तस्वीर में सड़क किनारे अपनी दुकान पर नया एलपीजी आयरन बॉक्स लिए खड़े विक्रेता दिख रहे हैं।   

कोलकाता, अक्टूबर 2026। सड़क किनारे कपड़े प्रेस करने वाले विक्रेताओं के लिए रोज कोयले की इस्त्री तैयार करना, बार-बार ईंधन डालना और सही गर्मी बनाए रखना अब भी समय और मेहनत वाला काम है। इसी परेशानी को कम करने के लिए उद्यम लर्निंग फाउंडेशन के वर्टिकल उद्यम व्यापार ने आहान फाउंडेशन के सहयोग से पश्चिम बंगाल में द इस्त्री प्रोजेक्ट शुरू किया है।

इस पहल के तहत विक्रेताओं को कोयले वाली इस्त्री से एलपीजी आयरन बॉक्स की ओर बढ़ने में मदद की जाएगी। एलपीजी आयरन बॉक्स में गर्मी एक जैसी बनी रहती है, जिससे विक्रेता आसानी से काम कर सकेंगे और ग्राहकों को बेहतर सेवा देने पर ध्यान दे सकेंगे।

यह पहल पिछले सात वर्षों से देशभर में चल रही है। अब तक छह शहरों में 9,000 से ज्यादा इस्त्री विक्रेताओं को इससे मदद मिली है। इससे जुड़े विक्रेताओं की औसत आय में 27 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई है, जबकि हर दिन दो घंटे तक का समय भी बचा है। सितंबर 2026 तक इस प्रोजेक्ट से जुड़े विक्रेताओं की आय में कुल 44.962 करोड़ रुपए की बढ़ोतरी दर्ज की गई है।

कोयले से एलपीजी की ओर बदलाव से विक्रेताओं का कोयले के धुएँ से संपर्क भी कम होगा। इसके साथ ही हर साल 2,979 टन से ज्यादा कार्बन डाइऑक्साइड उत्सर्जन कम करने में मदद मिली है।

पश्चिम बंगाल में इस पहल को ज्यादा विक्रेताओं तक पहुँचाने के लिए उद्यम व्यापार एलपीजी डीलर्स और डिस्ट्रीब्यूशन पार्टनर्स को भी जोड़ रहा है। इच्छुक पार्टनर्स 9663727595 पर संपर्क कर सकते हैं। कोयले से एलपीजी आयरन बॉक्स की ओर यह बदलाव विक्रेताओं के काम में समय और ईंधन के इस्तेमाल से जुड़ी प्रक्रिया को बदलने की दिशा में पहल है।