तस्वीर में श्योपुरा देवमाली में आयोजित पशु चिकित्सा शिविर के दौरान ग्रामीण और चिकित्सा कर्मी एक भूरे रंग की बकरी के साथ नजर आ रहे हैं।

श्योपुरा देवमाली में राजकीय पशु चिकित्सालय केलू की ओर से आयोजित पशु चिकित्सा एवं बांझपन निवारण शिविर में 398 पशुओं का उपचार किया गया। शिविर में 126 बड़े और 272 छोटे पशुओं का उपचार कर निःशुल्क दवाइयां वितरित की गईं, जबकि 14 पशुओं का बांझपन निवारण किया गया।

शिविर के दौरान 10 भेड़ों का मुख्यमंत्री मंगला पशु बीमा योजना के तहत मौके पर ही निःशुल्क बीमा करवाया गया और पॉलिसी बनाने की कार्रवाई पूरी की गई। पशुपालकों को योजना की जानकारी देते हुए बताया गया कि मसूदा ब्लॉक की दोनों तहसीलों में देवमाली ग्राम पंचायत में आयोजित ग्रामीण सेवा शिविर के दौरान सर्वाधिक 182 बीमा पॉलिसियों का वितरण किया गया है।

डॉ. दिनेश कुमार सुन्वासिया ने पशुपालकों को सरकार द्वारा संचालित पशु हितैषी योजनाओं और सुविधाओं की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि ब्लॉक मसूदा की प्रत्येक ग्राम पंचायत मुख्यालय स्थित राजकीय पशु चिकित्सा संस्थाओं में 50 रुपए शुल्क पर साधारण सीमेन तथा 70 रुपए शुल्क पर बछड़ी वाला सीमेन कृत्रिम गर्भाधान के लिए उपलब्ध है।

उन्होंने बताया कि पशुपालक मात्र 10 रुपए गृह सेवा शुल्क देकर घर बैठे भी कृत्रिम गर्भाधान की सुविधा प्राप्त कर सकते हैं। इसके अलावा सरकार की मोबाइल पशु चिकित्सा यूनिट के टोल-फ्री नंबर 1962 पर कॉल कर पशुपालक घर बैठे पशु चिकित्सा सुविधा प्राप्त कर सकते हैं।

इस सेवा के तहत पशु चिकित्सक, पशुधन निरीक्षक एवं ड्राइवर-कम-हेल्पर की टीम पशुपालक के घर पहुंचकर निःशुल्क पशु उपचार करती है। शिविर में वर्तमान में संचालित लम्पी स्किन डिजीज टीकाकरण अभियान की जानकारी भी दी गई और पशुपालकों से अपने पशुओं का समय पर टीकाकरण करवाने का आह्वान किया गया।

शिविर के सफल आयोजन में पशु परिचर दिनेश खाती का विशेष योगदान रहा। इस दौरान श्योपुरा के ग्रामीण मुकेश, नारायण शर्मा, शहजाद खान, राजू रावत, सूरजमल एवं मंजू सहित अन्य पशुपालक उपस्थित रहे और शिविर का लाभ लिया। शिविर के माध्यम से पशुओं के उपचार, बांझपन निवारण, बीमा, कृत्रिम गर्भाधान और टीकाकरण से जुड़ी सरकारी सुविधाओं की जानकारी एवं लाभ पशुपालकों तक पहुंचाया गया।

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