पालघर में दर्दनाक हादसा: गरबा खेलकर लौट रहे आश्रमशाला के 3 छात्रों की मौत, 2 गंभीर
पालघर के जव्हार में गरबा से लौटते समय बाइक पेड़ से टकराने के कारण आश्रमशाला के तीन छात्रों की मृत्यु हो गई और दो घायल हो गए।
पालघर जिले के जव्हार तालुका स्थित एकात्मिक आदिवासी विकास प्रकल्प कार्यालय, जिसके अंतर्गत आने वाली आवासीय आश्रमशाला के छात्रों की सड़क दुर्घटना में जान जाने के बाद परिसर में जांच और सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा की जा रही है।
महाराष्ट्र के पालघर जिले के जव्हार तालुका में एक दर्दनाक सड़क हादसे में अनुदानित आवासीय आश्रमशाला के तीन विद्यार्थियों की मौत हो गई, जबकि दो अन्य गंभीर रूप से घायल हो गए। यह हादसा हिरडपाड़ा स्थित एकलव्य गगनगिरी अनुदानित आवासीय आश्रमशाला के पांच विद्यार्थियों के साथ हुआ। रविवार रात सारसून में गरबा खेलने गए पांच विद्यार्थी सोमवार तड़के आश्रमशाला लौट रहे थे, तभी उनकी मोटरसाइकिल ऐना के पेड़ से टकरा गई। टक्कर इतनी जोरदार थी कि दो विद्यार्थियों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि तीसरे ने नासिक के सिविल अस्पताल में उपचार के दौरान दम तोड़ दिया। गंभीर रूप से घायल दो विद्यार्थियों का नासिक में उपचार चल रहा है और उनकी हालत चिंताजनक बताई जा रही है।
मिली जानकारी के अनुसार, हिरडपाड़ा स्थित गगनगिरी अनुदानित आवासीय आश्रमशाला में रहने वाले पांच विद्यार्थी रविवार रात छात्रावास से बाहर निकलकर गरबा खेलने सारसून गए थे। रात करीब तीन बजे गरबा खेलने के बाद वे आश्रमशाला लौट रहे थे। इसी दौरान एक विद्यार्थी ने अस्पताल जाने की बात कहकर गांव के एक दुकानदार से मोटरसाइकिल मांगी थी। इसके बाद पांचों विद्यार्थी एक ही पुरानी स्प्लेंडर मोटरसाइकिल पर सवार होकर जव्हार की दिशा में रवाना हो गए।
सारसून गांव से आगे जव्हार की ओर जाते समय एक मोड़ पर उनकी मोटरसाइकिल ऐना के पेड़ से जोरदार टकरा गई। हादसे में दो विद्यार्थियों की घटनास्थल पर ही मौत हो गई। गंभीर रूप से घायल तीन अन्य विद्यार्थियों को उपचार के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया। हालांकि, इनमें से एक विद्यार्थी की उपचार के दौरान मौत हो गई। इस तरह दुर्घटना में कुल तीन विद्यार्थियों की जान चली गई, जबकि दो विद्यार्थी गंभीर रूप से घायल हो गए।
हादसे में सुमित मोतीराम गिंभल, कक्षा 12वीं, प्रीतम गणेश पोटिंदा, कक्षा 9वीं और रुस्तम अमित पोटिंदा, कक्षा 9वीं की मौत हुई है। वहीं, सुमित जितेश भोरे, कक्षा 10वीं और सुजित सुनील पोटिंदा, कक्षा 12वीं गंभीर रूप से घायल हैं। पढ़ाई करके अपना भविष्य बनाने की उम्र में तीन विद्यार्थियों की मौत से उनके परिवारों पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। घटना के बाद पूरे क्षेत्र में शोक का माहौल है। इस दुर्घटना ने आवासीय आश्रमशालाओं में रहने वाले विद्यार्थियों की सुरक्षा और निगरानी व्यवस्था पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं।
इस मामले की जांच पुलिस निरीक्षक किरण पवार कर रहे हैं। जांच में हादसे के वास्तविक कारणों, विद्यार्थियों के रात में यात्रा करने की परिस्थितियों और आश्रमशाला में निगरानी व्यवस्था में संभावित खामियों का पता लगाए जाने की उम्मीद है।
तीन विद्यार्थियों की मौत के बाद अभिभावकों ने आवासीय आश्रमशालाओं में बच्चों की सुरक्षा को लेकर जांच कराने और जिम्मेदारी तय करने की मांग की है। अभिभावकों का सवाल है कि विद्यार्थियों की निगरानी के लिए पर्याप्त व्यवस्था थी या नहीं, रात के समय उन्हें परिसर से बाहर जाने से रोकने के लिए क्या सावधानियां बरती जाती हैं और संबंधित नियमों का पालन किया जा रहा है या नहीं। अभिभावकों ने यह भी मांग की है कि यदि मामले में लापरवाही सामने आती है तो संबंधित लोगों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाए।
दुर्घटना के बाद आश्रमशाला की सुरक्षा और विद्यार्थियों की देखरेख को लेकर कई सवाल उठ रहे हैं। आवासीय छात्रावास में रहने वाले पांच विद्यार्थी रात के समय किसी को बताए बिना बाहर कैसे निकल गए? जब उन्होंने अनुमति के बिना आश्रमशाला छोड़ी, तो क्या संबंधित कर्मचारियों को इसकी जानकारी नहीं मिली? रात में विद्यार्थियों की निगरानी की जिम्मेदारी संभालने वाले अधीक्षक और अन्य कर्मचारियों की क्या भूमिका थी? इन सवालों के जवाब जांच के बाद सामने आने की उम्मीद है।
हादसे की जानकारी मिलने पर स्थानीय विधायक हरिश्चंद्र भोये ने घटनास्थल का दौरा कर स्थिति की जानकारी ली। आदिवासी विकास विभाग के अधिकारी पी. के. सिद्धार्थ रामकुमार ने भी घटनास्थल का निरीक्षण किया। अभिभावकों और स्थानीय नागरिकों ने उम्मीद जताई है कि मृत विद्यार्थियों के परिवारों को न्याय मिलेगा और दुर्घटना की वास्तविक परिस्थितियां सामने आएंगी। अब पुलिस जांच के साथ आश्रमशाला की निगरानी व्यवस्था की पड़ताल भी इस मामले में महत्वपूर्ण मानी जा रही है।