ग्रेट प्लेस टू वर्क 2026 रैंकिंग में उज्जीवन स्मॉल फाइनेंस बैंक ने मारी बड़ी छलांग, भारत में 8वां स्थान हासिल

ग्रेट प्लेस टू वर्क® इंडिया 2026 रैंकिंग में उज्जीवन स्मॉल फाइनेंस बैंक ने 8वां स्थान हासिल किया। जानिए कर्मचारियों की कार्य-संस्कृति और उपलब्धि की पूरी कहानी।

Update: 2026-07-30 11:07 GMT

तस्वीर में उज्जीवन स्मॉल फाइनेंस बैंक का आधिकारिक लोगो और कार्यालय परिसर दिखाई दे रहा है।

भारत के प्रमुख स्मॉल फाइनेंस बैंकों में शामिल उज्जीवन स्मॉल फाइनेंस बैंक (उज्जीवन एसएफबी) ने ‘काम करने के लिए भारत की 100 सर्वश्रेष्ठ कंपनियों’ (इंडियाज़ बेस्ट कंपनीज़ टू वर्क फॉर 2026) की सूची में 8वां स्थान हासिल किया है। ग्रेट प्लेस टू वर्क® इंडिया द्वारा जारी इस रैंकिंग में बैंक ने अपनी पिछली स्थिति की तुलना में उल्लेखनीय छलांग लगाई है, जिससे देश में काम करने के लिए सबसे पसंदीदा संस्थानों में उसकी पहचान और मजबूत हुई है।

इस उपलब्धि के साथ ही उज्जीवन एसएफबी को ‘बीएफएसआई 2026 में भारत के सर्वश्रेष्ठ कार्यस्थलों’ की टॉप 25 सूची और ‘स्वास्थ्य और कल्याण 2026 में भारत के सर्वश्रेष्ठ कार्यस्थलों’ की टॉप 10 सूची में भी स्थान मिला है। बैंक के अनुसार यह सम्मान उस कार्य-संस्कृति का प्रमाण है, जिसके तहत कर्मचारियों को आगे बढ़ने, बेहतर प्रदर्शन करने और निरंतर विकास के अवसर उपलब्ध कराए जाते हैं।

बैंक ने बताया कि यह उपलब्धि केवल एक रैंकिंग नहीं, बल्कि वर्षों से कार्य-संस्कृति में किए गए निरंतर सुधार का परिणाम है। पिछले कुछ वर्षों में लीडरशिप की पहुंच बढ़ाने, कर्मचारियों के कल्याण, करियर विकास, नवाचार को प्रोत्साहन देने और कर्मचारियों के फीडबैक को प्राथमिकता देने की दिशा में लगातार काम किया गया है। इसी का परिणाम है कि उज्जीवन एसएफबी लगातार 16 वर्षों से ग्रेट प्लेस टू वर्क® की मान्यता प्राप्त कर रहा है। बैंक के अनुसार वर्ष 2009 से 2016 तक यह मान्यता यूएफएसएल और वर्ष 2017 से 2026 तक यूएसएफबी के रूप में प्राप्त हुई है।

उज्जीवन एसएफबी की ह्यूमन रिसोर्स हेड सुश्री चंद्रलेखा चौधरी ने कहा, “काम करने के लिए भारत की सबसे अच्छी कंपनियों में शामिल होना हमारे लिए बहुत विशेष है, क्योंकि यह पहचान कर्मचारियों के फीडबैक और अनुभवों के आधार पर मिली है। यह रैंकिंग प्रदर्शित करती है कि हमारे लोग कंपनी पर कितना भरोसा करते हैं और हमारे कल्चर के बारे में उनकी ईमानदार राय क्या है। यही वजह है कि इसे वर्कप्लेस पर बेहतरीन कामकाज का सबसे भरोसेमंद पैमाना माना जाता है। हम उज्जीवन एसएफबी के हर उस कर्मचारी के बहुत आभारी हैं, जिनकी राय और योगदान से यह कामयाबी मिली है। जैसे-जैसे हम आगे बढ़ रहे हैं, हम भरोसे का कल्चर बनाने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध हैं।”

वित्त वर्ष 2025-26 के दौरान बैंक ने कर्मचारियों के विकास और निरंतर सीखने पर विशेष ध्यान दिया। व्यवस्थित लर्निंग, लीडरशिप प्रोग्राम और डिजिटल लर्निंग के माध्यम से प्रत्येक कर्मचारी को 48 से अधिक लर्निंग घंटे उपलब्ध कराए गए तथा लर्निंग मैनेजमेंट सिस्टम (एलएमएस) का उपयोग 99 प्रतिशत तक दर्ज किया गया।

समावेशी कार्य-संस्कृति को बढ़ावा देने के लिए बैंक के बोर्ड में 56 प्रतिशत और शीर्ष प्रबंधन में 20 प्रतिशत महिलाओं की भागीदारी सुनिश्चित की गई। वहीं एआई आधारित फीडबैक प्लेटफॉर्म, लीडरशिप टाउन हॉल और कर्मचारी फोरम के माध्यम से कर्मचारियों की राय को प्राथमिकता दी गई, जिसके परिणामस्वरूप बैंक ने 93 प्रतिशत जीपीटीडब्ल्यू ट्रस्ट इंडेक्स हासिल किया।

बैंक ने आंतरिक करियर अवसरों, लीडरशिप डेवलपमेंट प्रोग्राम और निरंतर पहचान की संस्कृति के माध्यम से कर्मचारियों के करियर विकास को भी प्रोत्साहित किया। इसके साथ ही 26,500 से अधिक कर्मचारियों और उनके परिवारों के लिए व्यापक स्वास्थ्य एवं वेलनेस सहायता, मानसिक स्वास्थ्य सेवाएं और लचीली कार्य व्यवस्था उपलब्ध कराकर ‘लोगों को प्राथमिकता’ देने वाली अपनी कार्य-संस्कृति को और मजबूत किया।

आज उज्जीवन एसएफबी पूरे भारत में 26,500 से अधिक लोगों को रोजगार उपलब्ध करा रहा है और ऐसा समावेशी कार्य वातावरण विकसित कर रहा है, जहां कर्मचारियों को आगे बढ़ने, नवाचार करने और लाखों ग्राहकों के जीवन में सार्थक बदलाव लाने के लिए सशक्त बनाया जा रहा है।

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