म्हाडा लाएगा नया पोर्टल, मुंबई में किराये का घर ढूंढना होगा आसान
टीसीएस के सहयोग से तैयार हो रहे डिजिटल प्लेटफॉर्म पर घर, किरायेदार और मकान मालिक का ब्योरा दर्ज होगा। इससे एजेंटों की मनमानी पर रोक लगेगी।
तस्वीर में म्हाडा के अधिकारी बोर्ड के पीछे खड़े होकर पोज देते दिख रहे हैं।
मुंबई में किराये का घर तलाशने वाले परिवारों और अन्य लोगों के लिए घर ढूंढना जल्द आसान हो सकता है। महाराष्ट्र गृहनिर्माण क्षेत्र विकास प्राधिकरण (म्हाडा) ने अपने रेंटल हाउसिंग पोर्टल में सभी प्रकार की वैध रिहायशी प्रॉपर्टी को शामिल करने का निर्णय लिया है। इस डिजिटल प्लेटफॉर्म को तैयार करने के लिए म्हाडा ने दिग्गज आईटी कंपनी टीसीएस से टाइअप किया है।
म्हाडा के उपमुख्य कार्यकारी अधिकारी अनिल वानखेड़े के अनुसार, कोई भी व्यक्ति अपनी वैध रिहायशी प्रॉपर्टी को पोर्टल पर रजिस्टर्ड कराकर उसे किराये पर दे सकेगा। हालांकि, कमर्शियल प्रॉपर्टी को पोर्टल में शामिल नहीं किया जाएगा। म्हाडा का उद्देश्य किराये के घरों के बाजार में एजेंटों की मनमानी और फर्जीवाड़े पर लगाम लगाना है। इसके लिए घरों से जुड़ी जानकारी को एक डिजिटल प्लेटफॉर्म पर लाने का काम किया जा रहा है, जिससे किरायेदार और मकान मालिक के बीच होने वाले लेन-देन को अधिक पारदर्शी बनाया जा सके।
पोर्टल के माध्यम से कोई भी व्यक्ति आसानी से किराये का घर तलाश सकेगा। वानखेड़े के अनुसार, मकान मालिक अपने घर का पूरा विवरण पोर्टल पर अपलोड कर सकेगा। इसके बाद किरायेदार की तलाश के लिए एजेंट के पास जाने की जरूरत नहीं होगी। इसी तरह किरायेदार भी पोर्टल पर उपलब्ध घरों की जानकारी देखकर अपनी जरूरत के मुताबिक मकान तलाश सकेगा। इससे किराये के घर की तलाश और मकान किराये पर देने की प्रक्रिया अधिक पारदर्शी होने की उम्मीद है।
पोर्टल पर मकान मालिक को यह जानकारी दर्ज करनी होगी कि उसने अपना घर किस व्यक्ति को किराये पर दिया है। वहीं, किरायेदार को अपने साथ रहने वाले लोगों की जानकारी भी दर्ज करनी होगी। मकान मालिक और किरायेदार की जानकारी के साथ पुलिस वेरिफिकेशन समेत अन्य दस्तावेज भी पोर्टल पर अपलोड करना अनिवार्य होगा। इससे किरायेदार की जानकारी का सत्यापन करने और भविष्य में विवाद की स्थिति में रिकॉर्ड उपलब्ध रहने में मदद मिलेगी।
किराये के घरों में कई बार किराये और डिपॉजिट की राशि लौटाने को लेकर विवाद सामने आते हैं। नए पोर्टल पर मकान के किराये के साथ डिपॉजिट की जानकारी भी दर्ज की जाएगी। इससे मकान मालिक और किरायेदार के बीच हुए समझौते का डिजिटल रिकॉर्ड उपलब्ध रहेगा।
इस तरह म्हाडा का प्रस्तावित रेंटल हाउसिंग पोर्टल वैध रिहायशी प्रॉपर्टी, मकान मालिक, किरायेदार, किराया, डिपॉजिट और जरूरी दस्तावेजों से जुड़ी जानकारी को एक डिजिटल प्लेटफॉर्म पर लाने की दिशा में तैयार किया जा रहा है।