ब्यावर में NCORD समीक्षा बैठक: नशा मुक्त अभियान को जन आंदोलन बनाने, तस्करों पर कड़ी कार्रवाई के निर्देश
ब्यावर में NCORD समीक्षा बैठक में नशा मुक्त अभियान को जन आंदोलन बनाने, तस्करों पर सख्त कार्रवाई, साइबर पेट्रोलिंग और विभागीय समन्वय बढ़ाने के निर्देश दिए गए।
ब्यावर में आयोजित एनसीओआरडी बैठक के दौरान चर्चा करते प्रशासनिक, पुलिस और अन्य विभागों के अधिकारी।
ब्यावर में मादक पदार्थों की तस्करी, अवैध कारोबार और नशे के सेवन पर प्रभावी नियंत्रण के उद्देश्य से सोमवार को अतिरिक्त जिला कलक्टर ब्रह्मलाल जाट की अध्यक्षता में जिला स्तरीय नारकोटिक्स कोऑर्डिनेशन सेंटर (NCORD) की समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक डॉ. अनुकृति उज्जैनिया सहित पुलिस, चिकित्सा, शिक्षा, आबकारी, वन, राजस्व, आरपीएफ तथा अन्य संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।
बैठक में जिले में विगत दो माह के दौरान एनडीपीएस एक्ट के अंतर्गत की गई कार्रवाई की समीक्षा करते हुए मादक पदार्थों की तस्करी, अवैध कारोबार और नशे के विरुद्ध चलाए जा रहे अभियानों की प्रगति पर विस्तार से चर्चा की गई। विभिन्न विभागों के बीच समन्वय बढ़ाने, प्रभावी निगरानी और कार्रवाई को और सशक्त बनाने पर भी जोर दिया गया।
अतिरिक्त जिला कलक्टर ब्रह्मलाल जाट ने कहा कि "नशा मुक्त ब्यावर" अभियान को जन आंदोलन का स्वरूप दिया जाए। उन्होंने राष्ट्रीय नारकोटिक्स हेल्पलाइन "मानस-1933" का व्यापक प्रचार-प्रसार सुनिश्चित करने तथा मादक पदार्थों की तस्करी से संबंधित सूचनाएं तत्काल एनसीबी तक पहुंचाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि खुफिया सूचना तंत्र को मजबूत बनाते हुए नशा तस्करों के विरुद्ध लगातार प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।
बैठक में विद्यालयों, महाविद्यालयों, पुस्तकालयों और शिक्षण संस्थानों के आसपास स्थित पान, चाय तथा अन्य दुकानों पर मादक पदार्थों की बिक्री और सेवन रोकने के लिए नियमित संयुक्त निरीक्षण करने के निर्देश दिए गए। साथ ही मेडिकल स्टोर्स पर प्रतिबंधित एवं साइकोट्रॉपिक दवाओं की बिक्री की सघन जांच करने तथा नशीली दवाओं के दुरुपयोग पर प्रभावी अंकुश लगाने पर भी बल दिया गया।
अतिरिक्त जिला पुलिस अधीक्षक डॉ. अनुकृति उज्जैनिया ने कहा कि मादक पदार्थों की तस्करी के विरुद्ध अभियान को और अधिक प्रभावी बनाया जाएगा। उन्होंने मानव आसूचना तंत्र (ह्यूमन इंटेलिजेंस) को मजबूत करने, विभिन्न एजेंसियों के बीच समन्वय बढ़ाने तथा सोशल मीडिया के माध्यम से युवाओं को नशे के दुष्प्रभावों के प्रति जागरूक करने की आवश्यकता पर जोर दिया।
बैठक में जिला अस्पताल स्थित डी-एडिक्शन सेंटर के संचालन एवं निगरानी, युवाओं और महिलाओं की भागीदारी से जनजागरूकता अभियान चलाने, नशे के दुष्प्रभावों पर विशेष कार्यक्रम आयोजित करने तथा डार्क नेट के माध्यम से होने वाली मादक पदार्थों की तस्करी पर साइबर पेट्रोलिंग बढ़ाने के निर्देश भी दिए गए। इसके साथ ही संवेदनशील क्षेत्रों में अवैध प्रयोगशालाओं पर निगरानी रखने तथा एपीआई केमिकल्स के दुरुपयोग पर प्रभावी नियंत्रण सुनिश्चित करने पर भी चर्चा की गई।
बैठक के अंत में अतिरिक्त जिला कलक्टर ब्रह्मलाल जाट ने सभी विभागों को राज्य स्तरीय एनकॉर्ड (NCORD) समिति द्वारा जारी दिशा-निर्देशों की शत-प्रतिशत पालना सुनिश्चित करते हुए समन्वित प्रयासों के माध्यम से नशा मुक्त समाज के निर्माण में सक्रिय भूमिका निभाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि प्रशासन, पुलिस और आमजन की सहभागिता से ही जिले को नशा मुक्त बनाने का लक्ष्य प्राप्त किया जा सकता है।