नाशिक में गड्ढों पर संजय राऊत का सरकार पर हमला, आयुक्त की बदली और सदोष मनुष्यवध का केस दर्ज करने की मांग
संजय राऊत ने नाशिक के गड्ढों, कुंभ कामों और कथित भ्रष्टाचार पर सरकार को घेरा और आयुक्त की तत्काल बदली की मांग की।
नाशिक में जन आक्रोश मोर्चे से पहले संवाददाताओं को संबोधित करते शिवसेना (UBT) सांसद संजय राउत, जहां उन्होंने शहर की सड़कों और प्रशासनिक भ्रष्टाचार पर सरकार को घेरा।
नाशिक में जन आक्रोश मोर्चे से पहले ठाकरे गुट के सांसद संजय राऊत ने शहर की खराब सड़कों, गड्ढों, कुंभ मेले के कामों में कथित भ्रष्टाचार और प्रशासन की कार्यप्रणाली को लेकर सरकार पर तीखा हमला बोला। राऊत ने कहा कि दौरे में फर्क है। इससे पहले युवासेना प्रमुख आदित्य ठाकरे नाशिक आकर पाहणी कर चुके हैं। उन्होंने कहा कि नाशिक विद्रुप हो गया है और इससे पहले कभी ऐसी स्थिति नहीं थी। नाशिक के गड्ढे चेष्ठे का विषय बन गए हैं, जबकि खड्डेमुक्त शहर नाशिक की पहचान थी।
राऊत ने कहा कि वह मखमलबाद परिसर में गए थे, जहां लोगों की आंखों में आंसू थे। नाशिक मनपा ने सड़कों पर स्विमिंग पूल बना दिए हैं। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि सभी गड्ढों में भाजपा के नगरसेवक बैठेंगे और बाजू के गड्ढे में मिंध्ये गट के नगरसेवक बैठेंगे। राऊत ने कहा कि उनके पास दस लोगों के नाम हैं, जिनकी मृत्यु हुई है। उन्होंने कहा कि कुंभमेळा आयुक्त शेखर सिंग ने माफी मांगी है, लेकिन मनपा आयुक्त और महापौर निर्ढावलेले हैं। उन्होंने गिरीश महाजन को ‘चंपत राय’ बताते हुए कहा कि उन्होंने माफी मांगी है।
राऊत ने कहा कि ऑपरेशन सिंदूर में छह लोग गए, जबकि यहां के गड्ढों ने 10 लोगों की जान ले ली। प्रत्येक मृतक के परिवार को 1 करोड़ रुपये की मदद दी जानी चाहिए, क्योंकि प्रत्येक का बिल 10 लाख रुपये के घर में है। उन्होंने कहा कि महापालिका अपनी सीमा की बात करती है, लेकिन ठेकेदारों के घर जाकर कमिशन के पैसे लेकर पीड़ितों को दिए जाने चाहिए। राऊत ने मांग की कि आयुक्त पर सदोष मनुष्यवध का मामला दर्ज किया जाए और कोर्ट में जाकर मामला दर्ज कराया जाए।
उन्होंने आरोप लगाया कि लोगों ने उन्हें मतदान नहीं किया, बल्कि मतदान चोरी किया गया है। राऊत ने कहा कि शिवसेना हमेशा सड़क पर है। आदित्य ठाकरे कल चाकण में थे और हम ये मुद्दे लोगों के सामने ला रहे हैं। उन्होंने कहा कि कल कुछ लड़कियां मिलीं, जिनकी स्थिति अत्यंत खराब थी। राऊत ने नाशिक आयुक्त की तत्काल बदली की मांग करते हुए कहा कि उनके चेहरे पर थोड़ी भी संवेदना दिखाई नहीं देती। उन्हें सड़कों पर घुमाने पर स्थिति समझ आएगी। उन्होंने दावा किया कि आज का मोर्चा अभूतपूर्व रहेगा और जिन इलाकों में गड्ढे हैं, वहां के आमदार और नगरसेवकों के खिलाफ आंदोलन किया जाएगा।
शाळकरी बच्चों के आंदोलन पर राऊत ने कहा कि यहां जो मंत्री हैं, उन्हें कुंभ मेले का मंत्री नहीं बल्कि कुंभकर्ण मंत्री कहना चाहिए। उन्होंने ‘स्पेस टेक्नोलॉजी’ पर तंज कसते हुए कहा कि नाशिक चंद्रमा पर स्थित शहर है और चंद्रमा के ऊपर जैसे गड्ढे होते हैं, वैसे गड्ढे यहां हैं, फिर भी लोग वापस आ गए। उन्होंने कहा कि महापालिका का बजट 45 हजार करोड़ रुपये से ऊपर चला गया है और 55 हजार टॉयलेट बनाए जाने हैं। राऊत ने सवाल किया कि VIP टॉयलेट क्या है और क्या वे सोने के बने हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि टॉयलेट में लोग पैसे खाने लगे और कुंभ मेले में भी पैसे खाने लगे। उन्होंने अयोध्या में राम और सीता का सोना चोरी किए जाने का आरोप लगाते हुए कहा कि प्रति अयोध्या यानी नाशिक में भी वही शुरू है। राऊत ने कहा कि लोग माफ नहीं करेंगे।
त्र्यंबकेश्वर की खराब सड़क को लेकर राऊत ने कहा कि श्रावण महीना है और पहले इसकी कल्पना नहीं थी क्या। उन्होंने कहा कि फडणवीस शेंडीला गाठ बांधकर घूमते हैं। उन्होंने कहा कि पहले दत्तक गांव को गड्ढेमुक्त करें। उन्होंने कहा कि आप इस शहर के बाप हैं, तो शहर ठीक करें। उन्होंने गिरीश महाजन पर तंज कसते हुए कहा कि महाजन यहां दत्तक मुलगा हैं।
सरकार को चेतावनी देते हुए राऊत ने कहा कि यहां का प्रशासन मुर्दाड और निर्दयी है। उन्होंने सवाल किया कि 72 नगरसेवकों का बुबलं बाहर आया क्या। उन्होंने कहा कि आमदार आंदोलन कर रहे हैं, यह कैसी नौटंकी है। राऊत ने आरोप लगाया कि जब गड्ढों की शिकायत की जाती है तो अधिकारी धमकियां देते हैं। उन्होंने कहा कि अधिकारियों के नाम दें, मैं गुंडागिरी दिखाता हूं। उन्होंने यह भी कहा कि अगर उन्हें नाशिक छोड़कर भागना पड़ा तो क्या सत्ता का माज आ गया है?
