मराठा आरक्षण: मनोज जरांगे के समर्थन में लातूर बंद, जिले में बाजार ठप
अंतरवली सराटी में मनोज जरांगे पाटील के अनशन को मिला सकल मराठा समाज का साथ, स्कूल-कॉलेज और व्यावसायिक संस्थान पूरी तरह बंद रहे।
तस्वीर में भगवा झंडा लिए बाइक पर सवार प्रदर्शनकारी लातूर की सड़क पर रैली निकालते हुए।
लातूर, 3 सितंबर। मराठा आरक्षण की मांग को लेकर अंतरवली सराटी में संघर्षयोद्धा मनोज जरांगे पाटील द्वारा फिर से आमरण अनशन शुरू किए जाने के समर्थन में सकल मराठा समाज, लातूर की ओर से गुरुवार (दि. 3) को पुकारे गए लातूर बंद का शहर समेत पूरे जिले में व्यापक असर दिखाई दिया। लातूर शहर में बंद को कड़ा समर्थन मिलने से सुबह से ही प्रमुख बाजारपेठों और सड़कों पर सन्नाटा नजर आया।
शहर के आड़त बाजार, कृषि उपज बाजार समिति के मार्केट यार्ड, सराफा गली, सब्जी मंडी, कपड़ा बाजार, किराना दुकानें, चाय की टपरियां और निजी प्रतिष्ठानों समेत अधिकांश व्यावसायिक संस्थान बंद रहे। स्कूल और कॉलेजों ने भी बंद का समर्थन किया। विद्यार्थियों को पहले ही सूचना दे दी गई थी कि 3 सितंबर को संस्थान बंद रहेंगे।
बंद के मद्देनजर सुबह से ही सकल मराठा समाज के कार्यकर्ता शहर के विभिन्न इलाकों में घूमकर व्यापारियों, दुकानदारों और नागरिकों से बंद में शामिल होने की अपील करते रहे। कार्यकर्ताओं ने शहर में रैली निकालकर मनोज जरांगे पाटील के आंदोलन के समर्थन का आह्वान किया। व्यापारी महासंघ के साथ नागरिकों ने भी इस अपील को समर्थन दिया।
गुरुवार तड़के करीब डेढ़ बजे लातूर-बार्शी रोड स्थित साखरा पाटी में सड़क पर टायर जलाकर कुछ समय तक आंदोलन किया गया। इससे कुछ देर तक यातायात प्रभावित रहा। आंदोलन की जानकारी मिलते ही संबंधित प्रशासनिक तंत्र ने स्थिति पर नजर रखी।
औसा में भी बंद को समर्थन मिला। औसा तहसील कार्यालय परिसर में स्थित ऊंचे जलकुंभ पर चढ़कर कार्यकर्ताओं ने आंदोलन किया। मराठा आरक्षण की मांग और मनोज जरांगे पाटील के आंदोलन के समर्थन में कार्यकर्ताओं ने नारेबाजी की।
लातूर शहर के अलावा औसा, निलंगा, रेणापुर, उदगीर, अहमदपुर और चाकूर समेत जिले के विभिन्न स्थानों पर भी बंद रखा गया। कई जगह बाजारपेठ और व्यावसायिक प्रतिष्ठान बंद रहे, जिससे जिले के कई शहरों में सड़कों पर सामान्य दिनों की तुलना में कम आवाजाही दिखाई दी।
मनोज जरांगे पाटील के आंदोलन को राज्यभर से समर्थन मिलने के बीच लातूर जिले में भी सकल मराठा समाज ने बंद के जरिए अपनी भूमिका स्पष्ट की। मराठा आरक्षण की मांग को लेकर जारी संघर्ष के समर्थन और शासन का ध्यान आकर्षित करने के लिए यह बंद पुकारा गया था। व्यापारी, विद्यार्थी, नागरिक और विभिन्न वर्गों से मिले समर्थन के चलते लातूर समेत पूरे जिले में आंदोलन का माहौल बना रहा।
कुल मिलाकर, मराठा आरक्षण की मांग को लेकर पुकारे गए लातूर बंद से शहर और जिले की प्रमुख बाजारपेठों में कारोबार ठप रहा और मनोज जरांगे पाटील के आंदोलन के समर्थन में लातूर जिले से व्यापक समर्थन का संदेश गया।