महाराष्ट्र में भारी बारिश का तांडव: रत्नागिरी में भूस्खलन से 5 घर दबे, राज्य में 13 लोगों की मौत
महाराष्ट्र में लगातार भारी बारिश से जनजीवन बेहाल है। रत्नागिरी में भूस्खलन से 5 घर मलबे में दबे, रेस्क्यू ऑपरेशन जारी। राज्य भर में बारिश से जुड़ी घटनाओं में 13 लोगों की मौत, नदियां खतरे के निशान से ऊपर, रेड अलर्ट जारी। जानिए महाराष्ट्र के ताजा हालात।
रत्नागिरी के दाहीवाली इलाके में भूस्खलन स्थल पर राहत और बचाव कार्य में जुटे एनडीआरएफ के कर्मी।
महाराष्ट्र के रत्नागिरी जिले में मूसलाधार बारिश का कहर देखने को मिला है, जहां खेड़ तहसील के दाहीवाली इलाके में सोमवार रात को हुए भीषण भूस्खलन में पांच घर मलबे में दब गए। इस हादसे के बाद राहत और बचाव कार्य युद्धस्तर पर जारी है। अधिकारियों के मुताबिक, घटना के बाद 75 वर्षीय कल्पना शेलार को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया है, जबकि दो अन्य व्यक्ति शांताराम शेलार और सतीश शेलार अभी भी मलबे में फंसे हुए हैं। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल यानी एनडीआरएफ, स्थानीय पुलिस और अन्य आपातकालीन एजेंसियां मौके पर पहुंचकर रेस्क्यू ऑपरेशन चला रही हैं। महाराष्ट्र के मंत्री उदय सामंत ने मंगलवार सुबह प्रभावित क्षेत्र का दौरा कर स्थिति का जायजा लिया और बचाव प्रयासों की समीक्षा की।
राज्य में पिछले कुछ दिनों से हो रही मूसलाधार बारिश ने जनजीवन अस्त-व्यस्त कर दिया है। राज्य आपातकालीन संचालन केंद्र के आंकड़ों के अनुसार, पिछले दो दिनों में भारी बारिश और तेज हवाओं के कारण पूरे महाराष्ट्र में 13 लोगों की जान जा चुकी है और 10 लोग घायल हुए हैं। लगभग 100 घर क्षतिग्रस्त होने से कई परिवार विस्थापित हो गए हैं। तटीय और पश्चिमी महाराष्ट्र में बारिश का भीषण रूप देखने को मिला है, जिसमें लोनावला में 48 घंटों में 625 मिलीमीटर, रायगढ़ में 24 घंटों में 236 मिलीमीटर, ठाणे में 161 मिलीमीटर, रत्नागिरी में 152 मिलीमीटर और पालघर में 132 मिलीमीटर वर्षा दर्ज की गई है। मुंबई के कुछ हिस्सों में भी 100 से 161 मिलीमीटर तक बारिश हुई है।
लगातार हो रही बारिश के कारण राज्य की कई नदियां खतरे के निशान से ऊपर बह रही हैं। उल्हास, कालू और पिंजल नदियां चेतावनी स्तर को पार कर चुकी हैं, जबकि अंबा, सावित्री, कुंडलिका, पातालगंगा, जगबुड़ी और उल्हास नदियों ने खतरे के निशान को पार कर लिया है। इसे देखते हुए बदलापुर, मोहने और जंभुलपाड़ा के लिए बाढ़ की चेतावनी जारी की गई है। अन्य घटनाओं में, मुंबई के मानखुर्द इलाके में एक इमारत के झुग्गी क्लस्टर पर गिरने से छह लोगों की मौत हो गई और एक व्यक्ति घायल हुआ, जबकि उपनगरों में एक पेड़ गिरने से एक व्यक्ति की जान चली गई। ठाणे में इमारत का हिस्सा गिरने से दो लोग घायल हुए, वहीं पालघर और सिंधुदुर्ग में डूबने से एक-एक व्यक्ति की मौत हुई और सिंधुदुर्ग में तेज हवाओं से करीब 30 घर क्षतिग्रस्त हो गए। सतारा जिले में भी भूस्खलन से एक व्यक्ति की मौत और चार लोग घायल हुए।
प्रशासन ने माथेरान, लोनावला, खोपोली और लोहागढ़ जैसे हिल स्टेशनों पर भूस्खलन के खतरे को देखते हुए रेड अलर्ट जारी किया है और एनडीआरएफ की दो टीमें तैनात की हैं। पुणे के मावल तालुका के पाटन में भूस्खलन से चार लोग फंसे, जबकि तळेगांव-दाभाडे के पास 25 यात्रियों से भरी बस बाढ़ में फंस गई, जिसे एनडीआरएफ ने सुरक्षित निकाला। रायगढ़ के सुधागढ़ तालुका में छह लोगों का परिवार बाढ़ के कारण घर की छत पर फंस गया था, जिन्हें नावों की मदद से सुरक्षित बाहर निकाला गया। भारी बारिश और भूस्खलन से मुंबई-गोवा हाईवे, मुंबई-पुणे एक्सप्रेसवे और खोपोली हाईवे पर यातायात बाधित हुआ, जबकि मावल और ताम्हिनी घाट सेक्शन में भी स्थिति प्रभावित रही। दूसरी ओर, विदर्भ क्षेत्र के वर्धा, अकोला, अमरावती, यवतमाल और चंद्रपुर जैसे जिलों में अभी भी उल्लेखनीय बारिश का इंतजार है।