मोर्शी में सफाई कर्मचारियों का अनशन शुरू, मांगे पूरी न होने से आक्रोश
लिखित आश्वासन के बाद भी मांगें पूरी न होने पर अखिल भारतीय सफाई मजदूर यूनियन ने नगरपरिषद के सामने प्रदर्शन तेज किया।
मोर्शी में अनशन स्थल पर बैनर के सामने माइक पर बात करते लोग।
मोर्शी शहर के सफाई कर्मचारियों ने अपनी मांगें पूरी नहीं होने पर एक बार फिर आंदोलन शुरू कर दिया है। अखिल भारतीय सफाई मजदूर यूनियन के नेतृत्व में सफाई कर्मचारी नगरपरिषद कार्यालय मोर्शी के सामने अनशन पर बैठ गए हैं। कर्मचारियों ने मांगें पूरी नहीं होने पर आंदोलन और तेज करने का संकेत दिया है।
मोर्शी शहर के सफाई कामगार पिछले कई दिनों से अपने हक की लड़ाई लड़ रहे हैं। सफाई कर्मचारियों की समस्याएं प्रशासन के सामने रखने के लिए करीब दो महीने पहले नगरपरिषद कार्यालय मोर्शी के सामने आमरण अनशन किया गया था। उस समय मोर्शी विधानसभा के विधायक चंदू भाऊ यावलकर की मध्यस्थता से सफाई कर्मचारियों की मांगों पर कार्रवाई करने का लिखित आश्वासन समस्याग्रस्त सफाई कामगारों को दिया गया था।
सफाई कर्मचारियों का कहना है कि लिखित आश्वासन के बावजूद आज तक उनकी एक भी मांग मंजूर नहीं हुई। इसके बाद दीपक डाबोडे के नेतृत्व में मोर्शी शहर की अखिल भारतीय सफाई मजदूर यूनियन ने पुनश्च आंदोलन शुरू कर दिया है।
मोर्शी शहर के सामाजिक कार्यकर्ता निलेश रोडे ने अनशन की जानकारी देते हुए बताया कि मोर्शी शहर के सफाई कामगारों की मांगें सही और रास्त होने के बावजूद नगरपरिषद प्रशासन कामगारों के हित में निर्णय नहीं ले पा रहा है। इसे लेकर सफाई कर्मचारियों में असंतोष पैदा हुआ है।
निलेश रोडे ने बताया कि सफाई कर्मचारियों की मांगें पूरी होने तक अनशन जारी रहने की बात कही जा रही है। उन्होंने प्रशासन से जल्द से जल्द सफाई कामगारों की मांगों को गंभीरता से लेते हुए उन्हें मंजूर करने की बात कही है।
मांगों पर कार्रवाई के लिखित आश्वासन के बावजूद समाधान नहीं होने के कारण सफाई कर्मचारियों का पुनश्च आंदोलन नगरपरिषद प्रशासन के सामने उनके असंतोष को स्पष्ट कर रहा है।