वनसडी में अवैध शराब और सट्टापट्टी का धंधा बेखौफ, BJP ने दी आंदोलन की चेतावनी
वनसडी में अवैध शराब और सट्टापट्टी के बढ़ते धंधे पर भाजपा ने पुलिस को ज्ञापन देकर कार्रवाई की मांग की, साथ ही धरना आंदोलन की चेतावनी दी।
तस्वीर में भाजपा नेता कोरपणा पुलिस स्टेशन में पुलिस अधिकारी को ज्ञापन सौंप रहे हैं।
कोरपणा तालुका प्रतिनिधि: स्थानीय वनसडी परिसर में पिछले कुछ दिनों से अवैध शराब बिक्री और सट्टापट्टी के धंधे ने जोर पकड़ लिया है। इन अवैध गतिविधियों से गांव की शांति और कानून-व्यवस्था पर खतरा मंडरा रहा है, जबकि युवा पीढ़ी नशे और जुए की गिरफ्त में फंसती जा रही है। इन गतिविधियों के खुलेआम जारी रहने के बावजूद स्थानीय पुलिस की ओर से ठोस कार्रवाई नहीं होने पर नागरिकों में पुलिस की कार्यप्रणाली को लेकर सवाल उठ रहे हैं।
मिली जानकारी के अनुसार, वनसडी और आसपास के मुख्य चौक के साथ ही गलियों में छिपे और खुले तौर पर अवैध देशी-विदेशी शराब की बिक्री की जा रही है। इसके साथ ही सट्टापट्टी का जाल भी बड़े पैमाने पर फैल गया है। इसके कारण रोज मजदूरी करने वाले कामगार, किसान और विशेष रूप से महाविद्यालयीन युवा जुए और नशे की गिरफ्त में आते जा रहे हैं। इससे कई परिवार बर्बादी की कगार पर पहुंच गए हैं और गांव में आए दिन विवाद तथा झगड़ों की घटनाएं बढ़ रही हैं।
बढ़ती इन अवैध गतिविधियों के खिलाफ अब भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) आक्रामक हो गई है। भाजपा के तालुका उपाध्यक्ष (अनुसूचित जनजाति) तिरुपती कन्नाके के नेतृत्व में भाजपा पदाधिकारियों ने सीधे कोरपणा पुलिस स्टेशन पहुंचकर पुलिस प्रशासन को लिखित ज्ञापन सौंपा और कड़ी कार्रवाई की मांग की।
ज्ञापन सौंपते समय तिरुपती कन्नाके और सुधाकर ताजने ने पुलिस प्रशासन के प्रति तीखी नाराजगी जताई। उन्होंने आरोप लगाया, "वनसडी में शांतिप्रिय वातावरण था, लेकिन कुछ समाजकंटकों और अवैध धंधा करने वालों के कारण गांव की बदनामी हो रही है। पुलिस प्रशासन इस ओर जानबूझकर आंखें मूंदे हुए है, ऐसा संदेह हो रहा है।"
भाजपा ने कोरपणा पुलिस से तत्काल सभी अवैध धंधों को पूरी तरह समाप्त करने की मांग की है। कन्नाके ने चेतावनी दी कि आने वाले कुछ दिनों में सट्टापट्टी और अवैध शराब विक्रेताओं के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई नहीं की गई तो भाजपा की ओर से तीव्र धरना आंदोलन किया जाएगा। ज्ञापन में यह भी कहा गया है कि आंदोलन के दौरान उत्पन्न होने वाली कानून-व्यवस्था की स्थिति के लिए पूरी तरह पुलिस प्रशासन जिम्मेदार रहेगा।
इस चेतावनी के बाद अब कोरपणा पुलिस प्रशासन कार्रवाई करते हुए अवैध धंधों पर रोक लगाता है या अवैध गतिविधियां चलाने वालों के खिलाफ कार्रवाई से बचता है, इस पर पूरे परिसर की नजर है।