कुंभ टेंडर घोटाले पर राऊत ने कहा कि यह पूरा मामला जामनेर कनेक्शन है। उन्होंने आरोप लगाया कि भ्रष्टाचार का जामनेर पैटर्न फडणवीस ने लाया है। उन्होंने कहा कि बोगस नोटें पकड़ी गई हैं और यही भाजपा का पैटर्न है। राऊत ने सवाल किया कि 12 साल बाद सड़कें बनाना ही क्या काम है। उन्होंने कहा कि काम कैसे करते हैं, यह जानना हो तो बौद्धिक लेंगे। उनके अनुसार प्रत्येक काम कमिशन के लिए है।
नाशिक में भ्रष्टाचार के कथित सबूतों को लेकर राऊत ने कहा कि मुख्यमंत्री के पास सबूत देकर भी कुछ नहीं किया जाता। उन्होंने फडणवीस पर टिप्पणी करते हुए कहा कि उनका ‘सुकलेला पापड़’ कैसे हो गया। उन्होंने आरोप लगाया कि भ्रष्टाचार करने वाले लोगों ने उनके आसपास घेरा बना रखा है। उन्होंने कहा कि आदिवासियों की जमीनें लूटी जाती हैं और थातूर-मातूर बोलकर निकल जाते हैं। राऊत ने इसे माज बताते हुए कहा कि यह केंद्र से झिरपला है।
साधु-संतों की नाराजगी पर राऊत ने कहा कि कई साधुओं ने उनसे संपर्क किया है। उनके अनुसार साधुओं का कहना है कि कुंभ की कामें केवल पैसे खाने के लिए निकाली गई हैं। राऊत ने कहा कि साधु-संतों को गड्ढे में डालने का काम किया गया है।
मुंबईकरों पर करवाढ के प्रस्ताव को लेकर राऊत ने कहा कि जहां-जहां भाजपा की सरकार है, वहां-वहां जनता की जेब में हाथ डालकर लूट की जाती है। उन्होंने कहा कि हमने 90 हजार रुपये की ठेवी रखी थीं, जिन्हें तोड़कर खा लिया गया। अब करवाढ के बोझ तले जनता को मारा जा रहा है। उन्होंने कहा कि सभी पालिकाओं में यही हो रहा है और राज्य को लूटने के लिए यह किया जा रहा है।
अमित शाह की गांधी पर टिप्पणी को लेकर राऊत ने कहा कि ‘लाज’ शब्द अमित शाह के लिए है। उन्होंने कहा कि जिस पार्टी ने स्वतंत्रता संग्राम में भाग नहीं लिया और जिसने संघ के कार्यालय पर तिरंगा नहीं लगाया, उसके अमित शाह वंदे मातरम की दो कड़ियां गाकर दिखाएं। राऊत ने कहा कि श्यामा प्रसाद मुखर्जी ने चले जाओ की चळवळ को मोड़ने का प्रयास किया था। उन्होंने शनिवार वाड़ा पर लगे तिरंगे को उनके वंशजों द्वारा हटाए जाने का भी आरोप लगाया।
शरद पवार के इंडिया आघाड़ी में रहने को लेकर राऊत ने कहा कि शरद पवार कहीं नहीं जाएंगे। जब-जब उनसे पूछा गया, उन्होंने यही कहा है। राऊत ने कहा कि शरद पवार सदैव हमारे साथ रहेंगे और भाजपा के लोग भ्रम पैदा कर रहे हैं।
वंदे मातरम के इतिहास पर राऊत ने कहा कि कांग्रेस ने इस गीत को मान्यता दी थी और इतिहास पढ़ना चाहिए। उन्होंने कहा कि उनका इससे कोई संबंध नहीं है और वे व्यापारी लोग हैं।
मंत्री द्वारा ‘इडियट’ शब्द के इस्तेमाल के आरोप पर राऊत ने कहा कि आज शाह माफी मांगने के लिए कहते हैं, जबकि जिन्हें इतिहास की जानकारी नहीं है, वे कांग्रेस से माफी मांगने के लिए कहते हैं। उन्होंने कहा कि संसद में जब हमने सवाल किया तो अमित शाह भाग गए। उन्होंने आरोप लगाया कि लाल किले से प्रधानमंत्री भाग गए और टेलीप्रॉम्प्टर बंद हो गया था। राऊत ने कहा कि संसद में मोदी-शाह भाग गए। उन्होंने कहा कि ‘इडियट’ सिनेमा आया और उसे राष्ट्रीय पुरस्कार मिला। उनके अनुसार ‘इडियट’ शब्द असंसदीय नहीं है। राऊत ने कहा, “देश के राजकारण में तीन इडियट हैं, दो दिल्ली में और एक महाराष्ट्र में है।”