एसबीआई लाइफ का ‘प्रीमियम माफी’ राइडर लॉन्च, गंभीर बीमारी और दिव्यांगता में मिलेगी राहत
एसबीआई लाइफ इंश्योरेंस ने ‘वेवर ऑफ प्रीमियम’ राइडर लॉन्च किया है। जानिए गंभीर बीमारी, दुर्घटना से स्थायी दिव्यांगता और अन्य निर्धारित परिस्थितियों में प्रीमियम माफी का लाभ कैसे मिलेगा और कौन-सी शर्तें लागू होंगी।
एसबीआई लाइफ इंश्योरेंस ने मुंबई में वेवर ऑफ प्रीमियम राइडर लॉन्च किया, जिससे गंभीर बीमारी या अप्रत्याशित संकट के समय पॉलिसीधारकों के प्रीमियम माफ हो सकेंगे।
एसबीआई लाइफ इंश्योरेंस ने ‘वेवर ऑफ प्रीमियम’ राइडर लॉन्च किया है, जिसका उद्देश्य गंभीर बीमारी, दिव्यांगता और अन्य निर्धारित परिस्थितियों में पॉलिसीधारकों की लंबी अवधि की वित्तीय योजनाओं को जारी रखने में मदद करना है। इस राइडर के तहत पात्र परिस्थितियां उत्पन्न होने पर भविष्य के सभी प्रीमियम, अतिरिक्त प्रीमियम सहित, माफ कर दिए जाएंगे। इससे मूल बीमा पॉलिसी और उससे जुड़े अन्य राइडर निर्धारित शर्तों के अनुसार जारी रह सकेंगे।
मुंबई, अक्टूबर 2026 में एसबीआई लाइफ इंश्योरेंस ने यह नया राइडर पेश किया। कंपनी के अनुसार, इसे इस तरह तैयार किया गया है कि अप्रत्याशित परिस्थितियों के कारण प्रीमियम भुगतान करने की क्षमता प्रभावित होने पर भी पॉलिसीधारकों की लंबी अवधि की वित्तीय योजनाएं बाधित न हों।
वित्तीय नियोजन एक दीर्घकालिक प्रक्रिया है, जिसमें कई वर्षों तक आर्थिक प्रतिबद्धताएं निभानी होती हैं। बच्चों की शिक्षा, सेवानिवृत्ति की तैयारी, परिवार को आर्थिक सुरक्षा देना और अन्य महत्वपूर्ण वित्तीय जरूरतों को पूरा करना ऐसे लक्ष्य हैं, जिनके लिए नियमित वित्तीय योगदान और पर्याप्त सुरक्षा जरूरी होती है। हालांकि, किसी अप्रत्याशित घटना के कारण व्यक्ति की प्रीमियम भुगतान करने की क्षमता प्रभावित हो सकती है, जिससे इन लक्ष्यों को पूरा करने की योजना पर असर पड़ सकता है।
एसबीआई लाइफ का ‘वेवर ऑफ प्रीमियम’ राइडर इसी चुनौती को ध्यान में रखकर पेश किया गया है। इसके तहत राइडर में शामिल निर्धारित परिस्थितियां उत्पन्न होने पर भविष्य के सभी प्रीमियम, अतिरिक्त प्रीमियम सहित, माफ कर दिए जाएंगे। इसके बाद मूल पॉलिसी और उससे जुड़े अन्य राइडर अपनी निर्धारित शर्तों के अनुसार जारी रहेंगे। इससे प्रीमियम भुगतान करने में असमर्थ होने की स्थिति में भी परिवार की आर्थिक सुरक्षा बनाए रखने और बच्चों की शिक्षा तथा सेवानिवृत्ति जैसे दीर्घकालिक वित्तीय लक्ष्यों को जारी रखने में मदद मिल सकती है।
यह राइडर कंपनी के चुनिंदा व्यक्तिगत गैर-लिंक्ड और लिंक्ड जीवन बीमा उत्पादों के साथ उपलब्ध होगा। इसके माध्यम से जीवन बीमा योजनाओं से जुड़ी वित्तीय प्रतिबद्धताओं को अतिरिक्त सुरक्षा प्रदान करने का प्रयास किया गया है।
