मुंबई स्थित बीएमसी मुख्यालय की कैंटीन में भोजन की गुणवत्ता और स्वच्छता व्यवस्था को लेकर मेयर रितू तावडे और शिक्षा समिति अध्यक्ष राजेश्री शिरवडकर ने 3 सितंबर 2026 को अचानक निरीक्षण किया। दौरे का मुख्य उद्देश्य कैंटीन में परोसे जाने वाले भोजन की शुद्धता सुनिश्चित करने के साथ कर्मचारियों और नागरिकों के स्वास्थ्य की सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लेना था।

मेयर रितू तावडे और शिक्षा समिति अध्यक्ष राजेश्री शिरवडकर ने कैंटीन के रसोईघर, भोजन पकाने की प्रक्रिया और साफ-सफाई व्यवस्था का गहन निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने कैंटीन में भोजन कर रहे कर्मचारियों और आम नागरिकों से भी सीधे बातचीत की। उन्होंने भोजन के स्वाद, गुणवत्ता, कीमतों और दैनिक स्वच्छता व्यवस्था को लेकर लोगों की राय जानी।

निरीक्षण के बाद दोनों वरिष्ठ अधिकारियों ने कैंटीन के मौजूदा प्रबंधकों से बातचीत की और भोजन तैयार करते समय हेड गियर और ग्लव्स जैसी सुरक्षा सामग्री का अनिवार्य रूप से इस्तेमाल करने के सख्त निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि भोजन की सुरक्षा और स्वच्छता के मामले में किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

दरअसल, जुलाई 2026 में इस कैंटीन की स्वच्छता व्यवस्था को लेकर कुछ शिकायतें सामने आई थीं। इसके बाद खाद्य एवं औषधि प्रशासन यानी एफडीए ने कैंटीन पर छापा मारकर इसे अस्थायी रूप से बंद करा दिया था। कैंटीन प्रबंधन की ओर से आवश्यक सुधार करने और भविष्य में नियमों का पालन करने का भरोसा दिए जाने के बाद अगस्त 2026 में इसे दोबारा शुरू करने की अनुमति दी गई थी।

इसी पृष्ठभूमि में 3 सितंबर 2026 को किया गया यह निरीक्षण महत्वपूर्ण माना जा रहा है। बीएमसी की ओर से स्पष्ट संदेश दिया गया है कि मुख्यालय की कैंटीन में स्वच्छता और भोजन की गुणवत्ता के मानकों का कड़ाई से पालन होना चाहिए और इसे स्वच्छता तथा गुणवत्ता का बेहतरीन उदाहरण पेश करना होगा।

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