तस्वीर में दिख रहा है हिंगणघाट में तान्हा पोला उत्सव के दौरान नंदी बैल का पूजन।

हिंगणघाट में मॉ साहेब राजमाता जिजाऊ चौक मित्र समूह की ओर से शिवपर्व अर्बन मल्टीपल निधि लिमिटेड के सौजन्य से भव्य तान्हा पोळा आयोजित किया गया। उत्साह और जल्लोष के बीच आयोजित इस तान्हा पोळे में पारंपरिक संस्कृति के साथ सामाजिक और ऐतिहासिक संदेश देने वाले विभिन्न आकर्षक देखावे प्रस्तुत किए गए। कुल 187 नंदीबैल और बालगोपालों की उत्स्फूर्त भागीदारी इस आयोजन का प्रमुख आकर्षण रही।

पोळे में भगवान महादेव, श्री गणपति, मॉ साहेब राजमाता जिजाऊ, छत्रपति शिवाजी महाराज, राधा-कृष्ण, गोंडराजा और शेतकरी पुत्र सहित ग्रामीण जीवन, किसान आत्महत्या तथा वारकरी दिंडी जैसे विभिन्न विषयों पर बालगोपालों ने कल्पनाशील देखावे प्रस्तुत किए। इन देखावों के माध्यम से बालमन की रचनात्मकता के साथ समाज को महत्वपूर्ण संदेश देने का प्रयास किया गया।

निशाणपुरा, स्वामी विवेकानंद, महावीर, रंगारी, शास्त्री, मोहंता बगीचा, माता मंदिर, शंकर नगर और संत तुकडोजी वार्ड से आए 187 नंदीबैलों ने तान्हा पोळे की शोभा बढ़ाई। आकर्षक सजावट और पारंपरिक वेशभूषा में पहुंचे बालगोपालों का उत्साह देखते ही बनता था।

इस अवसर पर नंदी सजावट और वेशभूषा, इन दो वर्गों में प्रतियोगिता आयोजित की गई। दोनों वर्गों के पांच-पांच विजेताओं को आकर्षक पुरस्कार दिए गए। प्रतियोगिता का परीक्षण स्वामी विवेकानंद अकैडमी के संचालक योगेश वानखेडे सर ने किया। विशेष रूप से कु. रिद्धी अभिजीत गावंडे की आकर्षक सजावट वाला नंदी उपस्थित नागरिकों और बालगोपालों के बीच विशेष आकर्षण का केंद्र रहा।

कार्यक्रम में आयोजित भाग्यशाली सोडती में हर्ष उगले और दिविजा हेडाऊ को साइकिल पुरस्कार के रूप में मिली। इसके अलावा सभी विजेता बच्चों की माताओं को स्व. सौ. छबूताई दे. सुरकार की स्मृति में पैठणी भेंट की गई। पोळे में शामिल प्रत्येक नंदीधारक बालक को आकर्षक उपहार, फल और बिस्किट वितरित किए गए, जिससे बालगोपालों का उत्साह और बढ़ गया।

कार्यक्रम की शुरुआत पोळे के मान के नंदी के विधिवत पूजन से हुई। यह पूजन उपस्थित गणमान्य व्यक्तियों के हाथों किया गया। इस अवसर पर प्रेमबाबू बसंतानी, पूर्व नगराध्यक्ष; विनोदभाऊ झाडे, नगरसेवक; जितूभाऊ कुकसे, पूर्व उपनगराध्यक्ष; प्रविणभाऊ उपासे; अंबादास जी शेळके; सौ. वैशालीताई सुरकार, पूर्व नगरसेवक; राहुलभाऊ मोटवानी; अनिलभाऊ चाफले और प्रकाशभाऊ खिळेकर प्रमुख रूप से उपस्थित रहे।

भव्य आयोजन की सफलता के लिए विक्की राऊत, रुषी सुरकार, आशिष दांडेकर, अखिल देवघरे, निखिल देवघरे, गोलू वरघणे, गोपाल जांभुळे, बापू पावडे, निखिल झोडे, ओम सुरकार, अभि झिलपे, योगेश सुरकार, पियुष सातपुते, हिमांशु आसोले, आयुष सातपुते, पियुष उताणे, यश उताणे, वंश इंदुलकर, आनंद मुळतकर, संदिप नागोसे, आकाश निमकर, हर्ष ठाकरे, मंगलाताई घराटे, पोर्णिमाताई सातपुते, रंजनाताई इंदुलकर, आचलताई राऊत, लक्ष्मी भुरे और प्रतिक्षा भुरे सहित अनेक लोगों ने मेहनत की।

कार्यक्रम का संचालन स्वप्निल सुरकार ने किया, जबकि उपस्थित गणमान्य व्यक्तियों, अभिभावकों, बालगोपालों और नागरिकों का आभार अमित गावंडे ने माना। परंपरा के सम्मान, बालप्रतिभा को मंच और समाजप्रबोधन के संदेश की त्रिसूत्री पर आयोजित हिंगणघाट का तान्हा पोळा उत्साहपूर्ण माहौल में संपन्न हुआ और आयोजन ने नागरिकों के बीच अपनी विशेष छाप छोड़ी।

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