म्हाडा ने शुरू कीं 5 नई AI आधारित डिजिटल सेवाएं, प्रशासनिक कार्यों में आएगी तेजी
म्हाडा के प्रशासनिक कामकाज को पारदर्शी बनाने के लिए एआई आधारित सेवाएं शुरू की गई हैं।
म्हाडा उपाध्यक्ष संजीव जयस्वाल ने मुंबई में नई AI डिजिटल सेवाओं की शुरुआत की।
महाराष्ट्र गृहनिर्माण एवं क्षेत्र विकास प्राधिकरण (म्हाडा) ने अपने प्रशासनिक कामकाज को अधिक तेज, आसान और पारदर्शी बनाने के लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) आधारित पांच नई डिजिटल सेवाएं शुरू की हैं। सोमवार, 12 अक्टूबर 2026 को म्हाडा के उपाध्यक्ष एवं मुख्य कार्यकारी अधिकारी संजीव जयस्वाल ने इन सेवाओं का उद्घाटन किया। इन सुविधाओं से नागरिकों को अपने आवेदन और शिकायतों की स्थिति जानने, जरूरी दस्तावेज सही विभाग तक पहुंचाने और प्रशासनिक प्रक्रियाओं में होने वाली देरी कम करने में मदद मिलेगी।
नई सेवाओं के तहत नागरिक सुविधा केंद्र (CFC) की व्यवस्था को भी बेहतर बनाया गया है। अब नागरिक घर बैठे अपने पत्र, शिकायतें और जरूरी दस्तावेज ऑनलाइन भेज सकेंगे। AI आधारित प्रणाली दस्तावेजों का विश्लेषण कर संबंधित अधिकारी या विभाग के तीन संभावित विकल्प सुझाएगी। इससे नागरिकों को यह तय करने में आसानी होगी कि उनका आवेदन या शिकायत किस विभाग को भेजी जानी चाहिए। यदि किसी नागरिक को संबंधित अधिकारी या विभाग का नाम मालूम नहीं है, तो वह ‘Not Known’ विकल्प चुन सकता है। ऐसी स्थिति में दस्तावेज नागरिक सुविधा केंद्र तक पहुंचेंगे, जहां के अधिकारी उन्हें सही विभाग को भेजेंगे।
नागरिक अपने ई-ऑफिस नंबर के माध्यम से यह भी पता लगा सकेंगे कि उनका आवेदन किस अधिकारी के पास है और प्रक्रिया के किस चरण में पहुंचा है। इससे आवेदन की स्थिति जानने के लिए बार-बार कार्यालय जाने या अधिकारियों से संपर्क करने की जरूरत कम हो सकती है।
म्हाडा ने वित्तीय कामकाज को आसान बनाने के लिए भी AI आधारित प्रणाली शुरू की है। यह प्रणाली बैंक स्टेटमेंट, RTGS के माध्यम से हुए लेनदेन और रोकड़ बही में दर्ज रकम का मिलान करने में मदद करेगी। आपस में मेल खाने वाले लेनदेन की पहचान सिस्टम अपने आप करेगा, जबकि रिकॉर्ड में अंतर मिलने पर संबंधित वित्त विभाग के अधिकारी उनकी जांच कर सकेंगे। इससे कर्मचारियों का मैनुअल काम घटाने और वित्तीय रिकॉर्ड में गलतियों की पहचान आसान बनाने में मदद मिलेगी।
कार्यालयों में बड़ी संख्या में मौजूद दस्तावेजों और फाइलों को व्यवस्थित करने के लिए फाइल नामकरण एवं टैगिंग प्रणाली भी शुरू की गई है। इसके माध्यम से अपलोड की गई फाइलों को स्वतः सही श्रेणी में रखने और उन पर जरूरी टैग लगाने में मदद मिलेगी। इससे अधिकारी और कर्मचारी आवश्यक दस्तावेज आसानी से खोज सकेंगे। साथ ही, फाइलों का सारांश मराठी और अंग्रेजी में तैयार करने की सुविधा भी उपलब्ध होगी।
भूखंडों से संबंधित जानकारी हासिल करने के लिए म्हाडा ने AI आधारित वर्चुअल असिस्टेंट शुरू किया है। यह सुविधा म्हाडा की भौगोलिक सूचना प्रणाली (GIS) से जुड़ी होगी। इसके जरिए अधिकारी और कर्मचारी सामान्य बातचीत की तरह सवाल पूछकर उपलब्ध भूखंड संबंधी जानकारी प्राप्त कर सकेंगे। इससे जटिल रिकॉर्ड में मैनुअल तरीके से जानकारी तलाशने में लगने वाला समय कम करने में मदद मिलेगी।
म्हाडा की पांचवीं नई डिजिटल सेवा पुराने सरकारी संकल्पों और बैठकों में लिए गए फैसलों को खोजने से संबंधित है। इस प्रणाली में बैठकों के दस्तावेजों में दर्ज पुराने संकल्पों की पहचान कर उन्हें व्यवस्थित किया जाएगा। अधिकारी और कर्मचारी संकल्प संख्या, विषय या अन्य संबंधित जानकारी के आधार पर जरूरी फैसला खोज सकेंगे। आवश्यकता पड़ने पर मूल दस्तावेज का संबंधित पन्ना भी सीधे खोला जा सकेगा। इससे पुराने निर्णयों से संबंधित जानकारी जुटाने की प्रक्रिया आसान होगी।
म्हाडा के उपाध्यक्ष एवं मुख्य कार्यकारी अधिकारी संजीव जयस्वाल के अनुसार, इन सेवाओं को शुरू करने का उद्देश्य केवल कागजी दस्तावेजों को डिजिटल स्वरूप देना नहीं, बल्कि सरकारी कामकाज की पूरी प्रक्रिया को बेहतर बनाना है। AI के इस्तेमाल से बार-बार किए जाने वाले कार्यों को कम करने, जरूरी जानकारी तेजी से खोजने और कामकाज में सटीकता बढ़ाने पर जोर दिया जा रहा है।
म्हाडा की यह पहल नागरिक सेवाओं को अधिक सुलभ बनाने और प्रशासनिक प्रक्रियाओं में पारदर्शिता बढ़ाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। हालांकि, इन डिजिटल सुविधाओं का वास्तविक लाभ इस बात पर निर्भर करेगा कि नई प्रणालियां कितनी प्रभावी ढंग से काम करती हैं और नागरिकों के आवेदनों तथा शिकायतों का निपटारा कितनी तेजी से होता है।