तस्वीर में मुरगूड स्थित सदाशिवराव मंडलिक महाविद्यालय में सेवानिवृत्ति सम्मान समारोह के दौरान मंत्री प्रकाश आबिटकर और अन्य गणमान्य व्यक्तियों द्वारा डॉ. पांडुरंग राणबा फराकटे को सम्मानपत्र व अन्य वस्तुएं भेंट करते हुए दिखाया गया है।

मुरगूड स्थित सदाशिवराव मंडलिक महाविद्यालय के उपप्राचार्य तथा इतिहास विभागप्रमुख डॉ. पांडुरंग राणबा फराकटे के सेवानिवृत्त होने पर आयोजित सम्मान समारोह में महाराष्ट्र राज्य के स्वास्थ्य एवं सार्वजनिक परिवार कल्याण मंत्री तथा कोल्हापुर जिले के पालकमंत्री नामदार प्रकाश आबिटकर ने शिक्षक की भूमिका को समाज निर्माण से जोड़ा। उन्होंने कहा कि शिक्षक की सेवा केवल नौकरी नहीं, बल्कि समाज को आकार देने का प्रभावी माध्यम है। शिक्षक अपने ज्ञान, संस्कार और विचारों के माध्यम से भावी पीढ़ी का निर्माण करता है, इसलिए समाज निर्माण में शिक्षकों का योगदान अत्यंत महत्वपूर्ण है।

डॉ. पांडुरंग राणबा फराकटे लंबे शैक्षणिक सेवाकाल के बाद आयु सीमा के अनुसार सेवानिवृत्त हुए। इसी अवसर पर आयोजित समारोह में प्रमुख अतिथि के रूप में बोलते हुए मंत्री प्रकाश आबिटकर ने उनके शैक्षणिक और प्रशासनिक योगदान की सराहना की। मंत्री के हाथों डॉ. फराकटे को सम्मानपत्र, सम्मानचिह्न, शॉल, श्रीफल और पुष्पगुच्छ देकर सम्मानित किया गया।

मंत्री आबिटकर ने कहा कि डॉ. फराकटे ने अपने लंबे सेवाकाल में अध्यापन के साथ महाविद्यालयीन प्रशासन और विद्यार्थियों के निर्माण में महत्वपूर्ण योगदान दिया। इतिहास विषय के अध्ययनशील प्राध्यापक के रूप में उन्होंने विद्यार्थियों में इतिहास की समझ विकसित करने के साथ सामाजिक चेतना और जिम्मेदारी की भावना पैदा करने का कार्य किया।

उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों को केवल डिग्री देना शिक्षा का अंतिम उद्देश्य नहीं है, बल्कि उन्हें संवेदनशील, कर्तव्यनिष्ठ और जिम्मेदार नागरिक के रूप में तैयार करना शिक्षकों की वास्तविक जिम्मेदारी है। डॉ. फराकटे ने इस जिम्मेदारी को प्रभावी ढंग से निभाया।

सम्मान के जवाब में डॉ. फराकटे ने महाविद्यालय में बिताए अपने लंबे सेवाकाल की यादें साझा कीं। उन्होंने कहा कि संस्था द्वारा मिला सहयोग, सहकर्मियों का स्नेह और विद्यार्थियों का प्यार ही उनके सेवाकाल की सबसे बड़ी उपलब्धि है। उन्होंने यह भावना भी व्यक्त की कि सेवानिवृत्ति के बाद भी सामाजिक और शैक्षणिक क्षेत्र से उनका संबंध कायम रहेगा।

महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. शिवाजी होडगे ने भी डॉ. फराकटे के शैक्षणिक और प्रशासनिक योगदान का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि इतिहास विभाग तथा महाविद्यालयीन प्रशासन के कार्य में डॉ. फराकटे का योगदान उल्लेखनीय रहा है और उनका अनुभव तथा कार्यपद्धति महाविद्यालय के लिए हमेशा प्रेरणादायी रहेगी।

समारोह में जनता दल के जिलाध्यक्ष वसंतराव पाटील, भाजपा के जिलाध्यक्ष नाथाजी पाटील, बिद्री चीनी मिल के निदेशक राहुल देसाई, शिवाजी विश्वविद्यालय प्रबंधन परिषद के सदस्य डॉ. राजेंद्र गुरव, पंचायत समिति राधानगरी की पूर्व सभापति वंदना पाटील, ग्रामसेवक संगठन के पूर्व जिलाध्यक्ष तुळशीराम मुळीक, नगरसेवक सुनील वाडकर, नगरसेवक अभिजीत खतकर, जिला परिषद सदस्य शिरीष देसाई, गडहिंग्लज बाजार समिति के सभापति धनाजी तोरस्कर, भुदरगड युवा सेना प्रमुख विद्याधर परीट, पंचायत समिति भुदरगड की सदस्य रूपाली कुरळे, सरपंच वंदना कांबळे, नाइट कॉलेज कोल्हापुर के पूर्व प्राचार्य सुरेश फराकटे, जनता गृहनिर्माण पतसंस्था के चेयरमैन मारुति मोरे, डॉ. शिवाजी पोवार, डॉ. अमृत मगदूम, प्रा. नितेश रायकर सहित कई गणमान्य उपस्थित थे।

कार्यक्रम में महाविद्यालय के प्राध्यापक, शिक्षकेतर कर्मचारी, विद्यार्थी, पूर्व विद्यार्थी, डॉ. फराकटे के परिवारजन, मित्रपरिवार तथा विभिन्न क्षेत्रों के गणमान्य बड़ी संख्या में उपस्थित रहे। उपस्थित लोगों ने डॉ. फराकटे की लंबी शैक्षणिक सेवा को सम्मानपूर्ण विदाई देते हुए उनके आगामी जीवन के लिए शुभकामनाएं दीं।

कार्यक्रम का संचालन प्रा. संजय हेरवाडे और सुशांत पाटील ने किया, जबकि आभार प्रा. रामचंद्र पाटील ने व्यक्त किया।

मुरगूड में आयोजित इस समारोह की तस्वीर में भी डॉ. पांडुरंग फराकटे का मंत्री प्रकाश आबिटकर के हाथों सम्मानपत्र, सम्मानचिह्न, शॉल, श्रीफल और पुष्पगुच्छ देकर सम्मान किए जाने का उल्लेख है। इस दौरान प्राचार्य डॉ. शिवाजी होडगे और अन्य गणमान्य उपस्थित रहे। डॉ. फराकटे की सेवानिवृत्ति के अवसर पर आयोजित सम्मान समारोह ने उनके लंबे शैक्षणिक, प्रशासनिक और विद्यार्थी निर्माण से जुड़े योगदान को सम्मानपूर्वक रेखांकित किया।

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