ब्यावर में श्रद्धेय नारायण सिंह जी रेड़ा जयंती पर 700 समाज बंधुओं का पारिवारिक स्नेह मिलन समारोह
ब्यावर में श्रद्धेय नारायण सिंह जी रेड़ा जयंती एवं पारिवारिक स्नेह मिलन समारोह में 700 समाज बंधु जुटे। वक्ताओं ने संगठन, अनुशासन और सामाजिक एकता पर दिया विशेष संदेश।
तस्वीर में दिख रहे एक वक्ता राघव श्री गार्डन में आयोजित कार्यक्रम के दौरान पोडियम पर खड़े होकर उपस्थित जनसमूह को संबोधित करते हुए।
राजस्थान के ब्यावर में 31 जुलाई को श्री क्षत्रिय युवक संघ, सोजत–ब्यावर प्रांत के तत्वावधान में श्रद्धेय नारायण सिंह जी रेड़ा की जयंती एवं पारिवारिक स्नेह मिलन समारोह का भव्य आयोजन राघव श्री गार्डन में उत्साह एवं गरिमामय वातावरण में सम्पन्न हुआ। समारोह में 700 की संख्या में समाज बंधुओं एवं परिवारों ने सहभागिता कर संगठन की एकता और सामाजिक समरसता का परिचय दिया।
कार्यक्रम में जालोर–सिरोही संभाग प्रमुख अर्जुनसिंह देलदरी ने श्रद्धेय नारायण सिंह जी रेड़ा के संघ जीवन पर प्रकाश डालते हुए कहा कि उन्होंने केवल 19 वर्ष की आयु में अपना सम्पूर्ण जीवन श्री क्षत्रिय युवक संघ को समर्पित कर दिया। इसके बाद उन्होंने जिस प्रकार संघ के लिए निरंतर कार्य किया, उसी समर्पण के कारण वे नजर से नारायण बन गए और समाज को प्रेरणा देकर गए। उन्होंने कहा कि रेड़ा जी के त्याग, तपस्या और अनुशासन ने संघ को नई दिशा दी तथा समाज निर्माण में उनका योगदान अमूल्य रहा। उन्होंने रेड़ा जी के उस संदेश को भी दोहराया कि समाज की वास्तविक शक्ति केवल धन, स्वास्थ्य या ज्ञान में नहीं, बल्कि सामाजिक भावना और संगठन में निहित है।
इस अवसर पर पाली संभाग प्रमुख श्री मोहब्बत सिंह ने श्री क्षत्रिय युवक संघ की कार्यप्रणाली, उद्देश्य, संस्कार, अनुशासन एवं संगठनात्मक विस्तार की विस्तृत जानकारी देते हुए समाज बंधुओं से संघ के आदर्शों को अपनाकर समाज को संगठित, संस्कारित एवं सशक्त बनाने का आह्वान किया।
समारोह को मसुदा विधायक, कानावत साहब, इन्द्र सिंह बागावास, अजीतसिंह चादारण, अजीत सिंह रूदिया तथा भाजपा महिला पदाधिकारी सुमन कंवर शेरगढ़ ने भी संबोधित किया। कार्यक्रम के सफल संचालन में दिग्विजय कोलीवाड़ा, हीरसिंह लोडता, प्रांत प्रमुख बहादुर सिंह जी तथा आयोजन समिति का सहयोग रहा। इससे पूर्व भाग्यश्री धींगाणा ने प्रार्थना के साथ कार्यक्रम की शुरुआत करवाई। समारोह का समापन सामाजिक एकता, संगठन और संस्कारों के संदेश के साथ हुआ।