राइडर के शुभारंभ पर एसबीआई लाइफ इंश्योरेंस के प्रेसिडेंट एवं चीफ डिस्ट्रीब्यूशन ऑफिसर एम. आनंद ने कहा, “वित्तीय सुरक्षा का मतलब सिर्फ भविष्य की जरूरतों के लिए तैयारी करना नहीं है, बल्कि भविष्य की वित्तीय प्रतिबद्धताओं को मुश्किल परिस्थितियों में भी जारी रखने की क्षमता विकसित करना भी है। जब ग्राहक लंबी अवधि के लिए वित्तीय योजनाएं बनाते हैं, तो सुरक्षा से जुड़े समाधानों में न केवल उन जोखिमों का ध्यान रखा जाना चाहिए, जिनका उन्हें अंदेशा है, बल्कि उन अप्रत्याशित परिस्थितियों का भी ध्यान रखना चाहिए, जो इन योजनाओं को जारी रखने की उनकी क्षमता को प्रभावित कर सकती हैं। एसबीआई लाइफ का ‘वेवर ऑफ प्रीमियम’ राइडर इसी सोच के साथ तैयार किया गया है। यह लंबी अवधि की वित्तीय योजनाओं को जारी रखने के लिए सुरक्षा की एक महत्वपूर्ण अतिरिक्त परत प्रदान करता है।”
एम. आनंद ने आगे कहा, “एसबीआई लाइफ में हमारा प्रयास है कि सुरक्षा से जुड़े समाधान ग्राहकों की मौजूदा वित्तीय नियोजन संबंधी जरूरतों के अनुरूप हों। नया राइडर निर्धारित परिस्थितियों में जीवन बीमा योजनाओं को मजबूती देकर इसी सोच को दर्शाता है। परिस्थितियां बदलने पर भी योजनाओं को जारी रखने में मदद के जरिये यह ग्राहकों को अपने वित्तीय भविष्य के प्रति अधिक भरोसे और तैयारी के साथ आगे बढ़ने में सक्षम बनाने की हमारी प्रतिबद्धता को मजबूत करता है।”
इस राइडर की प्रमुख विशेषताओं में निर्धारित परिस्थितियों में भविष्य के सभी प्रीमियम, अतिरिक्त प्रीमियम सहित, माफ करने का प्रावधान शामिल है। इससे मूल पॉलिसी और उससे जुड़े अन्य राइडर निर्धारित शर्तों के अनुसार जारी रह सकते हैं।
जब प्रपोजर यानी पॉलिसी लेने वाला व्यक्ति और लाइफ एश्योर्ड यानी जिस व्यक्ति के जीवन पर बीमा लिया गया है, दोनों एक ही व्यक्ति होते हैं, तो यह राइडर दुर्घटना के कारण पूर्ण एवं स्थायी दिव्यांगता (एटीपीडी) और 21 निर्धारित गंभीर बीमारियों को कवर करता है।
वहीं, जब प्रपोजर और लाइफ एश्योर्ड अलग-अलग व्यक्ति होते हैं, तो राइडर प्रपोजर की मृत्यु, दुर्घटना के कारण पूर्ण एवं स्थायी दिव्यांगता (एटीपीडी) और 21 निर्धारित गंभीर बीमारियों को कवर करता है। इस व्यवस्था के तहत निर्धारित परिस्थितियों में प्रीमियम माफी का लाभ मिल सकता है, जिससे बीमा योजना को जारी रखने में सहायता मिलती है।
कंपनी ने इस राइडर को लेने के लिए भी लचीलापन रखा है। पात्रता संबंधी शर्तें पूरी होने और प्रीमियम भुगतान की कम से कम पांच वर्ष की अवधि शेष होने पर ग्राहक इसे पॉलिसी शुरू करते समय या बाद के किसी पॉलिसी वर्षगांठ के अवसर पर भी ले सकते हैं।
‘वेवर ऑफ प्रीमियम’ राइडर के लॉन्च के साथ एसबीआई लाइफ इंश्योरेंस ने अपने ग्राहक-केंद्रित सुरक्षा समाधानों के पोर्टफोलियो को मजबूत करने की दिशा में कदम उठाया है। कंपनी का उद्देश्य लोगों को अनुशासित वित्तीय नियोजन के लिए प्रोत्साहित करना और जीवन की अनिश्चित परिस्थितियों के बावजूद उन्हें अपने वित्तीय लक्ष्यों की दिशा में प्रयास जारी रखने में मदद करना है।