लातूर: शिक्षाविद संजीव सोनवणे ने खुद को गोली मारकर की आत्महत्या
लातूर के प्रमुख संस्थाचालक संजीव सोनवणे ने अपने आवास पर खुद को गोली मारी; पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा।
तस्वीर में लातूर स्थित एक मकान के बाहर एम्बुलेंस और पुलिस वाहन खड़े दिख रहे हैं।
लातूर के शैक्षणिक और सामाजिक क्षेत्र को मंगलवार सुबह बड़ा झटका लगा। शहर के सिताराम नगर परिसर में डॉ. चंद्रभानू सोनवणे कनिष्ठ महाविद्यालय के प्रमुख संस्थाचालक संजीव सोनवणे (65) ने अपने आवास पर खुद को गोली मारकर आत्महत्या कर ली। घटना सामने आने के बाद लातूर के शिक्षा क्षेत्र में हड़कंप मच गया। सोनवणे के निधन से उनके परिचितों में शोक की लहर है।
लातूर शहर के ट्यूशन एरिया स्थित सिताराम नगर परिसर में डॉ. चंद्रभानू सोनवणे कनिष्ठ महाविद्यालय है। इसी संस्था के माध्यम से शिक्षा क्षेत्र में कार्यरत संजीव सोनवणे लातूर के परिचित संस्थाचालक के रूप में जाने जाते थे। मूल रूप से औसा तालुका के मोगरगा गांव के भूमिपुत्र सोनवणे ने शिक्षा क्षेत्र में अपनी अलग पहचान बनाई थी।
शिक्षा क्षेत्र में कार्य करने के साथ ही सोनवणे आर्थिक रूप से कमजोर विद्यार्थियों की मदद के लिए भी परिचित थे। उन्होंने कई गरीब विद्यार्थियों को शिक्षा के लिए आर्थिक सहायता दी। कुछ विद्यार्थियों के रहने की व्यवस्था की जिम्मेदारी भी उन्होंने स्वयं उठाई थी। परिस्थितियों से संघर्ष करते हुए शिक्षा हासिल करने वाले कई विद्यार्थियों के लिए वह सहारा बने हुए थे। उनके अचानक निधन से इन विद्यार्थियों का बड़ा सहारा छिन गया है।
घटना की जानकारी मिलते ही एमआईडीसी पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने घटनास्थल का पंचनामा किया और शव को पोस्टमार्टम के लिए लातूर स्थित विलासराव देशमुख शासकीय मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल भेज दिया।
संजीव सोनवणे ने इतना बड़ा कदम आखिर किस वजह से उठाया, इसकी अभी तक आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आई है। पुलिस घटना की जांच कर रही है और विभिन्न पहलुओं की पड़ताल की जा रही है। जांच के बाद आत्महत्या के पीछे की वास्तविक वजह स्पष्ट होने की संभावना है।
संजीव सोनवणे के निधन की खबर सामने आते ही परिवार, मित्रों, विद्यार्थियों तथा शैक्षणिक और सामाजिक क्षेत्र से जुड़े लोगों ने दुख व्यक्त किया। शिक्षा के लिए अनेक लोगों की मदद करने वाले परिचित संस्थाचालक की अचानक हुई मौत लातूर के शैक्षणिक क्षेत्र के लिए गहरा आघात बनकर सामने आई है।