महा वॉकेथॉन में गूंजा जल संरक्षण का संदेश, लातूरकरों ने 3 किमी पैदल चलकर दिया संकल्प
लातूर में महा वॉकेथॉन के जरिए जल संरक्षण का संदेश गूंजा। जिलाधिकारी समेत नागरिकों ने 3 किमी पैदल चलकर जलसंधारण का संकल्प लिया।
तस्वीर में लातूर जिला परिषद परिसर में जलसंधारण दिन के अवसर पर आयोजित महा वॉकेथॉन के दौरान जिलाधिकारी डॉ. भारत बास्टेवाड और अन्य अधिकारी हरी झंडी दिखाते हुए नजर आ रहे हैं।
लातूर में जलसंधारण दिन के अवसर पर आयोजित ‘महा वॉकेथॉन- वॉक फॉर वॉटर’ में नागरिकों ने उत्स्फूर्त सहभागिता दर्ज कराते हुए ‘पाणी अडवा, पाणी जिरवा, जलयुक्त महाराष्ट्र घडवा’ का संदेश दिया। मृद व जलसंधारण विभाग की ओर से आयोजित इस उपक्रम की शुरुआत लातूर जिला परिषद परिसर में जिलाधिकारी डॉ. भारत बास्टेवाड ने हरी झंडी दिखाकर की। ‘सेव्ह सॉईल, सेव्ह वॉटर, सिक्युर टुमारो’ इस कार्यक्रम की संकल्पना थी।
इस अवसर पर जिला परिषद के मुख्य कार्यकारी अधिकारी राहुल कुमार मीना, जिला परिषद के निर्माण सभापति ज्ञानेश्वर बिराजदार, जिला नियोजन अधिकारी सोमनाथ रेड्डी, माध्यमिक शिक्षाधिकारी रोहिणी कुंभार और जिला जलसंधारण अधिकारी जावेद पटेल सहित बड़ी संख्या में नागरिक उपस्थित रहे। कार्यक्रम के दौरान उपस्थित लोगों को मृद व जलसंधारण की शपथ दिलाई गई।
पूर्व मुख्यमंत्री दिवंगत सुधाकरराव नाईक की जयंती के अवसर पर इस वर्ष से 21 अगस्त को जलसंधारण दिन के रूप में मनाया जा रहा है। इसी पृष्ठभूमि में सतत विकास के लिए मृद व जलसंधारण के महत्व को समझाने के उद्देश्य से 15 से 21 अगस्त 2026 तक जलसंधारण सप्ताह आयोजित किया गया। जल संरक्षण को जनआंदोलन का स्वरूप देने और जनजागृति के लिए जलसंधारण सप्ताह के समापन अवसर पर ‘महा वॉकेथॉन- वॉक फॉर वॉटर’ का आयोजन किया गया। जिला परिषद परिसर से शुरू हुई वॉकेथॉन नए जिलााधिकारी कार्यालय तक पहुंचने के बाद संपन्न हुई।
जिलाधिकारी डॉ. भारत बास्टेवाड ने कहा कि पानी ही जीवन है। लातूर जिले में जलसंधारण के कार्य तेजी से हो रहे हैं और पहले की तुलना में स्थिति में सुधार हुआ है। वर्तमान में एल निनो का संकट है और भविष्य में भी इस तरह के संकट सामने आ सकते हैं। ऐसे में बारिश के पानी को जमीन में उतारने और भूजल पुनर्भरण के लिए प्रयास करना समय की जरूरत है। उन्होंने कहा कि अगली पीढ़ी के लिए मिट्टी और पानी को बचाना जरूरी है। इसी उद्देश्य से जनजागृति के लिए महा वॉकेथॉन का आयोजन किया गया है। उन्होंने सभी से आगे आकर मृद व जलसंधारण में अपना योगदान देने का आह्वान किया। साथ ही ग्रीन लातूर वृक्ष फाउंडेशन की ओर से वृक्षारोपण के लिए किए जा रहे प्रयासों की सराहना की।
लातूर के युवक-युवतियों, खिलाड़ियों, महिलाओं और वरिष्ठ नागरिकों सहित सभी आयु वर्ग के लोगों ने महा वॉकेथॉन में उत्साहपूर्वक भाग लिया। प्रतिभागियों ने करीब तीन किलोमीटर पैदल चलकर ‘पाणी अडवा, पाणी जिरवा, जलयुक्त महाराष्ट्र घडवा’ का संदेश दिया। जिलाधिकारी डॉ. भारत बास्टेवाड ने भी सक्रिय सहभागिता करते हुए जिला परिषद से नए जिलाधिकारी कार्यालय तक तीन किलोमीटर की दूरी पैदल पूरी की।
वॉकेथॉन के समापन के बाद पुरस्कार वितरण समारोह आयोजित किया गया। इस दौरान ग्रीन लातूर वृक्ष फाउंडेशन का दल विशेष आकर्षण का केंद्र रहा। दल ने छतरियों की सहायता से विभिन्न संदेश उकेरते हुए ‘सेव्ह वॉटर, सेव्ह सॉईल’ का संदेश प्रसारित किया।
महा वॉकेथॉन में जिला स्तर पर प्रथम पुरस्कार के रूप में 25 हजार रुपये प्रभाकर शिवानंद परीट ने, द्वितीय पुरस्कार के रूप में 15 हजार रुपये श्याम जगन्नाथ माने ने और तृतीय पुरस्कार के रूप में 10 हजार रुपये शेख सरफराज गफार ने जीते। इसके अलावा लकी ड्रॉ यानी ईश्वर चिठ्ठी के माध्यम से सात प्रतिभागियों का चयन किया गया। प्रत्येक चयनित प्रतिभागी को 3 हजार रुपये का पुरस्कार और सम्मानचिह्न प्रदान किया गया।