मुंबई में दही हांडी के दौरान बड़ा हादसा, पिरामिड टूटने से 32 गोविंदा घायल
दोपहर 3 बजे तक प्राथमिक इलाज के बाद 28 गोविंदाओं को मिली छुट्टी, 4 की हालत स्थिर; बीएमसी ने सुरक्षा बरतने की अपील की।
मुंबई। मुंबई शहर और आसपास के इलाकों में दहीहांडी का त्योहार धूमधाम और उत्साह के साथ मनाया जा रहा है। हांडी फोड़ने के लिए गोविंदा टोलियों के बीच हवा में इंसानी पिरामिड बनाने की होड़ के बीच कई हादसे भी सामने आए हैं। संतुलन बिगड़ने और पिरामिड टूटने से कई गोविंदा घायल हुए हैं।
बीएमसी और सरकारी अस्पतालों से मिली जानकारी के मुताबिक, दोपहर 3 बजे तक अलग-अलग हादसों में कुल 32 गोविंदा घायल हुए। राहत की बात यह है कि इनमें से ज्यादातर को मामूली चोटें आईं। डॉक्टरों ने समय पर इलाज के बाद 28 गोविंदाओं को अस्पताल से छुट्टी दे दी, जिसके बाद वे सुरक्षित अपने घर लौट गए।
वर्तमान में केवल 4 घायल गोविंदाओं का अस्पताल में इलाज चल रहा है। उनकी हालत पूरी तरह स्थिर और खतरे से बाहर बताई जा रही है। मध्य मुंबई के अस्पतालों में सबसे ज्यादा 29 घायल गोविंदाओं को लाया गया था, जिनमें से 25 को उपचार के बाद डिस्चार्ज कर दिया गया।
दहीहांडी के दौरान किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए प्रशासन और बीएमसी के स्वास्थ्य विभाग ने शहर के सभी बड़े अस्पतालों में डॉक्टरों की विशेष टीमें और दवाइयां तैयार रखी हैं। इससे हादसों की स्थिति में तत्काल उपचार उपलब्ध कराने की व्यवस्था की गई है।
बीएमसी प्रशासन ने सभी गोविंदा पथकों से अपील की है कि इंसानी पिरामिड बनाते समय सुरक्षा का पूरा ध्यान रखें और प्राथमिक उपचार की व्यवस्था हमेशा साथ रखें। फिलहाल शहर में स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में है और दहीहांडी का जश्न शांतिपूर्ण तरीके से जारी है।