मिलावटखोरों पर दिल्ली सरकार की बड़ी कार्रवाई,150 किलो मिलावटी पनीर नष्ट, जांच में डिटर्जेंट वाला पनीर मिला |
त्योहारी सीजन से पहले दिल्ली सरकार ने खाद्य बाजारों में छापेमारी कर 2,830 किलो खराब खोया और डिटर्जेंट मिला 150 किलो पनीर नष्ट किया।
दिल्ली की जनकपुरी मंडी में खाद्य सुरक्षा विभाग द्वारा मिलावटी पनीर और खोया नष्ट किए जाने के दौरान की गई जांच का दृश्य।
त्योहारों के नजदीक आते ही दिल्ली सरकार ने खाद्य पदार्थों में मिलावट और असुरक्षित सामग्री की बिक्री पर लगाम लगाने के लिए अपनी निगरानी और जांच अभियान को बेहद तेज कर दिया है। स्वास्थ्य मंत्री डॉक्टर पंकज कुमार सिंह के विशेष निर्देशों के तहत, फूड सेफ्टी डिपार्टमेंट की विभिन्न टीमों ने राजधानी के कई प्रमुख खाद्य बाजारों में औचक छापेमारी और सघन निरीक्षण किया। इस व्यापक अभियान के दौरान बाजारों से भारी मात्रा में खराब और मिलावटी खाद्य सामग्री बरामद की गई है, जिससे यह साफ जाहिर होता है कि त्योहारी सीजन में आम जनता की सेहत के साथ किस हद तक खिलवाड़ करने की कोशिश की जा रही थी।
छापेमारी के इस अभियान के दौरान अधिकारियों ने खोया मंडी, मोरी गेट, बाग दीवार, संजय मार्केट और जनकपुरी मंडी जैसे व्यस्त बाजारों में खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता, शुद्धता और साफ-सफाई की बारीकी से जांच की। जांच के शुरुआती दौर में ही टीमों ने लगभग 2,830 किलो खोया, धाप और मक्खन को अत्यंत खराब हालत में जब्त किया। इन सामग्रियों से तीव्र दुर्गंध आ रही थी और मौके पर सार्वजनिक घोषणा किए जाने के बावजूद जब किसी भी विक्रेता ने इन पर अपना दावा पेश नहीं किया, तो सुरक्षा के मद्देनजर इन्हें तत्काल जब्त कर लिया गया और बाद में एमसीडी की मजनू का टीला स्थित डंपिंग साइट पर पूरी तरह नष्ट कर दिया गया।
विभिन्न बाजारों से लिए गए नमूनों की जब प्रयोगशाला में जांच कराई गई, तो चौंकाने वाले आंकड़े सामने आए। मोरी गेट से उठाए गए खोया और क्रीम के सभी 10 नमूने राज्य प्रयोगशाला की जांच में पूरी तरह फेल साबित हुए और वे निर्धारित गुणवत्ता मानकों पर खरे नहीं उतरे। इसके अलावा बाग दीवार और संजय मार्केट से भी खोया के नमूने संकलित किए गए। सबसे गंभीर मामला जनकपुरी मंडी का सामने आया, जहां फूड सेफ्टी टीम ने 10 खाद्य कारोबारियों के परिसरों की जांच की और पनीर के 10 नमूने प्रयोगशाला के लिए लिए।
इसके अतिरिक्त, मौके पर तैनात फूड सेफ्टी मोबाइल व्हीकल के जरिए 28 निगरानी नमूनों की त्वरित जांच की गई, जिसमें से 4 नमूनों में खतरनाक डिटर्जेंट की मौजूदगी की पुष्टि हुई। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए एहतियातन करीब 150 किलो मिलावटी पनीर और 10 किलो खोया मौके पर ही नष्ट करा दिया गया, हालांकि उसी वाहन से जांचे गए दो पनीर और दो खोया सहित चार नमूने मानकों के अनुरूप पाए गए।
इस पूरी कार्रवाई पर कड़ा रुख अपनाते हुए स्वास्थ्य मंत्री ने स्पष्ट किया है कि त्योहारी सीजन के दौरान खाद्य सुरक्षा और जनस्वास्थ्य से किसी भी प्रकार का समझौता बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। सरकार यह सुनिश्चित करने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है कि नागरिकों तक कोई भी असुरक्षित या मिलावटी खाद्य सामग्री न पहुंचे। स्वास्थ्य से खिलवाड़ करने वाले असामाजिक तत्वों के खिलाफ सख्त से सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। साथ ही, खाद्य सुरक्षा विभाग को निर्देश दिए गए हैं कि वह त्योहारी अवधि के दौरान अपनी पैनी निगरानी और निरीक्षण का यह सिलसिला लगातार जारी रखे। विभाग ने आम नागरिकों और खाद्य कारोबारियों से भी अपील की है कि वे पूरी तरह सुरक्षित और तय मानकों के अनुरूप ही खाद्य पदार्थों की बिक्री को प्राथमिकता दें।