तस्वीर में वर्धा जिलाधिकारी कार्यालय में प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना को लेकर आयोजित बैठक के दौरान अधिकारी और प्रतिनिधि नजर आ रहे हैं।

समुद्रपुर में प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना से वंचित किसानों की समस्या को लेकर वर्धा जिलाधिकारी कार्यालय में विशेष बैठक आयोजित की गई। बैठक में निवासी जिलाधिकारी (आरडीसी) राजु रणवीर ने कृषि विभाग के अधिकारियों की उपस्थिति में योजना की स्थिति का आढावा लेते हुए पिएम किसान सम्मान निधि संबंधी मामलों पर त्वरित कार्यवाही कर रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए।

केंद्र शासन की ओर से किसानों को आर्थिक सहायता उपलब्ध कराने के लिए प्रधानमंत्री शेतकरी सन्मान योजना शुरू की गई थी। इसका लाभ अनेक किसानों को मिल रहा है, लेकिन तकनीकी अड़चनों और अधिकारियों की हलर्गीजी के कारण कई किसान योजना के लाभ से वंचित हैं। इस संबंध में वर्धा जिला सरपंच संघटना की ओर से जिलाध्यक्ष धर्मेंद्र राऊत के नेतृत्व में 15 दिन पहले जिलाधिकारी के निर्देशानुसार शिकायत दी गई थी। इसी शिकायत पर जिलाधिकारी कार्यालय में विशेष बैठक आयोजित की गई।

बैठक में बताया गया कि वर्ष 2022 से बड़ी संख्या में किसानों को शेतकरी सन्मान निधि नहीं मिल रही है। किसानों ने इस संबंध में तालुका कृषि अधिकारी और जिला कृषि अधिकारी के पास शिकायतें दर्ज कराईं, लेकिन समस्या का समाधान नहीं होने से किसानों को पिछले तीन वर्षों से शासन स्तर पर चक्कर लगाने पड़ रहे हैं। मामला ग्रामसभाओं में भी सामने आने लगा है। किसानों को न्याय नहीं मिलने के कारण अब वर्धा जिला सरपंच संघटना ने इस मुद्दे को लेकर आक्रामक रुख अपनाया है।

जिलाधिकारी कार्यालय स्थित निवासी जिलाधिकारी वर्धा के दालन में आयोजित बैठक के दौरान आरडीसी राजु रणवीर ने कृषि विभाग के अधिकारियों से मामले की समीक्षा की। उन्होंने कृषि विभाग को निर्देश दिया कि कृषि सहायकों की मदद से प्रत्येक ग्रामपंचायत में अक्टूबर महीने के पहले सप्ताह में बैठक आयोजित की जाए। इन बैठकों में सरपंच, ग्रामसेवक और तलाठी को शामिल किया जाए, ताकि किसान सम्मान निधि से संबंधित लंबित मामलों का जल्द निपटारा किया जा सके।

आरडीसी ने इन बैठकों के बाद की गई कार्रवाई का अहवाल अक्टूबर महीने के दूसरे हफ्ते में जिलाधिकारी कार्यालय वर्धा में प्रस्तुत करने के निर्देश भी दिए। इस दौरान निवासी जिलाधिकारी ने कृषि विभाग आयुक्त पुणे से भी चर्चा की।

बैठक में कृषि विभाग के जिले और तालुका स्तर के अधिकारी तथा वर्धा जिला सरपंच संघटना के उपाध्यक्ष राजेश सावरकर, जिला उपाध्यक्ष मुरलीधर चौधरी, जिला प्रसिद्ध प्रमुख विलास, वर्धा तालुकाध्यक्ष कीर्ती सवाई, संजय शेलुकर, रमेश ढाले सहित सरपंच संघटना के पदाधिकारी उपस्थित थे। प्रशासन की ओर से ग्रामपंचायत स्तर पर बैठकें आयोजित कर किसानों की समस्याओं का अहवाल तैयार करने के निर्देश दिए जाने से लंबे समय से लंबित पिएम किसान सम्मान निधि से जुड़े मामलों पर त्वरित कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू होने की उम्मीद बनी है।

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