मुंबई के जलाशयों में भारी बारिश का असर, झीलों का जल भंडार 83.68% तक पहुंचा
मुंबई में भारी बारिश के बाद सातों जलाशयों का जल भंडार 83.68 प्रतिशत तक पहुंच गया। BMC के अनुसार मोडक सागर, विहार, तुलसी और तानसा पूरी क्षमता के करीब हैं, जबकि भातसा व वैतरणा में भी बड़ी बढ़ोतरी दर्ज हुई है।
तस्वीर में मुंबई की जल आपूर्ति करने वाले एक जलाशय का विहंगम दृश्य दिखाई दे रहा है, जिसके आसपास हरे-भरे पहाड़ और पानी भरा हुआ है।
मुंबई में पिछले 24 घंटे की भारी बारिश ने शहर की पेयजल आपूर्ति करने वाले सातों जलाशयों के जल भंडार को बड़ा बढ़ावा दिया है। बृहन्मुंबई महानगरपालिका (BMC) के हाइड्रोलिक इंजीनियर विभाग के अनुसार, 25 जुलाई को सुबह 6 बजे तक सातों झीलों में कुल जल भंडार 12,11,188 मिलियन लीटर (ML) पहुंच गया है, जो कुल लाइव स्टोरेज क्षमता 14,47,363 ML का 83.68 प्रतिशत है।
जल भंडार के आंकड़ों में पिछले दिन की तुलना में 6.06 प्रतिशत अंकों की बढ़ोतरी दर्ज की गई है। लगातार हो रही बारिश के कारण मोडक सागर, विहार, तुलसी और तानसा जलाशय पूरी तरह या लगभग पूरी क्षमता तक भर चुके हैं, जबकि भातसा और मिडिल वैतरणा जलाशयों में भी उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई है।
मोडक सागर जलाशय अपनी 100 प्रतिशत क्षमता पर बना हुआ है और इसमें 1,28,925 ML पानी जमा है। पिछले 24 घंटे में यहां 84 मिमी बारिश दर्ज की गई, जिससे इस मौसम की कुल बारिश 2,159 मिमी हो गई है।
विहार झील भी 100 प्रतिशत क्षमता पर है और इसमें 27,698 ML जल भंडार मौजूद है। पिछले एक दिन में यहां 13 मिमी बारिश हुई, जबकि मौसमी बारिश का आंकड़ा 2,069 मिमी तक पहुंच गया है।
तुलसी झील 7 जुलाई से लगातार ओवरफ्लो हो रही है और इसमें 8,046 ML पानी जमा है। पिछले 24 घंटे में यहां 16 मिमी बारिश दर्ज की गई। इसके साथ ही इस मौसम में तुलसी झील के कैचमेंट क्षेत्र में कुल बारिश 2,817 मिमी हो गई है, जो सभी सात जलाशयों में सबसे अधिक है।
तानसा झील अपनी क्षमता के 98.45 प्रतिशत तक भर चुकी है। इसमें 1,42,828 ML उपयोगी जल भंडार दर्ज किया गया है। पिछले 24 घंटे में तानसा क्षेत्र में 90 मिमी बारिश हुई, जबकि मौसमी बारिश का कुल आंकड़ा 2,036 मिमी पहुंच गया है।
मुंबई के सबसे बड़े पेयजल स्रोत भातसा जलाशय में भी जल स्तर में बड़ी बढ़ोतरी दर्ज की गई है। भातसा में अब 5,92,824 ML पानी जमा है, जो इसकी क्षमता का 82.68 प्रतिशत है। पिछले 24 घंटे में यहां 159 मिमी बारिश हुई, जबकि मौसमी बारिश 1,870 मिमी तक पहुंच गई है। जलाशय का जल स्तर 2.68 मीटर बढ़कर 137.38 मीटर हो गया है।
अपर वैतरणा जलाशय में जल भंडार बढ़कर 1,54,634 ML हो गया है, जो इसकी क्षमता का 68.11 प्रतिशत है। पिछले 24 घंटे में यहां 131 मिमी बारिश दर्ज की गई। इसके साथ ही मौसमी बारिश 2,106 मिमी हो गई है। जल स्तर में 0.43 मीटर की बढ़ोतरी के बाद यह 601.26 मीटर पहुंच गया है।
मिडिल वैतरणा जलाशय में 1,56,232 ML पानी दर्ज किया गया है, जो इसकी क्षमता का 80.73 प्रतिशत है। पिछले 24 घंटे में यहां 93 मिमी बारिश हुई। जलाशय का जल स्तर 1.91 मीटर बढ़कर 278.65 मीटर हो गया है, जबकि मौसमी बारिश का आंकड़ा 1,761 मिमी तक पहुंच गया है।
अपर वैतरणा, मोडक सागर, तानसा और मिडिल वैतरणा जलाशयों में संयुक्त रूप से 5,82,619 ML पानी जमा है, जो इनकी संयुक्त लाइव स्टोरेज क्षमता का 83.88 प्रतिशत है।
बीएमसी के भांडुप कॉम्प्लेक्स में पिछले 24 घंटे में 12 मिमी बारिश दर्ज की गई। यहां इस मौसम की कुल बारिश अब 2,214 मिमी हो गई है।
जल निकासी की स्थिति के अनुसार, बीएमसी ने बताया कि मिडिल वैतरणा WSCPO गेट 6 जुलाई को दोपहर 2 बजे से बंद है, जबकि अपर वैतरणा से पानी छोड़ने की प्रक्रिया 6 जुलाई को सुबह 10 बजे से स्थगित है। इस मानसून सीजन में विहार, तुलसी, तानसा और मोडक सागर जलाशय लगातार ओवरफ्लो कर रहे हैं।
लगातार बारिश के चलते मुंबई के जलाशयों में तेजी से बढ़ा जल भंडार शहर की पेयजल उपलब्धता के लिए महत्वपूर्ण स्थिति को दर्शा रहा है। सातों झीलों का कुल स्टॉक 83.68 प्रतिशत तक पहुंचना मानसून के दौरान जल आपूर्ति व्यवस्था में बड़ा बदलाव माना जा रहा है।