तकनीकी शिक्षा को मजबूत करने पर जोर, उत्तराखंड में 5-6 स्थानों पर बनेंगे तकनीकी शिक्षा हब
मुख्य सचिव आनन्द बर्द्धन ने तकनीकी शिक्षा की समीक्षा कर 5-6 तकनीकी शिक्षा हब विकसित करने और इंडस्ट्री गैप कम करने के निर्देश दिए।
मुख्य सचिव श्री आनन्द बर्द्धन ने गुरुवार को सचिवालय में तकनीकी शिक्षा विभाग की समीक्षा करते हुए प्रदेश की तकनीकी शिक्षा व्यवस्था को मजबूत करने और संस्थानों को उद्योग की जरूरतों से जोड़ने पर जोर दिया। उन्होंने प्रदेश के तकनीकी शिक्षण संस्थानों, फैकल्टी एवं विद्यार्थियों की स्थिति की विस्तार से जानकारी ली और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा पर विशेष फोकस करने के निर्देश दिए।
मुख्य सचिव ने कहा कि शिक्षण संस्थानों एवं इंडस्ट्री के बीच का गैप कम करने की आवश्यकता है। इसके लिए प्रदेश की तकनीकी शिक्षा के क्षेत्र के लिए रोड मैप तैयार किया जाए। उन्होंने कहा कि इंजीनियरिंग और पॉलीटेक्निक कॉलेज से पासआउट होने वाले छात्रों को पीएम इंटर्नशिप योजना का लाभ दिलाने के लिए उनका मार्गदर्शन किया जाना आवश्यक है। इस योजना के तहत युवाओं को देश की टॉप 500 कंपनियों में वास्तविक कार्य अनुभव मिलता है। साथ ही उन्हें प्रति माह स्टाइपेंड और एकमुश्त जॉइनिंग अनुदान दिया जाता है।
मुख्य सचिव ने कहा कि प्रदेश के युवाओं को विदेश में भी रोजगार के अवसर मिल सकें, इसके लिए कॉलेजों में आयोजित रोजगार मेलों में ओवरसीज एम्प्लॉयर्स को प्लेसमेंट के लिए आमंत्रित किया जाए।
उन्होंने प्रदेश में 5-6 स्थानों को तकनीकी शिक्षा हब के रूप में विकसित किए जाने के निर्देश दिए। इन स्थानों पर लैब, लाइब्रेरी और हॉस्टल्स जैसी सभी प्रकार की सुविधाएं एक ही स्थान पर उपलब्ध कराने पर जोर दिया गया। मुख्य सचिव ने नए प्रोजेक्ट्स का होलिस्टिक प्लान तैयार करने के निर्देश दिए, जिसमें लैब, लाइब्रेरी, हॉस्टल्स आदि का सम्पूर्ण प्लान उपलब्ध हो।
उन्होंने पुराने इंजीनियरिंग और पॉलीटेक्निक कॉलेजों के लिए भी सैचुरेशन प्लान तैयार किए जाने की बात कही। मुख्य सचिव ने कहा कि फंडिंग कोई समस्या नहीं है, अच्छे प्रोजेक्ट्स तैयार किए जाने चाहिए।
मुख्य सचिव ने अपने कॉलेजों को मजबूत किए जाने की आवश्यकता पर भी जोर दिया। उन्होंने कहा कि विभागों को स्टडी और कंसल्टेंसी के लिए एजेंसियां बाहर से हायर करनी पड़ती हैं। राज्य में ऐसे इंस्टीट्यूशंस तैयार किए जा सकते हैं, जो विभिन्न विभागों को स्टडी और कंसल्टेंसी उपलब्ध कराएं। इसके लिए अपने कॉलेजों को मजबूत किया जाए। साथ ही उन्होंने इस दिशा में फैकल्टी रिक्रूटमेंट पर भी फोकस किए जाने पर जोर दिया।
समीक्षा बैठक में सचिव डॉ. रंजीत कुमार सिन्हा, वीसी यूटीयू डॉ. तृप्ता ठाकुर सहित पॉलीटेक्निक कॉलेजों के प्रधानाचार्य उपस्थित थे। तकनीकी शिक्षा संस्थानों को मजबूत करने, उद्योग से जोड़ने और युवाओं के लिए देश-विदेश में रोजगार के अवसर बढ़ाने के लिए तैयार किए जाने वाले रोड मैप को बैठक में महत्वपूर्ण दिशा के रूप में रखा गया।