बीएमसी लैंड टीडीआर और पीएपी मामले में 1500 करोड़ के भ्रष्टाचार का आरोप, अशरफ आजमी ने उठाए सवाल

बीएमसी लैंड टीडीआर मामले में कांग्रेस नेता अशरफ आजमी ने 1500 करोड़ के भ्रष्टाचार और लापरवाही के आरोप लगाए, जांच की मांग तेज।

Update: 2026-07-24 14:50 GMT

मुंबई। बृहन्मुंबई महानगरपालिका (बीएमसी) में लैंड टीडीआर और परियोजना प्रभावित व्यक्तियों (पीएपी) से जुड़े मामले को लेकर कांग्रेस के नगरसेवक अशरफ आजमी ने गंभीर आरोप लगाए हैं। आजमी ने बीएमसी और निजी डेवलपर कंपनी ‘ऑनेस्ट ग्रुप’ के बीच कथित सांठगांठ पर सवाल उठाते हुए करीब 1,500 करोड़ रुपये के वित्तीय फेरबदल और भ्रष्टाचार का आरोप लगाया है।

अशरफ आजमी का आरोप है कि इस पूरे मामले में बीएमसी के खजाने को भारी नुकसान पहुंचाया गया। उन्होंने यह भी दावा किया कि प्रशासनिक लापरवाही के कारण सुरक्षा नियमों की अनदेखी हुई, जिसके चलते एक मासूम बच्चे की जान चली गई।

मामले की जानकारी देते हुए अशरफ आजमी ने बताया कि बीएमसी ने परियोजना प्रभावित व्यक्तियों (पीएपी) के लिए मकान बनाने के उद्देश्य से ‘ऑनेस्ट ग्रुप’ से जमीन अधिग्रहित की थी। इसके बदले कंपनी को लैंड टीडीआर दिया जाना था। हालांकि, बाजार में टीडीआर की बिक्री नहीं होने पर एक विशेष क्लॉज के तहत बीएमसी को ही इसे वापस खरीदने की व्यवस्था की गई थी।

आजमी का आरोप है कि बीएमसी के पूर्व उच्च प्रशासनिक अधिकारी ने अपने कार्यकाल के अंतिम दिन यानी 31 मार्च को कंपनी को लगभग 243 करोड़ रुपये का अतिरिक्त लाभ पहुंचाया।

इसके अलावा, डीसीआर 4.1.2 के नियमों के अनुसार जब बीएमसी किसी जमीन को अपने कब्जे में लेती है, तो वहां सुरक्षा दीवार, फेंसिंग और गड्ढों का समतलीकरण करना अनिवार्य होता है। आरोप है कि बीएमसी अधिकारियों ने इन अनिवार्य सुरक्षा प्रावधानों की अनदेखी की और बिना किसी सुरक्षा इंतजाम के जमीन का कब्जा ले लिया।

इस लापरवाही का गंभीर परिणाम तब सामने आया, जब इस असुरक्षित जमीन पर बने पानी से भरे गड्ढे में डूबने से एक मासूम बच्चे की दर्दनाक मौत हो गई।

मामले को गंभीर बताते हुए कांग्रेस नेता अशरफ आजमी ने मांग की है कि नियमों की अनदेखी करने वाली संबंधित डेवलपर कंपनी के खिलाफ तत्काल प्राथमिकी दर्ज की जाए। उन्होंने यह भी मांग की है कि घोटाले और लापरवाही में शामिल सभी दोषी बीएमसी अधिकारियों के खिलाफ कड़ी अनुशासनात्मक और कानूनी कार्रवाई की जाए।

इसके साथ ही अशरफ आजमी ने पीड़ित परिवार को पालिका प्रशासन की ओर से तुरंत उचित मुआवजा दिए जाने की मांग की है। लैंड टीडीआर और पीएपी से जुड़े इस मामले में लगाए गए आरोपों ने बीएमसी प्रशासन की कार्यप्रणाली और जवाबदेही पर सवाल खड़े कर दिए हैं।

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