तस्वीर में बाएं से दाएं: पुलिस पाटील राजकिरण राजपूत, सार्वजनिक निर्माण विभाग के उपविभागीय अभियंता इंजीनियर सूर्यवंशी को ज्ञापन सौंपते हुए और साथ में खड़े अन्य ग्रामीण शिरपूर कार्यालय में।

शिरपूर। शिरपूर से नवे आढे मार्ग पर सड़क की ऊंचाई बढ़ने के कारण गांव की सांडपानी नाली करीब पांच फीट गहरी हो गई है। इससे नाली में सड़क के किनारे की गिट्टी, पत्थर और मिट्टी गिरने से सांडपानी की निकासी बाधित हो रही है। इसके चलते नवे आढे गांव के बस स्टैंड परिसर में दुर्गंध फैल रही है। समस्या के समाधान के लिए पुलिस पाटील राजकिरण राजपूत तथा क्षत्रिय शिवराणा बहुउद्देशीय संस्था के सचिव डी.एल. राजपूत की ओर से सार्वजनिक निर्माण विभाग के उपविभागीय अभियंता इंजीनियर सूर्यवंशी को हाल ही में ज्ञापन सौंपकर नाली की ऊंचाई सड़क के बराबर करने, उसे बंदिस्त करने और गांव परिसर में गतिरोधक लगाने की मांग की गई।

ज्ञापन शिरपूर स्थित सार्वजनिक निर्माण विभाग के कार्यालय में उपविभागीय अभियंता इंजीनियर सूर्यवंशी को दिया गया। इस दौरान उपविभागीय अभियंता ने आश्वासन दिया कि संबंधित नाली और सड़क का आज ही निरीक्षण कर उचित समाधान निकाला जाएगा।

ज्ञापन में बताया गया कि ई.पी.सी. 43 के तहत शिरपूर से नवीन आढे तक सड़क का काम पूरा हो चुका है। आईसीसी एन्फ्राटेक प्रा. लि. कंपनी की ओर से शिरपूर फाटा से बभळाज गांव तक सड़क का काम किया जा रहा है। नवे आढे में सड़क से सटी हुई गांव के सांडपानी की नाली है। सड़क की ऊंचाई बढ़ने के कारण यह नाली सड़क से करीब पांच फीट नीचे हो गई है।

शिकायत के अनुसार, सड़क के किनारे बने साइट पट्टे से गिट्टी, पत्थर, मिट्टी और अन्य सामग्री प्रतिदिन खुली नाली में गिर रही है। इससे नाली में सांडपानी के प्रवाह में बाधा उत्पन्न हो रही है। परिणामस्वरूप गांव के बस स्टैंड क्षेत्र में दुर्गंध फैल रही है। नाली में जमा गंदगी को प्रतिदिन निकालना भी संभव नहीं है।

ज्ञापन में यह भी कहा गया कि साइट पट्टे से गुजरने वाले वाहन या मवेशी यदि इस खुली और गहरी नाली में गिरते हैं तो जनहानि की आशंका बनी हुई है। इसलिए सांडपानी की नाली की ऊंचाई सड़क के बराबर करने के साथ ही उसे बंदिस्त करना आवश्यक है।

इसके अलावा गांव के आसपास गतिरोधक लगाने की मांग भी की गई है। ज्ञापन में कहा गया कि गतिरोधक नहीं होने के कारण छोटे-बड़े हादसे हो रहे हैं। गतिरोधक लगाए जाने से इन दुर्घटनाओं को रोका जा सकेगा।

पुलिस पाटील राजकिरण राजपूत और संस्था सचिव डी.एल. राजपूत ने आरोप लगाया कि संबंधित ठेकेदार को इस समस्या के बारे में बार-बार अवगत कराने के बावजूद वह ध्यान देने को तैयार नहीं है। इसी कारण ग्रामीणों को सार्वजनिक निर्माण विभाग के उपविभागीय अभियंता के पास शिकायत लेकर आना पड़ा।

ज्ञापन के माध्यम से मांग की गई कि इस उचित शिकायत को गंभीरता से लेते हुए जल्द से जल्द कार्रवाई की जाए। साथ ही चेतावनी दी गई कि यदि समस्या का समाधान नहीं किया गया तो सभी ग्रामीण सड़क पर आमरण अनशन करने के लिए बैठेंगे। इसके बाद होने वाले परिणाम के लिए संबंधित विभाग को पूरी तरह जिम्मेदार बताया गया है।

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