मुंबई की 19 हजार बिना ओसी इमारतों को राहत की राह, एक लाख परिवारों का अतिरिक्त करभार होगा कम
मुंबई की 19 हजार से अधिक बिना ओसी इमारतों को अभय योजना के तहत राहत मिलने की राह खुली। एक लाख परिवारों को करभार और प्रशासनिक परेशानियों से राहत की उम्मीद।
तस्वीर में बीएमसी की स्थायी समिति के अध्यक्ष प्रभाकर शिंदे सफेद शर्ट और चश्मा पहने मुस्कुराते हुए नजर आ रहे हैं।
मुंबई की 19 हजार से अधिक बिना ओसी (ऑक्यूपेंसी सर्टिफिकेट) वाली इमारतों में रहने वाले करीब एक लाख परिवारों को बड़ी राहत मिलने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाया गया है। बृहन्मुंबई महानगरपालिका की स्थायी समिति के अध्यक्ष और मुलुंड भाजपा के वार्ड क्रमांक 106 के नगरसेवक प्रभाकर शिंदे ने प्रातःकाल से विशेष बातचीत में बताया कि स्थायी समिति ने अभय योजना के तहत पात्र इमारतों को ओसी देने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है, जिससे वर्षों से लंबित इस समस्या के समाधान का रास्ता खुल गया है।
प्रभाकर शिंदे ने कहा कि मुंबई में करीब एक लाख परिवार बिना ओसी वाली इमारतों में रह रहे हैं। इन परिवारों को अतिरिक्त संपत्ति कर, पानी के अधिक शुल्क और कई प्रशासनिक दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। उन्होंने कहा, “हमारी कोशिश है कि इन नागरिकों को कानूनी सुरक्षा और आर्थिक राहत दोनों मिलें।” उन्होंने बताया कि आवश्यक दस्तावेज, तकनीकी शर्तें और निर्धारित शुल्क पूरा करने के बाद पात्र इमारतों को ऑक्यूपेंसी सर्टिफिकेट जारी किया जाएगा।
उन्होंने कहा कि बिना ओसी के कारण लोगों को संपत्ति की खरीद-बिक्री, बैंक ऋण, पुनर्विकास और अन्य सरकारी कामकाज में लगातार परेशानियों का सामना करना पड़ता रहा है। प्रभाकर शिंदे ने कहा, “यह केवल कागजी प्रक्रिया का मामला नहीं है, बल्कि लाखों मुंबईकरों के रोजमर्रा के जीवन से जुड़ा मुद्दा है। ओसी मिलने के बाद संपत्तियों को कानूनी मान्यता मिलेगी और लेन-देन अधिक सुरक्षित व पारदर्शी बनेंगे।” उन्होंने यह भी बताया कि लंबे समय से अटके पुनर्विकास प्रकल्पों को भी इस फैसले से गति मिलने की उम्मीद है।
प्रभाकर शिंदे ने बताया कि इस विषय को सबसे पहले पूर्व सांसद गोपाल शेट्टी ने प्रमुखता से उठाया था और लगातार इसका अनुसरण किया। इसके बाद विधायक अमित साटम ने भी महानगरपालिका के समक्ष प्रस्ताव रखकर इस मुद्दे को आगे बढ़ाया। उन्होंने कहा, “मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के मार्गदर्शन में महानगरपालिका ने अभय योजना तैयार की और स्थायी समिति ने इसे सर्वसम्मति से मंजूरी दी। अब प्रस्ताव अंतिम स्वीकृति के लिए नगर विकास विभाग को भेजा जाएगा।”
उन्होंने विश्वास जताया कि राज्य सरकार की मंजूरी मिलते ही योजना लागू होगी और मुंबई के हजारों परिवारों को अतिरिक्त करभार से राहत मिलेगी। प्रभाकर शिंदे ने कहा, “यह फैसला मुंबईकरों के हित में है। हमारा उद्देश्य है कि बिना ओसी वाली इमारतों में रहने वाले लोगों को वर्षों की अनिश्चितता से मुक्त कर उन्हें कानूनी और आर्थिक सुरक्षा प्रदान की जाए।”