पालघर में एसटी स्मार्ट कार्ड की तकनीकी गड़बड़ी से बढ़ी परेशानी, महिलाओं और बुजुर्गों को पूरा किराया देने की नौबत
स्मार्ट कार्ड में खराबी और सर्वर डाउन होने से महिलाओं व बुजुर्गों को रियायती किराए का लाभ नहीं मिल पा रहा है।
पालघर जिले में महाराष्ट्र राज्य मार्ग परिवहन महामंडल की बस और टिकट मशीन में तकनीकी खराबी के कारण यात्रियों को हो रही असुविधा।तस्वीर में महाराष्ट्र राज्य मार्ग परिवहन महामंडल की बस और हाथ में पकड़ी टिकट मशीन दिख रही है।
पालघर जिले में एसटी बसों से सफर करने वाली महिलाओं, वरिष्ठ नागरिकों और आदिवासी यात्रियों को स्मार्ट कार्ड प्रणाली में तकनीकी गड़बड़ियों के कारण परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। आरोप है कि कार्ड में पर्याप्त राशि होने के बावजूद टिकट मशीन में खराबी के कारण यात्रियों को रियायती किराये के बजाय पूरा टिकट खरीदना पड़ रहा है। इस समस्या को लेकर स्थानीय जनप्रतिनिधियों और नागरिकों ने चिंता जताई है।
महिलाओं और वरिष्ठ नागरिकों को शासन की ओर से लागू किराया रियायतों का लाभ दिलाने के लिए एसटी प्रशासन ने 1 अक्टूबर से स्मार्ट कार्ड अनिवार्य कर दिया है। हालांकि, ग्रामीण क्षेत्रों में एनसीएमसी स्मार्ट कार्ड का इस्तेमाल करते समय एसटी बसों की टिकट मशीनों में खराबी, सर्वर डाउन होने और कार्ड सिंक नहीं होने जैसी समस्याएं सामने आ रही हैं। इसका सबसे अधिक असर पालघर जिले के ग्रामीण और आदिवासी क्षेत्रों के यात्रियों पर पड़ रहा है। उन्हें आर्थिक नुकसान के साथ मानसिक परेशानी भी झेलनी पड़ रही है।
नई स्मार्ट कार्ड प्रणाली को लेकर बस परिचालकों को उचित और स्पष्ट प्रशिक्षण दिया गया है या नहीं, इस पर भी सवाल उठ रहे हैं। यात्रियों की असुविधा दूर करने के लिए प्रशासन से मांग की गई है कि टिकट मशीनों और सर्वर में आ रही तकनीकी खराबियों को तत्काल ठीक किया जाए। परिचालकों को उचित प्रशिक्षण दिया जाए और तकनीकी समस्याओं का पूरी तरह समाधान होने तक पुराने पहचान पत्र या आधार कार्ड को रियायती यात्रा के लिए मान्य किया जाए।
इस मामले में पालघर एसटी विभाग की नियंत्रक कल्याणी ढगे से संपर्क किया गया। उन्होंने बताया कि इस समस्या को लेकर एसटी प्रशासन के पास अभी तक कोई आधिकारिक या लिखित शिकायत दर्ज नहीं कराई गई है। उन्होंने उन यात्रियों से नजदीकी एसटी डिपो में जाकर जल्द से जल्द अपना एनसीएमसी स्मार्ट कार्ड बनवाने की अपील की है, जिनके पास अभी तक स्मार्ट कार्ड नहीं है। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि नियमानुसार रियायती यात्रा के लिए वैध स्मार्ट कार्ड उपलब्ध नहीं होने पर यात्रियों से पूरा किराया वसूला जा रहा है।
एक ओर नागरिकों का कहना है कि तकनीकी गड़बड़ियों के कारण यात्रियों को रियायतों का लाभ लेने में परेशानी हो रही है, वहीं दूसरी ओर प्रशासन का कहना है कि इस संबंध में कोई आधिकारिक शिकायत प्राप्त नहीं हुई है और यात्रियों को स्मार्ट कार्ड बनवाना चाहिए। ऐसे में इस समस्या के समाधान के लिए एसटी महामंडल और संबंधित प्रशासन आने वाले समय में क्या कदम उठाते हैं, इस पर सबकी नजर है।
पालघर जिले के कई नागरिक रोजाना आवागमन के लिए एसटी बसों पर निर्भर हैं। ऐसे में सरकारी रियायतों का लाभ लेते समय तकनीकी बाधाओं का सामना करना उनके लिए मुश्किलें बढ़ा रहा है। शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) की महिला उपजिला प्रमुख गीता सांखे ने कहा कि सरकारी योजनाओं का वास्तविक लाभ नागरिकों तक पहुंचाने के लिए तकनीक के साथ उचित प्रशिक्षण और प्रभावी क्रियान्वयन भी जरूरी है। उन्होंने इस समस्या को गंभीरता से लेने की आवश्यकता जताई।