मुंबई के विक्रोली में शिवसैनिक चेतन ठाकुर की मौत पर बवाल, अस्पताल पर लापरवाही के गंभीर आरोप
मुंबई के विक्रोली में शिवसैनिक चेतन ठाकुर की मौत के बाद अस्पताल में भारी हंगामा हुआ। परिजनों ने इलाज में लापरवाही का आरोप लगाया, पुलिस जांच में जुटी।
तस्वीर में सफेद शर्ट और नीली जींस पहने चेतन ठाकुर समुद्र किनारे बैठे हुए मुस्कुराते नजर आ रहे हैं।
मुंबई के विक्रोली इलाके में 32 वर्षीय युवा शिवसैनिक चेतन ठाकुर की अचानक हुई मौत के बाद स्थानीय लोगों और शिवसैनिकों में भारी आक्रोश फैल गया। घटना के बाद अस्पताल परिसर में बड़ी संख्या में लोगों की भीड़ जमा हो गई, जिससे वहां तनावपूर्ण स्थिति बन गई। उग्र कार्यकर्ताओं और परिजनों ने अस्पताल प्रबंधन पर इलाज में गंभीर लापरवाही बरतने का आरोप लगाया, जिसके बाद हालात को नियंत्रित करने के लिए पुलिस को हस्तक्षेप करना पड़ा।
परिजनों के अनुसार, चेतन ठाकुर को केवल सामान्य बुखार की शिकायत थी, जिसके चलते उन्हें इलाज के लिए अस्पताल लाया गया था। उनका कहना है कि वह खुद चलकर अस्पताल के भीतर दाखिल हुए थे, लेकिन अस्पताल प्रशासन द्वारा दिए गए एक इंजेक्शन के बाद उनकी तबीयत अचानक बिगड़ने लगी। आरोप है कि इंजेक्शन लगने के बाद उन्हें तेज ठंड के साथ बुखार आया और कुछ ही समय में उनकी मौत हो गई।
इस घटना से आक्रोशित परिजनों और शिवसैनिकों ने शव अपने कब्जे में लेने से इनकार कर दिया और अस्पताल प्रबंधन के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की मांग पर अड़े रहे। मामले की गंभीरता को देखते हुए स्थानीय विधायक सुनील राउत भी तत्काल अस्पताल पहुंचे और स्थिति का जायजा लिया।
मीडिया से बातचीत के दौरान विधायक सुनील राउत ने संबंधित निजी अस्पताल की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि यह अस्पताल पूरी तरह व्यावसायिक हो चुका है, जहां मामूली बीमारियों के इलाज के लिए भी मरीजों से लाखों रुपये का बिल वसूला जाता है। उन्होंने यह भी दावा किया कि अस्पताल में न तो अनुभवी डॉक्टर उपलब्ध हैं और न ही मरीजों के लिए पर्याप्त बुनियादी सुविधाएं मौजूद हैं। विधायक ने मांग की कि इस अस्पताल को तत्काल बंद कर मुंबई महानगरपालिका को इसके नियंत्रण में सौंप दिया जाए, ताकि आम लोगों को सुरक्षित इलाज मिल सके।
फिलहाल पुलिस प्रशासन अस्पताल परिसर में मौजूद नाराज कार्यकर्ताओं और परिजनों को शांत कराने का प्रयास कर रहा है। साथ ही मामले की निष्पक्ष जांच का भरोसा दिया गया है। चेतन ठाकुर की मौत के बाद अस्पताल की कार्यप्रणाली को लेकर उठे सवालों ने पूरे मामले को गंभीर बना दिया है।