महसूल कार्यालयों में अब रोज दोपहर 3 से 5 बजे तक नागरिकों से सीधा संवाद अनिवार्य
महसूल कार्यालयों में अब रोज 3 से 5 बजे तक नागरिकों से मुलाकात अनिवार्य होगी। शिकायतों के समाधान और सीधे संवाद के लिए अहम निर्णय।
महसूल विभाग से जुड़ी शिकायतों, अड़चनों और शासकीय कामकाज से संबंधित समस्याओं के स्थानीय स्तर पर ही निराकरण तथा नागरिकों को अधिकारियों से सीधे संवाद का अवसर देने के लिए महाराष्ट्र शासन के महसूल विभाग ने महत्वपूर्ण निर्णय लिया है। इसके तहत सामान्य कामकाज वाले दिनों में महसूल कार्यालयों में रोज दोपहर 3 से 5 बजे तक नागरिकों से मुलाकात के लिए समय निर्धारित किया गया है।
इस निर्धारित अवधि में महसूल कार्यालय के संबंधित अधिकारियों का नागरिकों से मुलाकात के लिए उपलब्ध रहना अनिवार्य किया गया है। नागरिक इस दौरान अपनी शिकायतें, निवेदन तथा शासकीय कामकाज से जुड़ी अड़चनें सीधे अधिकारियों के सामने रख सकेंगे। प्राप्त शिकायतों और आवेदनों पर आवश्यक कार्रवाई कर नागरिकों को समाधान देने की दिशा में प्रयास करना भी अधिकारियों से अपेक्षित है।
नागरिकों से मुलाकात के लिए निर्धारित दोपहर 3 से 5 बजे की अवधि में किसी भी प्रकार की बैठक अथवा वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग आयोजित नहीं करने के निर्देश शासन ने दिए हैं। इससे अधिकारियों के कार्यालय में उपलब्ध नहीं रहने के कारण नागरिकों को होने वाली असुविधा कम होने की संभावना है।
महसूल कार्यालयों में नागरिकों की मुलाकात के लिए अभ्यागत रजिस्टर रखना भी अनिवार्य किया गया है। इसके साथ ही नागरिकों से मुलाकात का निर्धारित समय दर्शाने वाला सूचना फलक कार्यालय के प्रवेशद्वार तथा संबंधित अधिकारी के कक्ष के बाहर लगाना बंधनकारक किया गया है।
यदि किसी अत्यंत जरूरी शासकीय कार्य अथवा वरिष्ठ स्तर की बैठक के कारण संबंधित अधिकारी दोपहर 3 से 5 बजे के बीच उपलब्ध नहीं रह पाते हैं, तो इसकी पूर्व सूचना देकर नागरिकों के आवेदन और शिकायतें स्वीकार करने के लिए वैकल्पिक सक्षम अधिकारी की नियुक्ति करनी होगी।
शासन के इस निर्णय से महसूल प्रशासन को अधिक पारदर्शी और नागरिकोन्मुख बनाने में मदद मिलने की उम्मीद है। नागरिकों को अपनी समस्याएं रखने के लिए निश्चित समय मिलने से कार्यालयीन कामकाज में भी अनुशासन आने की अपेक्षा है। इस निर्णय का शिरपूर तालुका सहित जिले के सभी महसूल कार्यालयों में प्रभावी रूप से क्रियान्वयन होना आवश्यक है।
सामाजिक कार्यकर्ता त-हाडी के भुषण माधव बागुल ने कहा, “नागरिकों से मुलाकात के लिए दोपहर 3 से 5 बजे का निश्चित समय अनिवार्य करने का शासन का निर्णय स्वागत योग्य है। इससे महसूल प्रशासन को अधिक पारदर्शी, लोकाभिमुख और जवाबदेह बनाने में मदद मिलेगी। हालांकि, इस निर्णय का प्रभावी और कड़ाई से क्रियान्वयन होना जरूरी है।”