ने लोगों से अपील की है कि वे वैध बिजली कनेक्शन लें और बिजली का अवैध इस्तेमाल करने से बचें। विभाग ने स्पष्ट किया है कि नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ जुर्माने के साथ आपराधिक कार्रवाई भी की जाएगी। काशीपुर में 80 से अधिक स्थानों पर हुई छापेमारी के बाद बिजली चोरी के मामलों में विभागीय कार्रवाई तेज होने के संकेत मिले हैं।