सिंहस्थ कुंभमेले से पहले त्र्यंबकेश्वर में विकास कार्यों की समीक्षा, मंदिर दर्शन बंद करने पर चर्चा
सिंहस्थ महाकुंभ से पहले त्र्यंबकेश्वर में विकास कार्यों और मंदिर व्यवस्थाओं का जायजा लेते पालकमंत्री गिरीश महाजन।
त्र्यंबकेश्वर में सिंहस्थ महाकुंभ मेले की तैयारियों के तहत विकास कार्यों का निरीक्षण करते पालकमंत्री गिरीश महाजन और प्रशासनिक अधिकारी।
सिंहस्थ महाकुंभ मेले के ध्वजारोहण समारोह से पहले त्र्यंबकेश्वर में चल रहे विकास कार्यों को समय पर और गुणवत्तापूर्ण तरीके से पूरा करने के लिए प्रशासन ने तैयारियां तेज कर दी हैं। पालकमंत्री गिरीश महाजन ने आज त्र्यंबकेश्वर का दौरा कर दर्शन पथ, त्र्यंबकेश्वर मंदिर, गोदावरी नदी, कुशावर्त तीर्थ और तालुका मध्यवर्ती इमारत के निर्माण कार्यों का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने संबंधित अधिकारियों को सभी कार्य निर्धारित समयसीमा में पूरा करने और निर्माण की गुणवत्ता बनाए रखने के निर्देश दिए।
आगामी सिंहस्थ कुंभमेले में देश-विदेश से बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं, साधु-संतों, महंतों और विभिन्न अखाड़ों के त्र्यंबकेश्वर पहुंचने की संभावना है। संभावित भीड़ को देखते हुए श्रद्धालुओं की सुरक्षा, यातायात व्यवस्था, स्वच्छता और आवश्यक बुनियादी सुविधाओं की समुचित योजना बनाने पर जोर दिया गया। पालकमंत्री गिरीश महाजन ने सभी विभागों को आपसी समन्वय के साथ काम करने और यह सुनिश्चित करने के निर्देश दिए कि किसी भी परिस्थिति में श्रद्धालुओं को परेशानी का सामना न करना पड़े।
त्र्यंबकेश्वर क्षेत्र में दर्शन पथ के निर्माण, सड़कों के कंक्रीटीकरण, अतिक्रमण हटाने, नालों के निर्माण, विद्युत व्यवस्था, घाटों के निर्माण, फर्श बदलने और अन्य बुनियादी सुविधाओं से जुड़े कार्य चल रहे हैं। पालकमंत्री ने इन सभी कार्यों में तेजी लाने के साथ निर्माण की गुणवत्ता और मानकों को बनाए रखने के निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि काम समय पर पूरा करने के प्रयासों में गुणवत्ता से कोई समझौता नहीं होना चाहिए।
दौरे की शुरुआत में उन्होंने त्र्यंबकेश्वर में निर्माणाधीन मध्यवर्ती इमारत का निरीक्षण किया। उन्होंने संबंधित अधिकारियों से कहा कि इमारत का निर्माण निर्धारित समयसीमा में पूरा किया जाए और निर्माण कार्य की गुणवत्ता तथा मानकों से किसी भी स्थिति में समझौता न हो।
मंदिर परिसर में चल रहे विकास कार्यों को लेकर श्रद्धालुओं के दर्शन की व्यवस्था पर भी चर्चा हुई। बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं की आवाजाही के बीच मंदिर परिसर में विभिन्न निर्माण कार्य पूरे करने में कठिनाई हो रही है। इसे देखते हुए त्र्यंबकेश्वर मंदिर को कुछ समय के लिए श्रद्धालुओं के दर्शन के लिए बंद रखने के संबंध में मंदिर के न्यासी मंडल के साथ चर्चा की गई है।
प्रस्ताव के अनुसार, इस अवधि में मंदिर की पूजा-अर्चना जारी रखते हुए श्रद्धालुओं के लिए दर्शन अस्थायी रूप से बंद रखे जा सकते हैं। हालांकि, मंदिर बंद रखने की अंतिम तारीख न्यासी मंडल के निर्णय के बाद निर्धारित की जाएगी। श्रद्धालुओं को इस निर्णय की पूर्व सूचना दी जाएगी, ताकि वे पहले से अपनी दर्शन यात्रा की योजना बना सकें।
इस अवधि में संबंधित विकास कार्यों को दिन-रात जारी रखकर निर्धारित समय में पूरा करने के निर्देश दिए गए हैं। प्रशासन का उद्देश्य श्रद्धालुओं को होने वाली असुविधा को कम करने के साथ निर्माण कार्यों को सुरक्षित और गुणवत्तापूर्ण तरीके से पूरा करना है।
पालकमंत्री गिरीश महाजन ने त्र्यंबकेश्वर शहर की स्वच्छता और श्रद्धालुओं की सुविधाओं को प्राथमिकता देने के निर्देश भी दिए। उन्होंने कहा कि श्रद्धालुओं की बड़ी संख्या में आवाजाही को ध्यान में रखते हुए शहर में नियमित सफाई व्यवस्था बनाए रखी जाए। दर्शन पथ, मंदिर परिसर, गोदावरी नदी, कुशावर्त तीर्थ, प्रमुख सड़कों और घाटों पर पर्याप्त स्वच्छता, पेयजल, विद्युत व्यवस्था तथा सुरक्षा संबंधी सुविधाएं उपलब्ध होनी चाहिए।
उन्होंने संबंधित विभागों को यह सुनिश्चित करने के निर्देश दिए कि श्रद्धालुओं को किसी भी प्रकार की परेशानी या असुविधा न हो। इसके साथ ही नगर प्रदक्षिणा के दौरान उमड़ने वाली भीड़ के प्रबंधन की व्यवस्था भी सख्ती से लागू करने को कहा गया।
सिंहस्थ कुंभमेले के ध्वजारोहण समारोह को देखते हुए उपलब्ध समय का प्रभावी उपयोग करने पर विशेष जोर दिया गया। पालकमंत्री ने सभी विभागों को योजनाबद्ध तरीके से काम करने, कार्यों में देरी रोकने और गुणवत्ता बनाए रखने के लिए नियमित समीक्षा करने के निर्देश दिए। त्र्यंबकेश्वर में जारी विकास कार्यों की समयबद्ध प्रगति, मंदिर परिसर की व्यवस्था और श्रद्धालुओं की सुरक्षा आगामी सिंहस्थ कुंभमेले की तैयारियों के महत्वपूर्ण हिस्से हैं।