सांगली जिला बैंक भर्ती पर हाईकोर्ट ने हटाई रोक, गोपीचंद पड़लकर-सदाभाऊ खोत को झटका, 444 पदों पर बहाली का रास्ता साफ

सांगली जिला बैंक में 444 जूनियर क्लर्क भर्ती पर लगी रोक बॉम्बे हाईकोर्ट ने हटाई। राज्य सरकार को 15 दिन का समय मिला, लेकिन भर्ती प्रक्रिया जारी रहेगी।

Update: 2026-07-07 14:50 GMT

सांगली जिला मध्यवर्ती सहकारी बैंक में 444 जूनियर क्लर्क पदों पर चल रही बहुचर्चित भर्ती प्रक्रिया को लेकर जारी कानूनी विवाद पर फिलहाल विराम लग गया है। बॉम्बे हाईकोर्ट की कोल्हापुर सर्किट बेंच ने राज्य सरकार द्वारा भर्ती प्रक्रिया पर लगाई गई रोक तत्काल प्रभाव से हटा दी है। अदालत ने राज्य सरकार को इस मामले में अपना पक्ष रखने के लिए 15 दिनों का समय दिया है, लेकिन स्पष्ट कर दिया है कि सरकार का पक्ष सुने जाने तक भर्ती प्रक्रिया को किसी भी स्थिति में नहीं रोका जाएगा।

हाईकोर्ट के इस फैसले के बाद पिछले कई दिनों से रुकी हुई जूनियर क्लर्क पदों पर भर्ती का रास्ता पूरी तरह साफ हो गया है। इससे नौकरी की प्रतीक्षा कर रहे युवाओं को बड़ी राहत मिली है और बैंक में बहाली की प्रक्रिया दोबारा गति पकड़ने लगी है।

इस विवाद की शुरुआत तब हुई थी, जब राज्य सरकार के सहकारिता विभाग ने विधान परिषद चुनाव की आचार संहिता का हवाला देते हुए 2 जुलाई को सांगली जिला बैंक की भर्ती प्रक्रिया पर अचानक रोक लगा दी थी। चुनाव परिणाम घोषित होने के बाद भी जब इस प्रशासनिक रोक को वापस नहीं लिया गया, तब बैंक प्रबंधन ने सरकार के आदेश को बॉम्बे हाईकोर्ट में चुनौती दी।

दूसरी ओर, भाजपा विधायक गोपीचंद पड़लकर और रयत क्रांति संगठन के नेता एवं विधायक सदाभाऊ खोत पिछले दो वर्षों से इस भर्ती प्रक्रिया का लगातार विरोध कर रहे थे। दोनों नेताओं ने मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस से शिकायत करते हुए कहा था कि बैंक के वर्तमान निदेशक मंडल का कार्यकाल 22 नवंबर 2026 को समाप्त हो रहा है और चुनाव में केवल चार महीने का समय शेष है। ऐसे में इतनी बड़ी संख्या में नियुक्तियां करना नियमों के विरुद्ध है। इसी शिकायत के बाद सहकारिता आयुक्त ने भर्ती प्रक्रिया पर रोक लगाने का आदेश जारी किया था, जिसके बाद यह मामला राजनीतिक विवाद का विषय बन गया।

अदालत द्वारा रोक हटाए जाने के बाद अब सांगली जिला मध्यवर्ती सहकारी बैंक में भर्ती संबंधी गतिविधियां फिर से तेज हो गई हैं। बैंक ने 24 जून से ही 'आईबीपीएस' जैसी प्रतिष्ठित संस्था के माध्यम से जूनियर क्लर्क पदों के लिए ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया शुरू कर दी थी, जो वर्तमान में भी जारी है। हालांकि संस्थाओं के प्रस्तावों की चुनावी प्रक्रिया 1 जुलाई से शुरू हो चुकी है, लेकिन हाईकोर्ट ने स्पष्ट किया कि केवल प्रशासनिक आपत्तियों के आधार पर युवाओं के रोजगार के अवसरों को बाधित नहीं किया जा सकता।

बैंक प्रबंधन ने हाईकोर्ट के फैसले का स्वागत करते हुए कहा है कि पूरी भर्ती प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी और सभी नियमों के अनुरूप पूरी की जाएगी। अदालत के इस आदेश के साथ ही 444 जूनियर क्लर्क पदों पर बहाली का मार्ग साफ हो गया है और लंबे समय से अटकी भर्ती प्रक्रिया को आगे बढ़ाने का रास्ता खुल गया है।

Tags:    

Similar News