बृहन्मुंबई महानगरपालिका: मानसून तैयारियों को लेकर कमिश्नर अश्विनी भिडे का औचक निरीक्षण

मानसून पूर्व तैयारियों के तहत कमिश्नर ने अंधेरी और विलेपार्ले में नाला सफाई व रखरखाव कार्यों की समीक्षा की और कंत्राटदारों के बजाय विभाग के श्रमिकों को प्राथमिकता देने का निर्देश दिया।

Update: 2026-05-27 14:26 GMT

मुंबई। मानसून के आगमन से पूर्व नागरिक सुविधाओं को चाक-चौबंद करने और जलजमाव की समस्या से निपटने के लिए बृहन्मुंबई महानगरपालिका की कमिश्नर अश्विनी भिडे ने स्वयं मोर्चा संभाल लिया है। इसी क्रम में, बुधवार 27 मई 2026 की सुबह कमिश्नर भिडे ने पश्चिम उपनगर के अंधेरी और विलेपार्ले क्षेत्रों का धुआंधार दौरा किया। इस औचक निरीक्षण के दौरान उन्होंने बीएमसी की स्वच्छता चौकियों, कीटनाशक विभाग के केंद्रों, सड़क मरम्मत गोदामों और रखरखाव चौकियों की जमीनी हकीकत परखी। स्वच्छता चौकियों पर कमिश्नर ने सफाई कर्मचारियों से सीधा संवाद स्थापित कर उनके कार्य के घंटे, कार्यप्रणाली और दैनिक समस्याओं को गंभीरता से सुना। उन्होंने वरिष्ठ अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि सभी चौकियों को सुव्यवस्थित किया जाए और वहां कर्मचारियों के लिए उत्तम सुविधाएं व बुनियादी ढांचा सुनिश्चित किया जाए।

निरीक्षण के दौरान कमिश्नर अश्विनी भिडे ने रखरखाव विभाग की कार्यप्रणाली में बड़ी खामी उजागर की। उन्होंने पाया कि विभाग में पर्याप्त संख्या में श्रमिक उपलब्ध होने के बावजूद, कनिष्ठ अभियंताओं की देखरेख में कार्य की गति और गंभीरता का अभाव है। इस ढिलाई पर तीखी नाराजगी जताते हुए उन्होंने सभी प्रशासनिक वॉर्डों के सहायक आयुक्तों को तत्काल स्टाफ की समीक्षा करने के आदेश दिए। कमिश्नर ने निर्देश दिया कि फुटपाथ मरम्मत, कर्ब स्टोन लगाने और रोड डिवाइडर को दुरुस्त करने जैसे नियमित कार्य अब बीएमसी के इन-हाउस श्रमिकों से ही कराए जाएंगे और इन कार्यों के लिए बाहरी कंत्राटदारों पर निर्भरता तुरंत समाप्त की जाए। सहायक आयुक्तों को अपने क्षेत्रों की चौकियों का दौरा कर ऐसा विस्तृत जमीनी नियोजन बनाने का निर्देश दिया गया है, जिससे सड़कों के रखरखाव में स्पष्ट और दृश्यमान सुधार परिलक्षित हो सके।

अपने दौरे के दौरान कमिश्नर ने अंधेरी स्टेशन के पास कचरा प्रबंधन चौकी, विलेपार्ले टाटा कंपाउंड स्थित कीटनाशक केंद्र और बजाज मार्ग की रखरखाव चौकी का जायजा लिया। इसके अतिरिक्त, इर्ला नाला, एसएनडीटी नाला और गजदरबंध पंपिंग स्टेशन का भी निरीक्षण किया गया। कमिश्नर ने अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए कि जुहू स्थित इर्ला पर्जन्यजल पंपिंग स्टेशन को 24 घंटे पूर्ण क्षमता के साथ संचालित किया जाए, ताकि मिलन सबवे, कूपर अस्पताल परिसर, विलेपार्ले स्टेशन और जुहू-विलेपार्ले डेवलपमेंट क्षेत्र के नागरिकों को भारी बारिश के दौरान जलजमाव से राहत मिल सके। साथ ही, जुहू समुद्र तट की ओर बहकर जाने वाले तैरते कचरे को रोकने हेतु जालीदार सुरक्षा उपाय करने के निर्देश भी दिए गए। इस निरीक्षण के दौरान उपायुक्त प्रशांत गायकवाड, मनीष वळंजू और सहायक आयुक्त चक्रपाणी अल्ले सहित कई वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे। कमिश्नर के इस जमीनी दौरे का स्थानीय नगरसेवकों ने स्वागत करते हुए कहा कि बीएमसी के अपने मजदूरों से काम कराने के निर्णय से न केवल सार्वजनिक धन की बचत होगी, बल्कि ठेकेदारों की मनमानी पर भी अंकुश लगेगा।

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