दिवाली शॉपिंग टिप्स: ऑनलाइन सेल में ऐसे बचाएं पैसे और रहें सुरक्षित
फेस्टिवल सेल के दौरान केवल डिस्काउंट देखकर खरीदारी न करें। बैंक ऑफर्स, प्राइस ट्रैकर और साइबर ठगी से बचने के जरूरी टिप्स जानें।
तस्वीर में दिख रही ऑनलाइन सेल की सजावट।
दिवाली के मौके पर ऑनलाइन शॉपिंग के दौरान 50 से 80 प्रतिशत तक डिस्काउंट के आकर्षक दावे ग्राहकों को लुभा रहे हैं। Amazon, Flipkart समेत कई ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म पर फेस्टिव सेल के बीच खरीदारी करने वालों के लिए बड़ी बचत का मौका है, लेकिन जरा सी लापरवाही जेब पर भारी पड़ सकती है। कई बार भारी छूट देखकर लोग ऐसे उत्पाद भी खरीद लेते हैं, जिनकी उन्हें वास्तव में जरूरत नहीं होती। ऐसे में दिवाली पर ऑनलाइन खरीदारी करते समय केवल डिस्काउंट प्रतिशत देखकर फैसला करना समझदारी नहीं है। ऑफर की वास्तविकता, उत्पाद की पुरानी कीमत और अतिरिक्त शुल्क की जांच करके बेहतर बचत की जा सकती है।
दिवाली शॉपिंग के दौरान पैसे बचाने के लिए सबसे पहले बैंक ऑफर्स की जानकारी लेना जरूरी है। HDFC, ICICI और SBI जैसे बैंकों के डेबिट और क्रेडिट कार्ड पर कई बार इंस्टेंट डिस्काउंट और कैशबैक की सुविधा मिलती है। इसके अलावा कुछ उत्पादों पर नो-कॉस्ट EMI का विकल्प भी उपलब्ध कराया जाता है। हालांकि, ऐसे ऑफर्स का लाभ उठाने से पहले उनकी सभी शर्तों को ध्यान से पढ़ना चाहिए। खरीदारी के समय फेस्टिव कूपन कोड, रिवॉर्ड पॉइंट्स और कैशबैक ऑफर्स भी जांचें। इनका इस्तेमाल करने से पहले से उपलब्ध छूट के अतिरिक्त बचत की जा सकती है।
ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर किसी उत्पाद पर 70 से 80 प्रतिशत तक छूट दिखाई देने पर तुरंत ऑर्डर करने से बचें। सबसे पहले उसी उत्पाद की कीमत Amazon, Flipkart और अन्य ई-कॉमर्स वेबसाइट पर जांचें। प्राइस ट्रैकर टूल की मदद से उत्पाद की पिछली कीमत का पता लगाया जा सकता है। इससे यह समझने में मदद मिलती है कि मौजूदा डिस्काउंट वास्तव में कितना फायदेमंद है और कहीं छूट का दावा केवल ग्राहकों को आकर्षित करने का तरीका तो नहीं है।
ऑफर की जांच करते समय उत्पाद की पुरानी और मौजूदा कीमत की तुलना करना जरूरी है। बैंक डिस्काउंट के लिए न्यूनतम खरीदारी और अधिकतम छूट की शर्तें भी पढ़ें। इसी तरह कूपन कोड की वैधता और उसके इस्तेमाल से जुड़ी शर्तों की जानकारी लें। खरीदारी का अंतिम निर्णय लेने से पहले डिलीवरी चार्ज और प्लेटफॉर्म फीस को भी कुल कीमत में जोड़ें। एक ही उत्पाद की अलग-अलग वेबसाइट पर उपलब्ध कीमतों की तुलना करने से बेहतर विकल्प चुनने में मदद मिल सकती है।
चेकआउट के समय भी अतिरिक्त सावधानी बरतने की जरूरत है। पेमेंट करने से पहले ऑर्डर की पूरी जानकारी ध्यान से जांचें। कई बार भुगतान के अंतिम चरण में एक्सटेंडेड वारंटी, इंश्योरेंस या अतिरिक्त सर्विस अपने आप सिलेक्ट हो जाती हैं। यदि इनकी जरूरत नहीं है तो इन्हें हटाकर अनावश्यक खर्च से बचा जा सकता है। इसके साथ ही केवल सेल और डिस्काउंट के आकर्षण में जरूरत से ज्यादा सामान खरीदने से भी बचना चाहिए।
त्योहारी सीजन में फर्जी दिवाली ऑफर्स और डिलीवरी मैसेज के जरिए साइबर ठगी का खतरा भी बना रहता है। WhatsApp, SMS या ईमेल पर मिलने वाले अनजान लिंक के माध्यम से खरीदारी करने के बजाय कंपनी की आधिकारिक वेबसाइट या ऐप का ही इस्तेमाल करें। यह भी ध्यान रखें कि पैसे प्राप्त करने के लिए किसी को UPI PIN या OTP बताने की जरूरत नहीं होती। किसी अनजान व्यक्ति के कहने पर बैंकिंग संबंधी जानकारी साझा न करें। यदि डिलीवरी के नाम पर कोई संदिग्ध लिंक भेजा जाता है तो उस पर क्लिक करने से पहले आधिकारिक ऐप पर अपने ऑर्डर का स्टेटस जांचें।
दिवाली की ऑनलाइन सेल में वास्तविक बचत तभी संभव है, जब ग्राहक छूट के दावों के साथ उत्पाद की कीमत, बैंक ऑफर, अतिरिक्त शुल्क और भुगतान की सुरक्षा की भी जांच करें। थोड़ी सी सतर्कता न केवल अनावश्यक खर्च से बचा सकती है, बल्कि फर्जी ऑफर्स और साइबर ठगी के जोखिम को भी कम कर सकती है।